राज्य सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह आयोजन "योगमय झारखंड" की थीम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। विभागीय सचिव के पत्रांक 2361 दिनांक 09 जून 2026 के आलोक में, जिले के सभी विद्यालय 21 जून (रविवार) को एक सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। योग गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों और प्रखंड स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा योग विद्या में निपुण शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षकों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास शामिल है, ताकि विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में 17 जून 2026 को योग क्लबों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन क्लबों का लक्ष्य वर्ष भर योग गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालयों में कविता लेखन, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में योग की भूमिका को अभिव्यक्त करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सफल बनाने की अपील की है। गुमला के उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि "योगमय झारखंड" अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ योग के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालयों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी योग आंदोलन से जुड़ सके।
राज्य सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह आयोजन "योगमय झारखंड" की थीम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। विभागीय सचिव के पत्रांक 2361 दिनांक 09 जून 2026 के आलोक में, जिले के सभी विद्यालय 21 जून (रविवार) को एक सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। योग गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों और प्रखंड स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा योग विद्या में निपुण शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षकों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास शामिल है, ताकि विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में 17 जून 2026 को योग क्लबों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन क्लबों का लक्ष्य वर्ष भर योग गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में
स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालयों में कविता लेखन, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में योग की भूमिका को अभिव्यक्त करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सफल बनाने की अपील की है। गुमला के उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि "योगमय झारखंड" अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ योग के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालयों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी योग आंदोलन से जुड़ सके।
- बसिया प्रखंड के कोनबीर बाजार टांड़ स्थित विवाह मंडप में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एसआईआर (SIR) को लेकर बुलाई गई थी, जिसमें सिसई विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी और गुमला जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य बिंदु 'अनमैप्ड' यानी छूटे हुए मतदाताओं का मुद्दा था। विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मद्देनजर कोई भी पात्र मतदाता न छूटने देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होकर छूटे हुए लोगों की पहचान करनी होगी और उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया में हर संभव सहयोग देना होगा। इसके लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाकर एक विशेष रणनीति के तहत काम करने पर बल दिया गया। जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा और विधानसभा प्रभारी आतिफ सिद्दीकी ने इस दौरान संगठन की मजबूती पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं की बूथवार जिम्मेदारियां तय कीं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रत्येक घर तक पहुंचना होगा और जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनना होगा। इस संगठनात्मक बैठक में प्रखंड अध्यक्ष विकास साहू सहित कांग्रेस के कई अन्य प्रखंड कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के एक गाँव में ग्रामीणों को पीने के लिए गंदा पानी मजबूरन इस्तेमाल करना पड़ रहा है। गाँव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है, क्योंकि यहाँ एक भी जल मीनार मौजूद नहीं है। यह स्थिति क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।1
- जशपुर जिले की बगीचा तहसील में स्थित बंबा बस्ती मुंजापारा के निवासियों ने अपनी परेशानियों को लेकर आवाज़ उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बस्ती में सड़क की हालत बेहद खराब है, जिसके कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मझपरा बस्ती में जल संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण बस्ती के संदर्भ में भी बात की गई है।4
- सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत मेरोमडेगा में बन रहे कालीकरण पथ निर्माण कार्य का प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज और प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान पथ निर्माण की गुणवत्ता और इसमें प्रयुक्त सामग्री पर खास ध्यान दिया गया। निरीक्षण में, सड़क में इस्तेमाल किए गए पत्थरों और डामर के सही अनुपात की जांच की गई, साथ ही कालीकरण की परत निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, यह भी मापा गया। अधिकारियों ने सड़क के किनारों (शोल्डर) और चौड़ाई का भी माप लिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा नियमों की अनदेखी या घटिया सामग्री का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। मौके पर, प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज ने निर्माण कार्य में लगे संवेदक और जेई-इंजीनियरों पर आरोप लगाया कि वे गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम करा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से ही पूरा किया जाए। वहीं, प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने बताया कि माननीय विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी के प्रयासों से ही इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सड़क के बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का विकास भी होगा। इस अवसर पर सिपरियान कंडूलना, अतुल केरकेट्टा, रंजीत डुंगडुंग, असजद अफरीदी, असित केरकेट्टा, शाहबाज अली सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।1
- लातेहार के उप विकास आयुक्त मोहम्मद सय्यद रियाज़ अहमद ने मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज सहित आवास, मनरेगा, पेयजल, बाल विकास, जेएसएलपीएस (JSLPS) एवं अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। उप विकास आयुक्त ने सभी योजनाओं में तेजी लाने और आवास योजना से संबंधित ग्रामसभा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड मुख्यालय पंचायत में आवास योजना के जियो टैगिंग के नाम पर पंचायत सेवक विजय शंकर राम पर पैसे लेने के लगे आरोप को अत्यंत गंभीरता से लिया। इस आरोप पर संज्ञान लेते हुए, उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल विजय शंकर राम से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। बैठक में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को भी शीघ्र दुरुस्त कराने का निर्देश जारी किया गया। समीक्षा बैठक से पहले, उप विकास आयुक्त ने मंगरा स्थित एकलव्य विद्यालय का निरीक्षण कर प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने बेतला के अखरा में नवनिर्मित पुलिस पिकेट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान, सीओ लोकेश कुमार सिंह, बीपीओ दिलशाद आलम, सहायक अभियंता प्रभाकर मणि, पेयजल विभाग के जेई पीयूष रंजन और आवास समन्वयक शिव यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।1
- जशपुर के बंबा बस्ती मुंजापारा में पानी के कारण होने वाले कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि यह समस्या वर्ष 2001 से लगातार हर महीने और हर साल चली आ रही है, और अब 2025-26 तक भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस लंबी अवधि में किसी ने भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई सुनवाई हुई है। बंबा गांव की गलियों में बहता यह कीचड़ प्रदूषण के कारण बहुत बर्बादी पैदा कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- लोहरदगा जिले के अरकोसा नावा टोली में रेलवे द्वारा सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्य को सीधे तौर पर 'जांच का विषय' करार दिया गया है। इसी बीच, कार्यस्थल पर मौजूद एक कार्यरत व्यक्ति को जब 'मुंशी जी' कहकर संबोधित किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'हम मुंशी नहीं, मजदूर हैं'। यह बयान न केवल श्रमिकों की पहचान पर, बल्कि पूरे निर्माण कार्य की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है, जिसके चलते इस पूरे मामले की गहन जांच की आवश्यकता बताई गई है।1
- सिमडेगा जिला प्रशासन ने बेसहारा, अनाथ, सिंगल पेरेंट्स परिवारों के बच्चों और विशेष परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण तथा उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से "सतर्क सिमडेगा" अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान का उद्घाटन समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कंचन सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, उपाध्यक्ष सोनी पैंकरा एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर संयुक्त रूप से किया। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसके तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो असुरक्षित, उपेक्षित या विशेष सहयोग के पात्र हैं। प्रारंभिक सर्वेक्षण में अब तक 54 बच्चों की पहचान की गई है, जिन्हें तत्काल सहायता और संरक्षण की आवश्यकता है। प्रशासन इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेगा। उपायुक्त कंचन सिंह ने इसे केवल बच्चों की पहचान का अभियान नहीं, बल्कि उनके लिए एक मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने का प्रयास बताया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया। अभियान के तहत एक विशेष क्यूआर कोड और डिजिटल सर्वे प्रणाली भी शुरू की गई है, जिससे आम नागरिक भी जरूरतमंद बच्चों की जानकारी प्रशासन तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।1