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जशपुर के बंबा बस्ती मुंजापारा में पानी के कारण होने वाले कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि यह समस्या वर्ष 2001 से लगातार हर महीने और हर साल चली आ रही है, और अब 2025-26 तक भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस लंबी अवधि में किसी ने भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। बंबा गांव की गलियों में बहता यह कीचड़ प्रदूषण के कारण बहुत बर्बादी पैदा कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Maikal Parjapti
जशपुर के बंबा बस्ती मुंजापारा में पानी के कारण होने वाले कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि यह समस्या वर्ष 2001 से लगातार हर महीने और हर साल चली आ रही है, और अब 2025-26 तक भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस लंबी अवधि में किसी ने भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। बंबा गांव की गलियों में बहता यह कीचड़ प्रदूषण के कारण बहुत बर्बादी पैदा कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
More news from Jashpur and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।1
- जशपुर जिले की बगीचा तहसील में स्थित बंबा बस्ती मुंजापारा के निवासियों ने अपनी परेशानियों को लेकर आवाज़ उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बस्ती में सड़क की हालत बेहद खराब है, जिसके कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मझपरा बस्ती में जल संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण बस्ती के संदर्भ में भी बात की गई है।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने यहाँ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास को नई गति मिली है।1
- छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।1
- चैनपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों और विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। प्रखंड अध्यक्ष सुशांति देवी की अध्यक्षता में लूथरन बगीचा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, संघ ने अपने पूर्व निर्धारित धरना-प्रदर्शन की तिथि में बदलाव करते हुए अब चौबीस जून दो हजार छब्बीस को जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संघ ने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा बाईस एवं तेईस जून दो हजार छब्बीस को सभी प्रखंडों में एसआईआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के कारण, चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन की तिथि को आगे बढ़ाया गया है। प्रखंड अध्यक्ष सुशांति देवी ने इस बदलाव को देशहित और अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देने वाला कदम बताया। बैठक में उपस्थित आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया और आगामी चौबीस जून को शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर चैनपुर प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं मौजूद थीं, जिन्होंने अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता जताई।1
- चैनपुर प्रखंड के रामपुर मोड़ के समीप वन विभाग ने अवैध रूप से खनन किए गए बॉक्साइट के परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। रविवार शाम करीब 6 बजे प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान एक 12 चक्का ट्रक को जब्त किया गया।1
- राज्य सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह आयोजन "योगमय झारखंड" की थीम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। विभागीय सचिव के पत्रांक 2361 दिनांक 09 जून 2026 के आलोक में, जिले के सभी विद्यालय 21 जून (रविवार) को एक सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। योग गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों और प्रखंड स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा योग विद्या में निपुण शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षकों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास शामिल है, ताकि विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में 17 जून 2026 को योग क्लबों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन क्लबों का लक्ष्य वर्ष भर योग गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालयों में कविता लेखन, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में योग की भूमिका को अभिव्यक्त करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सफल बनाने की अपील की है। गुमला के उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि "योगमय झारखंड" अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ योग के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालयों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी योग आंदोलन से जुड़ सके।2
- जशपुर के बंबा बस्ती मुंजापारा में पानी के कारण होने वाले कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि यह समस्या वर्ष 2001 से लगातार हर महीने और हर साल चली आ रही है, और अब 2025-26 तक भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस लंबी अवधि में किसी ने भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। बंबा गांव की गलियों में बहता यह कीचड़ प्रदूषण के कारण बहुत बर्बादी पैदा कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4