छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।
छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।
- राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के डॉक्टरों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ पहली बार बेडसोर (प्रेशर अल्सर) के उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस सफलता से अब क्षेत्र के मरीजों को बेडसोर के इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि यह जानलेवा मानी जाने वाली बीमारी का उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा। सूरजपुर जिले के भैयाथान निवासी 35 वर्षीय शोभनाथ, जो पिछले छह माह से पीठ पर बड़े बेडसोर की समस्या से पीड़ित थे, इस सर्जरी से लाभांवित हुए। पैराप्लेजिया (शरीर के निचले हिस्से में लकवा) के कारण वे लंबे समय से बिस्तर पर एक ही स्थिति में लेटे थे, जिससे उन्हें बेडसोर हो गया था। मरीज और उनके परिजनों को प्रतिदिन ड्रेसिंग कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरसी आर्या के मार्गदर्शन और सलाह के बाद मरीज के स्थायी उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी करने का निर्णय लिया गया, जो आमतौर पर बड़े और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में प्लास्टिक सर्जनों द्वारा की जाती है। 13 जून को सर्जरी विभाग की टीम ने मरीज का सफल ऑपरेशन किया। चिकित्सकों ने बताया कि बेडसोर अल्सर का आकार काफी बड़ा होने के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है और उसे बेहतर निगरानी व देखभाल के लिए सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है, जहाँ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज भारती के नेतृत्व में डॉ. आनंद साहू और डॉ. अप्पू की भूमिका रही, वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रूपक कुमार और डॉ. शिवम शर्मा शामिल थे, जबकि स्टाफ नर्स जैसिंटा ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इस प्रकार की फ्लैप सर्जरी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार सफल होना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1
- भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने सरगुजा और उत्तर छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित अंबिकापुर-गढ़वा रोड रेल परियोजना को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अवसंरचना विकास हेतु एक विशेष परियोजना (Special Project) घोषित कर दिया है। इस संबंध में जारी अधिसूचना 25 मई 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित की गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों में बड़ी खुशखबरी है। राजपत्र में प्रकाशित विवरण के अनुसार, अंबिकापुर-गढ़वा रोड के बीच रामानुजगंज होते हुए बरवाडीह तक बनने वाली 261.838 किलोमीटर लंबी सिंगल रेल लाइन को छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में सार्वजनिक उद्देश्य और राष्ट्रीय आधारभूत संरचना विकास के लिए विशेष परियोजना का दर्जा दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 2 के खंड 37A के तहत लिया गया है। रेल मंत्रालय की इस घोषणा के बाद उम्मीद है कि परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से इस रेल लाइन की मांग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों और आम नागरिकों द्वारा की जा रही थी। इस परियोजना के पूरा होने पर सरगुजा संभाग का सीधा रेल संपर्क झारखंड सहित देश के अन्य हिस्सों से और अधिक मजबूत होगा। इससे पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार, रोजगार के अवसरों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सरगुजा, बलरामपुर और आसपास के जिलों के निवासियों को बेहतर यातायात सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोग इसे उत्तर छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं। अब सभी की निगाहें परियोजना के निर्माण कार्यों की शुरुआत और उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।1
- जशपुर के बंबा बस्ती मुंजापारा में पानी के कारण होने वाले कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि यह समस्या वर्ष 2001 से लगातार हर महीने और हर साल चली आ रही है, और अब 2025-26 तक भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस लंबी अवधि में किसी ने भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। बंबा गांव की गलियों में बहता यह कीचड़ प्रदूषण के कारण बहुत बर्बादी पैदा कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक युवक पर गांधीनगर स्थित विनोद किराना स्टोर के सामने दुकानदारों से अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह युवक दुकानदारों से 10-10 और 20-20 रुपए की वसूली कर रहा था, और यह सब बिना कोई रसीद दिए किया जा रहा था। जब दुकानदारों ने उससे रसीद मांगी, तो युवक ने कथित तौर पर 'अतीक अहमद वाला पावर' दिखाना शुरू कर दिया और 'गुंडा' बनकर ठगी कर रहा था। इस घटना के संबंध में युवक ने अपना बचाव करते हुए यह भी बताया कि नगर निगम अंबिकापुर के कर्मचारियों ने उसे रसीद देने से मना किया था। नगर पालिका को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, 112 की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।1
- कोरिया जिले के वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई का सिलसिला इन दिनों जोरों पर है। एक खास रिपोर्ट के अनुसार, जिले के जंगलों में यह गतिविधि बड़े पैमाने पर चल रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हैदराबाद दौरे के दौरान शहर को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं के शुभारंभ से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।1
- अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार तेज हो रही है। इस संबंध में मंगलवार को दो अलग-अलग शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई थी। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने राम जन्मभूमि थाने में शिकायत पत्र सौंपा है, वहीं यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी मामले में FIR दर्ज कराने की बात कही है। सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम मंदिर पहुंचकर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित कई कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की जानकारी जुटाई गई। सूत्रों के अनुसार, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर परिसर में प्रवेश के समय तो कर्मचारियों की जांच होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय उनकी जांच नहीं की जाती थी। इस जांच में अब तक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर समेत पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी निशानदेही पर करीब ₹2 करोड़ की बरामदगी की गई है। बताया गया है कि ये सभी दान राशि की गिनती से जुड़े कार्यों में शामिल थे। पुलिस ने लवकुश और अनुकल्प को हिरासत में लिया है। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन पांडेय ने दावा किया था कि राम मंदिर से ₹5 करोड़ से ₹7.5 करोड़ तक की चोरी हुई है। वहीं, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट तलब की थी। फिलहाल, SIT की जांच जारी है और पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- ग्राम पंचायत बंबा मझपरा बस्ती के निवासियों ने सड़क निर्माण को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि उनके अनुसार वर्ष 2001 से 2026 तक, यानी 25 सालों में भी, इलाके में कोई सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से लोगों को चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और पूरा गांव इस कमी के कारण बहुत मुश्किलों से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अब तक किसी भी सरपंच या स्थानीय प्रतिनिधि ने गांव में सड़क निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की है, जिससे यह समस्या जस की तस बनी हुई है। बस्ती के लोग तत्काल सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।2
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक भाजपा नेता पर जानलेवा हमला हुआ है। इस गंभीर मामले में रज्जाक खान और उनके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1