गोला प्रखंड के डिमरा गांव निवासी मजदूर अमित बेदिया के परिवार को उनके निधन के बाद 10 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार का सहारा बनकर उन्हें न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। जानकारी के अनुसार, अमित बेदिया रांची के कांके रोड में मजदूरी करने के दौरान अचानक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिम्स में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अमित की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनके सामने जीवन-यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर जेएलकेएम के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने पहल करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत की, ठेकेदार पर दबाव बनाया, पुलिस से भी नोक-झोंक हुई, और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उनके इन प्रयासों के फलस्वरूप मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया। लोगों ने देवेन्द्रनाथ महतो की इस पहल की सराहना की है। जेएलकेएम हमेशा से गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। संगठन की प्राथमिकता किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, और उनका मानना है कि दुख की घड़ी में पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना ही सच्ची राजनीति और जनसेवा है।
गोला प्रखंड के डिमरा गांव निवासी मजदूर अमित बेदिया के परिवार को उनके निधन के बाद 10 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार का सहारा बनकर उन्हें न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। जानकारी के अनुसार, अमित बेदिया रांची के कांके रोड में मजदूरी करने के दौरान अचानक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिम्स में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अमित की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनके सामने जीवन-यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर जेएलकेएम के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने पहल करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत की, ठेकेदार पर दबाव बनाया, पुलिस से भी नोक-झोंक हुई, और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उनके इन प्रयासों के फलस्वरूप मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया। लोगों ने देवेन्द्रनाथ महतो की इस पहल की सराहना की है। जेएलकेएम हमेशा से गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। संगठन की प्राथमिकता किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, और उनका मानना है कि दुख की घड़ी में पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना ही सच्ची राजनीति और जनसेवा है।
- जमशेदपुर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने कई लोगों को झकझोर दिया है। इस घटना में हाथी के साथ मजाक करने का प्रयास बेहद घातक सिद्ध हुआ, जिसकी कीमत एक व्यक्ति को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी है।1
- उत्तरी छोटा नागपुर पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के 21वें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में रामगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवर आल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है।1
- भारत में लाखों वाहन अभी भी E20 ईंधन के लिए पूरी तरह से संगत नहीं हैं, ऐसे में E85 की तरफ बढ़ने की हो रही चर्चा पर चिंता व्यक्त की गई है। इस स्थिति में यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर तकनीकी रूप से वाहन तैयार नहीं हैं, तो इसका अतिरिक्त बोझ आखिर किस पर पड़ेगा। जोर दिया गया है कि नीतियों का लाभ सीधे जनता को मिलना चाहिए, न कि इन बदलावों के कारण जनता को ही अतिरिक्त लागतें उठानी पड़ें।1
- हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के गठन के बाद जिले में शूटिंग विधा के प्रति युवाओं का रुझान काफी बढ़ गया है। खासकर लड़कियां बड़ी संख्या में शूटिंग के क्षेत्र में आगे आ रही हैं। एसोसिएशन के गठन से पहले, हजारीबाग राइफल क्लब के माध्यम से काम चल रहा था। लेकिन, एसोसिएशन बनने के बाद शूटिंग को बहुत बढ़ावा मिला है, और इस क्षेत्र में हजारीबाग ने जो पहचान बनाई है, वह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, एक प्रेमिका ने 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया जब उसके प्रेमी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। इस घटना के दौरान, ग्रामीण इकट्ठे होकर यह पूरा ड्रामा देखते रहे। मामले में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।1
- हज़ारीबाग़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ज़िले को नशामुक्त करने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने ज़मीनी स्तर पर एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस सघन जनजागरूकता अभियान के तहत, प्रारंभिक चरण में 15 और 16 जून 2026 को इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सड़कों पर उतरकर सघन कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक सीधे आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों ने खुद कमान संभाली और माइकिंग के ज़रिए नशा उन्मूलन के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार किया। पुलिस ने लोगों को बताया कि कैसे अवैध मादक पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे हैं और इसके सेवन से सामाजिक व पारिवारिक ताना-बाना नष्ट हो रहा है। इसके साथ ही, पुलिस की खुफिया टीमें मादक पदार्थों की गुप्त सप्लाई चेन और तस्करों की कड़ियों को भी खंगाल रही हैं, ताकि जागरूकता के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जून से शुरू होकर आगामी 26 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत ज़िले के सभी शहरी व ग्रामीण थाना क्षेत्रों में क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। हज़ारीबाग़ पुलिस ने ज़िले के अभिभावकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे हर प्रकार के नशे से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें। पुलिस का मानना है कि एक स्वस्थ, सुरक्षित, अपराधमुक्त और जागरूक समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की सक्रिय और ज़िम्मेदाराना भागीदारी से ही संभव है।2
- विपिन सर ने खान सर की पोल खोलते हुए बताया है कि उन्होंने खान सर को समझौता करने के लिए एक संदेश भेजा था, लेकिन खान सर ने उनकी इस बात को नहीं माना।1
- बिहार में पुलिस और जनता के बीच बढ़ते अविश्वास को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। आरा से किशनगंज तक, राज्यभर में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ पुलिस और लोगों के संबंधों में यह दरार देखने को मिल रही है। यह प्रश्न राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और मुख्यमंत्री को भी टैग किया गया है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।1