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बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।
Vijay Singh
बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।
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- बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।1
- मंगलवार को चिनिया थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव परशुखाड़ में थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक के नेतृत्व में पुलिस द्वारा एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक बुराइयों और अपराधों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा नियमों, नशा मुक्ति, डायल-112 की उपयोगिता, डायन-भूत जैसी अंधविश्वासी कुरीतियों से बचाव, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा बाल विवाह निषेध कानून की विस्तार से जानकारी दी गई। थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि समाज में फैली कुरीतियों और अपराधों के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना तत्काल डायल-112 पर देने का आग्रह किया। साथ ही, नशे से दूर रहने और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। इस जन-जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और थाना के सशस्त्र बल के जवान उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि ऐसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक युवक पर गांधीनगर स्थित विनोद किराना स्टोर के सामने दुकानदारों से अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह युवक दुकानदारों से 10-10 और 20-20 रुपए की वसूली कर रहा था, और यह सब बिना कोई रसीद दिए किया जा रहा था। जब दुकानदारों ने उससे रसीद मांगी, तो युवक ने कथित तौर पर 'अतीक अहमद वाला पावर' दिखाना शुरू कर दिया और 'गुंडा' बनकर ठगी कर रहा था। इस घटना के संबंध में युवक ने अपना बचाव करते हुए यह भी बताया कि नगर निगम अंबिकापुर के कर्मचारियों ने उसे रसीद देने से मना किया था। नगर पालिका को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, 112 की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने यहाँ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास को नई गति मिली है।1
- झारखंड के गढ़वा जिले के लिए यह गौरव और खुशी की बात है कि स्थानीय फिल्म "लॉकडाउन के गोद में" को प्रतिष्ठित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि से जिले के फिल्म प्रेमियों, कलाकारों और युवाओं में उत्साह का माहौल है। यह फिल्म लॉकडाउन काल की संवेदनशील परिस्थितियों और आम लोगों के संघर्ष की कहानी को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे महज 20 वर्षीय युवा फिल्मकार विजय हिंद ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद मोबाइल फोन से शूट किया। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी (डीओपी) में नीरज कुमार, रवि रंजन और रमेश बाबू का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि अजय बाबू समेत पूरी टीम ने निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म का निर्माण गढ़वा के वरिष्ठ फिल्म निर्माता दयाशंकर गुप्ता द्वारा किया गया है। निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने इस चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे झारखंड से आई सैकड़ों फिल्मों के बीच गढ़वा की फिल्म का चुना जाना जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गढ़वा में फिल्म निर्माण के लिए आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद, यहां के युवा कलाकार अपनी प्रतिभा, मेहनत और जुनून से लगातार नई पहचान बना रहे हैं, जिसका उदाहरण विजय हिंद जैसे युवा फिल्मकार हैं जो दर्शाते हैं कि लगन और समर्पण से सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। "लॉकडाउन के गोद में" ने अपने प्रदर्शन के दौरान दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की थी और लॉकडाउन के दौरान आम लोगों की पीड़ा, संघर्ष व भावनात्मक पहलुओं को दर्शाने वाली इस फिल्म को एक प्रमुख न्यूज चैनल पर लगभग 20 लाख दर्शकों ने देखा था, जिसकी कहानी और प्रस्तुति को खूब सराहा गया। जानकारी के अनुसार, यह फिल्म 26 जून से 28 जून तक रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी में आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएगी। इस आयोजन में बॉलीवुड के कई प्रसिद्ध कलाकार, लेखक, निर्देशक और निर्माता शामिल होंगे, और ऐसे मंच पर गढ़वा की फिल्म का प्रदर्शन जिले के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है। फिल्म के चयन की खबर मिलते ही गढ़वा जिले में खुशी का माहौल है, जहां कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों ने इसे स्थानीय प्रतिभाओं की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के अन्य युवा कलाकारों को भी प्रेरणा देगी और क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान प्राप्त होगी। वहीं, युवा फिल्मकार विजय हिंद की हालिया फिल्म "हॉस्पिटल" भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो दर्द, संघर्ष और रोमांच से भरपूर है। इसमें विजय हिंद मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अभिनेत्री रौनक तिवारी ने अपने प्रभावशाली अभिनय से कहानी को मजबूत बनाया है। निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने "हॉस्पिटल" के अंतिम क्लाइमैक्स की विशेष प्रशंसा की है, जिसे वे दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ने वाला मानते हैं। विजय हिंद ने दर्शकों के प्यार, स्नेह और आशीर्वाद को बेहतर फिल्में बनाने की प्रेरणा बताया है, यह कहते हुए कि उनका सपना है कि गढ़वा की फिल्मों को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान मिले। गढ़वा की इस उपलब्धि को क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और समर्पण आने वाले समय में गढ़वा को झारखंड के महत्वपूर्ण फिल्म केंद्रों में शामिल कर सकता है, और "लॉकडाउन के गोद में" का चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में चयन जिले की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।1
- छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।1
- सोनभद्र जनपद के विकास खंड दुद्धी अंतर्गत ग्राम पंचायत सलेयाडीह से जनहित से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह की पहल और प्रयासों से ग्राम पंचायत सलेयाडीह को हाईमास्ट लाइट की सौगात मिली है, जिससे स्थानीय लोगों को जल्द ही बेहतर रोशनी और सुरक्षा की सुविधा मिलने वाली है। विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत ग्राम सलेयाडीह के कोन मोड़ मार्ग से सटे विंढमगंज उप स्वास्थ्य केंद्र के बाउंड्री परिसर के अंदर 12.50 मीटर ऊंची यह हाईमास्ट लाइट स्थापित की जा रही है, जो पूरे क्षेत्र में बेहतर रोशनी सुनिश्चित करेगी और आमजन को काफी सुविधा प्रदान करेगी। बताया गया है कि इस महत्वपूर्ण विकास कार्य को धरातल पर लाने में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह की सक्रिय भूमिका रही है, और उनके जनहित के प्रति समर्पण के कारण ही यह सुविधा ग्राम पंचायत को प्राप्त हुई है। इस योजना को मा. सदस्य विधान परिषद मिर्जापुर-सोनभद्र श्यामनारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के सहयोग एवं प्रयासों से स्वीकृति मिली है, जबकि जिला पंचायत सोनभद्र कार्यदायी संस्था के रूप में इस कार्य का संचालन कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि हाईमास्ट लाइट लगने से रात के समय स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों, राहगीरों, विद्यार्थियों और आसपास के निवासियों को काफी लाभ मिलेगा। यह कदम क्षेत्र में अंधेरे की समस्या को दूर करेगा और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह कार्य गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्हें भरोसा है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की विकास योजनाएं गांव तक पहुंचती रहेंगी और सलेयाडीह विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। फिलहाल, सलेयाडीह में विकास की यह नई रोशनी ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और उम्मीद की चमक लेकर आई है।3
- सरगुजा क्षेत्र के गांधीनगर थाना अंतर्गत साईं मंदिर के पास एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने पवित्र वस्त्र पहनकर और खुद को ब्राह्मण जाति का बताकर एक युवती के साथ झाड़-फूंक के बहाने बलात्कार जैसा घिनौना कृत्य किया। बताया गया है कि इस घिनौने काम को दो आरोपियों ने अंजाम दिया, जिनमें प्रसोतम नाम का एक साथी भी शामिल है जो एक आंख से कमजोर है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सरगुजा पुलिस अभी भी दो आरोपियों की तलाश कर रही है। इस वारदात ने पवित्र वस्त्र को भी कलंकित कर दिया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि क्या इस मामले को दबाने की साजिश की जाएगी।1