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संभल ब्लॉक के गांव मिलक मिथोली में ग्रामीण पिछले 15 दिनों से बिजली न आने के कारण भीषण गर्मी से परेशान हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके चलते उन्हें इस मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या से गांव के लगभग 50 कनेक्शनधारी उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
Mubarak Ali
संभल ब्लॉक के गांव मिलक मिथोली में ग्रामीण पिछले 15 दिनों से बिजली न आने के कारण भीषण गर्मी से परेशान हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके चलते उन्हें इस मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या से गांव के लगभग 50 कनेक्शनधारी उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
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- संभल के कसेरवा गांव में बुधवार को एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद इस कार्रवाई पर सियासत तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस बुलडोजर एक्शन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इसे 'मुस्लिम मोहल्लों में खौफ पैदा करने के लिए' चलाया गया है। सांसद बर्क ने इस घटना को 'जुल्म की इंतेहा' बताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को 'शहीद' कर दिया गया। उन्होंने महसूस किया कि अधिकारियों ने 'आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ' यह कार्रवाई की है। जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा कि वे इस मामले में न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।1
- जनपद संभल में नदियों और तालाबों की 700 बीघा से अधिक जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त करा लिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद की गई है, जिन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तालाबों और नदियों से अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए थे। संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के आदेशों के अनुसार, जनपद के जलीय स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने की कार्यवाही की जा रही है। पूरे जनपद में ऐसे 65 तालाब चिह्नित किए गए हैं जिनका क्षेत्रफल 2 हेक्टेयर से अधिक है, और इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराकर तालाबों के तौर पर पुनर्जीवित किया जाना है। इसके साथ ही, पुरानी नदियों और उनके स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले लगभग 7 से 10 दिनों के भीतर 700 बीघा से अधिक ऐसी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है, और विकास विभाग द्वारा इस जमीन को उसके मूल स्वरूप में लाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।4
- safai karmi aate nahi1
- संभल के ग्राम कसेरुआ में किसानों ने कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। इस महापंचायत में भूमि अधिग्रहण, खेती की बढ़ती लागत और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की गई, साथ ही संघर्ष को तेज करने का भी संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) के बैनर तले गोकुल सिंह एवं तेजपाल सिंह के बाग में आयोजित किया गया था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए। महापंचायत की अध्यक्षता अमर सिंह ने की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता सत्यभान सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विकास के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के अस्तित्व पर सीधा हमला है। उन्होंने कृषि भूमि की सुरक्षा और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने का आह्वान किया। सत्यभान सिंह ने किसानों को समय पर खाद न मिलने और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी की किसानों की पुरानी मांग पर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही है। महापंचायत में कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध, किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, बढ़ती खेती की लागत और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, और भविष्य के किसान आंदोलनों की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। किसानों ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है और वे अपनी जमीन, आजीविका तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलने और किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में जिला अध्यक्ष सोमपाल सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष भगवान सिंह, जिला सचिव संजय राघव सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की प्रतिज्ञा ली।2
- स्थानीय जानकारी के अनुसार, नल का पानी अब पीने के योग्य नहीं रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रेहरा थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है; जहां पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, वहीं प्रशासन ने आरोपी के मकान को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी आठ वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे भैंसा बुग्गी पर बैठाकर बहला-फुसलाकर खेतों की ओर ले गया, जहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घर लौटने पर बच्ची ने रोते हुए अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन आरोपी के घर शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि वहां आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, मारपीट की तथा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने रेहरा थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर बच्ची को मेडिकल परीक्षण एवं उपचार के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही रेहरा थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 65 (2), पॉक्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इधर, प्रशासन द्वारा आरोपी के मकान पर की गई जेसीबी कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मकान ध्वस्तीकरण देखने के लिए मौके पर एकत्र हुए। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से गांव में कानून व्यवस्था को लेकर एक कड़ा संदेश गया है। वहीं, पीड़ित परिवार ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दिलाने की मांग की है।2
- संभल जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरवा में सरकारी कब्रिस्तान की लगभग 1200 वर्गमीटर भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कार्रवाई के लिए दोपहर 10 बजे से ही गांव कसेरवा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिसमें 60 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पांच थानों की फोर्स शामिल थी। ध्वस्त करने की कार्रवाई के लिए दो बुलडोजर, एक क्रेन मशीन और आधा दर्जन डंपर मौके पर लगाए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद, बुलडोजर ने दोपहर 1 बजे से शाम तक निर्माण को हटाने का कार्य किया। ध्वस्तीकरण शुरू होने से पहले एक ग्रामीण द्वारा आखिरी अजान दी गई। पूरे अभियान के दौरान अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर लगातार चलते रहे और गांव में स्थित मकानों की छत पर पुलिस कमांडो तैनात किए गए थे। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के समय कुछ झंडे और पंपलेट भी मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- एक चौंकाने वाले मामले में, एक 24 साल की युवती को जबरन एक 45 साल के व्यक्ति से शादी कराई जा रही है। इस अन्यायपूर्ण कृत्य पर गहरा सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या यह वास्तव में न्याय है, और लोगों से इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया गया है।1