डुमरी प्रखंड क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद में एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार की असहमति से नाराज किशोरी के इस कदम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी जिस युवक से विवाह करना चाहती थी, उसके लिए परिजनों ने सहमति नहीं दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया और टावर पर ही फांसी का फंदा तैयार कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। सूचना पर डुमरी थाना पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। किशोरी करीब तीन से चार घंटे तक टावर पर डटी रही। इस दौरान डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने लगातार उससे बातचीत की। उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को समझाया, उसके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला दिया तथा कोई गलत कदम नहीं उठाने की अपील की। लंबे प्रयासों के बाद किशोरी पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गई और सुरक्षित नीचे उतर आई। टावर से नीचे आने के बाद, पुलिस और परिजनों ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और कानून के अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई है। साथ ही उसे यह भरोसा दिलाया गया कि बालिग होने के बाद वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की कि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने विशेष रूप से एसआई मनोज कुमार की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय पहल की सराहना की, जिसके कारण किशोरी की जान बच सकी।
डुमरी प्रखंड क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद में एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार की असहमति से नाराज किशोरी के इस कदम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी जिस युवक से विवाह करना चाहती थी, उसके लिए परिजनों ने सहमति नहीं दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया और टावर पर ही फांसी का फंदा तैयार कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। सूचना पर डुमरी थाना पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। किशोरी करीब तीन से चार घंटे तक टावर पर डटी रही। इस दौरान डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने लगातार उससे बातचीत की। उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को समझाया, उसके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला दिया तथा कोई गलत कदम नहीं उठाने की अपील की। लंबे प्रयासों के बाद किशोरी पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गई और सुरक्षित नीचे उतर आई। टावर से नीचे आने के बाद, पुलिस और परिजनों ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और कानून के अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई है। साथ ही उसे यह भरोसा दिलाया गया कि बालिग होने के बाद वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की कि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने विशेष रूप से एसआई मनोज कुमार की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय पहल की सराहना की, जिसके कारण किशोरी की जान बच सकी।
- योग ध्यान शिविर के तीसरे दिन भजन के साथ योगाभ्यास किया गया। इस दौरान योग गुरु ने उज्जाई प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और शीतली प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए उनके लाभों की जानकारी दी। साथ ही, पूर्ण वज्रासन, पद्मासन और मंडूकासन का भी अभ्यास कराया गया। हृदय चक्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए श्वासों की गति की गणना करने की विधि भी बताई गई। आज के योग शिविर में वृंदावन से आए राधा-कृष्ण भक्तों की मंडली ने सामूहिक योग में भाग लिया। शिविर का समापन योग भजन और शांति पाठ के साथ हुआ। इसके अतिरिक्त, राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई परिसर में भी योग कराया गया, जहाँ 21 जून 2026, रविवार को योग प्रोटोकॉल के अनुसार आसन किए गए। इसमें विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएँ और शिक्षक गण शामिल हुए। इस दौरान 100 वर्षों तक निरोग रहने के लिए योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया।4
- झारखंड के लोहरदगा जिले में सड़क निर्माण से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां सड़क बनाने के लिए लोहे की छड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यह दृश्य वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अपनी हैरत जता रहे हैं।1
- रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि व्यापार मेला में सिमडेगा जिले ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। जिले की ओर से बानो प्रखंड की बिवरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी और कोलेबिरा प्रखंड की कोलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने दो अलग-अलग स्टॉल लगाए हैं, जहां स्थानीय किसानों और महिला समूहों द्वारा उत्पादित कृषि एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। बिवरा एफपीओ के स्टॉल पर आम्रपाली, मालदा, गुलाब खास, लंगड़ा, मल्लिका किस्म के आम सहित पपीता, कटहल, जामुन, डाहु, अनानास और खजूर जैसे ताजे फलों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। मेले के पहले दिन से ही इस स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है और आगंतुकों ने फलों की गुणवत्ता व आकर्षक प्रस्तुति देखकर अग्रिम बुकिंग भी शुरू कर दी है। वहीं, कोलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के स्टॉल पर स्वास्थ्यवर्धक और पोषक तत्वों से भरपूर रागी आधारित उत्पादों की विशेष मांग देखी जा रही है, जिससे स्थानीय किसानों और उत्पादकों का उत्साह बढ़ा है। मेले का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया, जिन्होंने स्टॉल भ्रमण के दौरान सिमडेगा जिले के दोनों स्टॉलों का अवलोकन कर प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की। माननीय मुख्यमंत्री ने सिमडेगा के किसानों को अपने आम का लंदन तक निर्यात करने पर शुभकामनाएँ दीं, जिससे स्टॉल से जुड़े किसानों और उत्पादकों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर माननीय ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय और कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने भी सिमडेगा जिले के स्टॉलों का भ्रमण कर किसानों, स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। सिमडेगा जिले के स्टॉलों में जेएसएलपीएस के माध्यम से संचालित सखी मंडलों एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका पहलों का भी प्रदर्शन किया गया है। साथ ही पलाश ब्रांड के विभिन्न उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया, जिनकी आगंतुकों द्वारा खूब सराहना की जा रही है। कृषि व्यापार मेला में सिमडेगा जिले की सक्रिय भागीदारी और स्थानीय उत्पादों को मिल रही सराहना यह दर्शाती है कि जिले के किसान, महिला स्वयं सहायता समूह एवं एफपीओ आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हैं और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।1
- बसिया प्रखंड के कोनबीर बाजार टांड़ स्थित विवाह मंडप में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एसआईआर (SIR) को लेकर बुलाई गई थी, जिसमें सिसई विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी और गुमला जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य बिंदु 'अनमैप्ड' यानी छूटे हुए मतदाताओं का मुद्दा था। विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मद्देनजर कोई भी पात्र मतदाता न छूटने देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होकर छूटे हुए लोगों की पहचान करनी होगी और उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया में हर संभव सहयोग देना होगा। इसके लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाकर एक विशेष रणनीति के तहत काम करने पर बल दिया गया। जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा और विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी ने इस दौरान संगठन की मजबूती पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं की बूथवार जिम्मेदारियां तय कीं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रत्येक घर तक पहुंचना होगा और जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनना होगा। इस संगठनात्मक बैठक में प्रखंड अध्यक्ष विकास साहू सहित कांग्रेस के कई अन्य प्रखंड कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के एक गाँव में ग्रामीणों को पीने के लिए गंदा पानी मजबूरन इस्तेमाल करना पड़ रहा है। गाँव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है, क्योंकि यहाँ एक भी जल मीनार मौजूद नहीं है। यह स्थिति क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।1
- आजसू पार्टी की सिमडेगा जिला इकाई ने मंगलवार को जिला कार्यालय, ठाकुर टोली में जिला अध्यक्ष धूपेंद्र पांडे की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 22 जून 2026 को धनबाद में होने वाले पार्टी के 40वें स्थापना दिवस और जनआक्रोश मार्च की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सिमडेगा जिला आजसू पार्टी की जिला कमेटी, केंद्रीय कमेटी, विभिन्न आनुषांगिक इकाइयों, छात्र संघ तथा पार्टी के सभी विंगों के पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धनबाद पहुंचकर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। संगठन द्वारा इस आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां कर ली गई हैं। जिला अध्यक्ष धूपेंद्र पांडे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आजसू पार्टी संघर्ष और बलिदान से उत्पन्न हुई है, जिसने झारखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण और सर्वोच्च योगदान दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब समय झारखंड को संवारने का है और आजसू पार्टी अपने पुराने तेवर के साथ जनहित के मुद्दों पर पूरी मज़बूती से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम ही बनाये हैं, हम ही संवारेंगे।" पांडे ने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस स्थापना दिवस सह जनआक्रोश मार्च को सफल बनाने का आह्वान भी किया। इस बैठक में जिला सचिव विकास बड़ाईक, जिला उपाध्यक्ष अनिल मेहर, जिला प्रवक्ता शिवनाथ डेहरी, अनुसूचित जनजाति जिला अध्यक्ष नारायण बड़ाईक और सिमडेगा प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- जशपुर जिले की बगीचा तहसील में स्थित बंबा बस्ती मुंजापारा के निवासियों ने अपनी परेशानियों को लेकर आवाज़ उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बस्ती में सड़क की हालत बेहद खराब है, जिसके कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मझपरा बस्ती में जल संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण बस्ती के संदर्भ में भी बात की गई है।4
- लोहरदगा जिले के अरकोसा नावा टोली में रेलवे द्वारा सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्य को सीधे तौर पर 'जांच का विषय' करार दिया गया है। इसी बीच, कार्यस्थल पर मौजूद एक कार्यरत व्यक्ति को जब 'मुंशी जी' कहकर संबोधित किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'हम मुंशी नहीं, मजदूर हैं'। यह बयान न केवल श्रमिकों की पहचान पर, बल्कि पूरे निर्माण कार्य की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है, जिसके चलते इस पूरे मामले की गहन जांच की आवश्यकता बताई गई है।1