सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत मेरोमडेगा में बन रहे कालीकरण पथ निर्माण कार्य का प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज और प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान पथ निर्माण की गुणवत्ता और इसमें प्रयुक्त सामग्री पर खास ध्यान दिया गया। निरीक्षण में, सड़क में इस्तेमाल किए गए पत्थरों और डामर के सही अनुपात की जांच की गई, साथ ही कालीकरण की परत निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, यह भी मापा गया। अधिकारियों ने सड़क के किनारों (शोल्डर) और चौड़ाई का भी माप लिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा नियमों की अनदेखी या घटिया सामग्री का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। मौके पर, प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज ने निर्माण कार्य में लगे संवेदक और जेई-इंजीनियरों पर आरोप लगाया कि वे गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम करा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से ही पूरा किया जाए। वहीं, प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने बताया कि माननीय विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी के प्रयासों से ही इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सड़क के बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का विकास भी होगा। इस अवसर पर सिपरियान कंडूलना, अतुल केरकेट्टा, रंजीत डुंगडुंग, असजद अफरीदी, असित केरकेट्टा, शाहबाज अली सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत मेरोमडेगा में बन रहे कालीकरण पथ निर्माण कार्य का प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज और प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान पथ निर्माण की गुणवत्ता और इसमें प्रयुक्त सामग्री पर खास ध्यान दिया गया। निरीक्षण में, सड़क में इस्तेमाल किए गए पत्थरों और डामर के सही अनुपात की जांच की गई, साथ ही कालीकरण की परत निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, यह भी मापा गया। अधिकारियों ने सड़क के किनारों (शोल्डर) और चौड़ाई का भी माप लिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा नियमों की अनदेखी या घटिया सामग्री का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। मौके पर, प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज ने निर्माण कार्य में लगे संवेदक और जेई-इंजीनियरों पर आरोप लगाया कि वे गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम करा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से ही पूरा किया जाए। वहीं, प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू ने बताया कि माननीय विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी के प्रयासों से ही इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सड़क के बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का विकास भी होगा। इस अवसर पर सिपरियान कंडूलना, अतुल केरकेट्टा, रंजीत डुंगडुंग, असजद अफरीदी, असित केरकेट्टा, शाहबाज अली सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
- डुमरी प्रखंड क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी अपनी पसंद के युवक से शादी करने की जिद में एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। परिवार की असहमति से नाराज किशोरी के इस कदम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी जिस युवक से विवाह करना चाहती थी, उसके लिए परिजनों ने सहमति नहीं दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया और टावर पर ही फांसी का फंदा तैयार कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। सूचना पर डुमरी थाना पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। किशोरी करीब तीन से चार घंटे तक टावर पर डटी रही। इस दौरान डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार ने लगातार उससे बातचीत की। उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को समझाया, उसके भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला दिया तथा कोई गलत कदम नहीं उठाने की अपील की। लंबे प्रयासों के बाद किशोरी पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गई और सुरक्षित नीचे उतर आई। टावर से नीचे आने के बाद, पुलिस और परिजनों ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और कानून के अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई है। साथ ही उसे यह भरोसा दिलाया गया कि बालिग होने के बाद वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की कि समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने विशेष रूप से एसआई मनोज कुमार की सूझबूझ, धैर्य और मानवीय पहल की सराहना की, जिसके कारण किशोरी की जान बच सकी।1
- योग ध्यान शिविर के तीसरे दिन भजन के साथ योगाभ्यास किया गया। इस दौरान योग गुरु ने उज्जाई प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और शीतली प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए उनके लाभों की जानकारी दी। साथ ही, पूर्ण वज्रासन, पद्मासन और मंडूकासन का भी अभ्यास कराया गया। हृदय चक्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए श्वासों की गति की गणना करने की विधि भी बताई गई। आज के योग शिविर में वृंदावन से आए राधा-कृष्ण भक्तों की मंडली ने सामूहिक योग में भाग लिया। शिविर का समापन योग भजन और शांति पाठ के साथ हुआ। इसके अतिरिक्त, राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई परिसर में भी योग कराया गया, जहाँ 21 जून 2026, रविवार को योग प्रोटोकॉल के अनुसार आसन किए गए। इसमें विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएँ और शिक्षक गण शामिल हुए। इस दौरान 100 वर्षों तक निरोग रहने के लिए योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया।4
- राज्य सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आगामी 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस वर्ष यह आयोजन "योगमय झारखंड" की थीम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। विभागीय सचिव के पत्रांक 2361 दिनांक 09 जून 2026 के आलोक में, जिले के सभी विद्यालय 21 जून (रविवार) को एक सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। योग गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों और प्रखंड स्तर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा योग विद्या में निपुण शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षकों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास शामिल है, ताकि विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में 17 जून 2026 को योग क्लबों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन क्लबों का लक्ष्य वर्ष भर योग गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालयों में कविता लेखन, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में योग की भूमिका को अभिव्यक्त करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सफल बनाने की अपील की है। गुमला के उपायुक्त श्री दिलेश्वर महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि "योगमय झारखंड" अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ योग के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालयों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी योग आंदोलन से जुड़ सके।2
- डुमरी प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद पर अड़ गई। परिजनों द्वारा इस बात से इनकार करने पर किशोरी नाराज होकर सीधे मोबाइल टावर के शीर्ष पर जा चढ़ी। शादी की इस जिद के चलते हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद, एक बड़ा हादसा टल गया।1
- रांची के अरगोड़ा चौक पर पुलिस प्रशासन की इंफोर्समेंट टीम ने उत्पाद दुकानदारों को आज, 16 जून 2026 की शाम 7:00 बजे सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि फुटपाथ दुकानदार सड़क और नाली पर अतिक्रमण कर दुकानें न लगाएं। प्रशासन ने बताया कि सड़क और नाली में दुकानें लगाने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है, जिससे आम जनता को भारी जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को देखते हुए, रांची नगर निगम की टीम और पुलिस प्रशासन ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे इन निर्देशों की अवहेलना करते हैं, तो नगर निगम की टीम सख्त कार्रवाई करने को बाध्य होगी और इसके लिए दुकानदार स्वयं जिम्मेदार होंगे। उल्लंघन करने पर दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया जाएगा, साथ ही निगम की टीम द्वारा एफआईआर दर्ज करने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अतः, दुकानदारों से आग्रह किया गया है कि वे इन बातों को हमेशा याद रखें। यह सख्त निर्देश रांची के अरगोड़ा चौक पर जारी किए गए हैं।1
- खूंटी में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव और उनकी रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक क्रॉस दौड़ का आयोजन किया गया।1
- झारखंड के सिमडेगा जिले के किसानों द्वारा उत्पादित आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मंगलवार को बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित बागानों से उत्पादित आम्रपाली आम की दूसरी अंतरराष्ट्रीय खेप इटली के लिए रवाना की गई। उपायुक्त कंचन सिंह ने हेरिटेज सेंटर सह म्यूजियम परिसर से आम से लदे वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब एक मीट्रिक टन उन्नत गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम को पहले कोलकाता भेजा गया, जहाँ से इसे कार्गो विमान के माध्यम से इटली निर्यात किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के अभिसरण से किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, और इसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। उपायुक्त कंचन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें स्थायी एवं लाभकारी बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इस पूरी निर्यात प्रक्रिया का संचालन महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया। इस मौके पर जिला प्रशासन, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के कई पदाधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे।1
- रांची नगर निगम ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए अपना 'पीला पंजा' बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत सड़क और नालियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों का सामान जब्त कर लिया गया, जबकि अवैध कब्जों को मुक्त कराकर अतिक्रमण से छुटकारा दिलाया गया। नगर निगम का यह बुलडोजर अभियान आज फिर सख्त अंदाज में गरजा।1
- खूंटी के उपायुक्त ने जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान, उन्होंने सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1