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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
हमर जशपुर
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। अपने दौरे के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को एक नई गति मिली है। इन पहलों से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
- राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के डॉक्टरों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ पहली बार बेडसोर (प्रेशर अल्सर) के उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस सफलता से अब क्षेत्र के मरीजों को बेडसोर के इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि यह जानलेवा मानी जाने वाली बीमारी का उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा। सूरजपुर जिले के भैयाथान निवासी 35 वर्षीय शोभनाथ, जो पिछले छह माह से पीठ पर बड़े बेडसोर की समस्या से पीड़ित थे, इस सर्जरी से लाभांवित हुए। पैराप्लेजिया (शरीर के निचले हिस्से में लकवा) के कारण वे लंबे समय से बिस्तर पर एक ही स्थिति में लेटे थे, जिससे उन्हें बेडसोर हो गया था। मरीज और उनके परिजनों को प्रतिदिन ड्रेसिंग कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरसी आर्या के मार्गदर्शन और सलाह के बाद मरीज के स्थायी उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी करने का निर्णय लिया गया, जो आमतौर पर बड़े और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में प्लास्टिक सर्जनों द्वारा की जाती है। 13 जून को सर्जरी विभाग की टीम ने मरीज का सफल ऑपरेशन किया। चिकित्सकों ने बताया कि बेडसोर अल्सर का आकार काफी बड़ा होने के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है और उसे बेहतर निगरानी व देखभाल के लिए सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है, जहाँ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज भारती के नेतृत्व में डॉ. आनंद साहू और डॉ. अप्पू की भूमिका रही, वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रूपक कुमार और डॉ. शिवम शर्मा शामिल थे, जबकि स्टाफ नर्स जैसिंटा ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इस प्रकार की फ्लैप सर्जरी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहली बार सफल होना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1
- डुमरी प्रखंड क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद में एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार की असहमति से नाराज किशोरी के इस कदम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी जिस युवक से विवाह करना चाहती थी, उसके लिए परिजनों ने सहमति नहीं दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया और टावर पर ही फांसी का फंदा तैयार कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। सूचना पर डुमरी थाना पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। किशोरी करीब तीन से चार घंटे तक टावर पर डटी रही। इस दौरान डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने लगातार उससे बातचीत की। उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को समझाया, उसके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला दिया तथा कोई गलत कदम नहीं उठाने की अपील की। लंबे प्रयासों के बाद किशोरी पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गई और सुरक्षित नीचे उतर आई। टावर से नीचे आने के बाद, पुलिस और परिजनों ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और कानून के अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई है। साथ ही उसे यह भरोसा दिलाया गया कि बालिग होने के बाद वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की कि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने विशेष रूप से एसआई मनोज कुमार की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय पहल की सराहना की, जिसके कारण किशोरी की जान बच सकी।1
- डुमरी प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद पर अड़ गई। परिजनों द्वारा इस बात से इनकार करने पर किशोरी नाराज होकर सीधे मोबाइल टावर के शीर्ष पर जा चढ़ी। शादी की इस जिद के चलते हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद, एक बड़ा हादसा टल गया।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद के बीच अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जब चढ़ावे को लेकर चिंता जताई जा रही है, तब लोग आपस में सहयोग कर भंडारे कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि "पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं होती" और उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने तथा भोजन कराने को सबसे बड़ा धर्म बताया। इसी क्रम में, अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन आगे भी कायम रहेगा और सभी विपक्षी दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी को हराने का काम करेंगे। अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।1
- बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।1
- ग्राम पंचायत बंबा मझपरा बस्ती के निवासियों ने सड़क निर्माण को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि उनके अनुसार वर्ष 2001 से 2026 तक, यानी 25 सालों में भी, इलाके में कोई सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से लोगों को चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और पूरा गांव इस कमी के कारण बहुत मुश्किलों से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अब तक किसी भी सरपंच या स्थानीय प्रतिनिधि ने गांव में सड़क निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की है, जिससे यह समस्या जस की तस बनी हुई है। बस्ती के लोग तत्काल सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हैदराबाद दौरे के दौरान शहर को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं के शुभारंभ से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।1
- भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने सरगुजा और उत्तर छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित अंबिकापुर-गढ़वा रोड रेल परियोजना को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अवसंरचना विकास हेतु एक विशेष परियोजना (Special Project) घोषित कर दिया है। इस संबंध में जारी अधिसूचना 25 मई 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित की गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों में बड़ी खुशखबरी है। राजपत्र में प्रकाशित विवरण के अनुसार, अंबिकापुर-गढ़वा रोड के बीच रामानुजगंज होते हुए बरवाडीह तक बनने वाली 261.838 किलोमीटर लंबी सिंगल रेल लाइन को छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में सार्वजनिक उद्देश्य और राष्ट्रीय आधारभूत संरचना विकास के लिए विशेष परियोजना का दर्जा दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 2 के खंड 37A के तहत लिया गया है। रेल मंत्रालय की इस घोषणा के बाद उम्मीद है कि परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से इस रेल लाइन की मांग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों और आम नागरिकों द्वारा की जा रही थी। इस परियोजना के पूरा होने पर सरगुजा संभाग का सीधा रेल संपर्क झारखंड सहित देश के अन्य हिस्सों से और अधिक मजबूत होगा। इससे पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार, रोजगार के अवसरों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सरगुजा, बलरामपुर और आसपास के जिलों के निवासियों को बेहतर यातायात सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोग इसे उत्तर छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं। अब सभी की निगाहें परियोजना के निर्माण कार्यों की शुरुआत और उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।1