IG की टीम ने मौके पर खंगाले CCTV: नागौर में 8 बजरी डंपर छोड़ने के आरोप से मचा हड़कंप नागौर जिले में अवैध बजरी खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को उच्च स्तर तक पहुंचा दिया है। बेड़ा का दावा है कि नागौर पुलिस की विशेष टीम, मेड़ता सिटी DST और नागौर DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे 8 डंपरों को पकड़ा था, लेकिन बाद में इन्हें डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल द्वारा छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बेड़ा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की संभावित मिलीभगत का संकेत देता है, जिसके चलते क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लगातार जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। DGP और IG स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी जतिन को सौंपी गई। जांच के तहत टीम मौके पर पहुंची और RLP कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे प्रकरण को नई दिशा देंगे। सुरेंद्र बेड़ा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत होता जाएगा। इधर, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आमजन भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस द्वारा पकड़े गए डंपर ही छोड़ दिए जाते हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे संभव है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है।
IG की टीम ने मौके पर खंगाले CCTV: नागौर में 8 बजरी डंपर छोड़ने के आरोप से मचा हड़कंप नागौर जिले में अवैध बजरी खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को उच्च स्तर तक पहुंचा दिया है। बेड़ा का दावा है कि नागौर पुलिस की विशेष टीम, मेड़ता सिटी DST और नागौर DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे 8 डंपरों को पकड़ा था, लेकिन बाद में इन्हें डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल द्वारा छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बेड़ा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की संभावित मिलीभगत का संकेत देता है, जिसके चलते क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लगातार जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। DGP और IG स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी जतिन को सौंपी गई। जांच के तहत टीम मौके पर पहुंची और RLP कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे प्रकरण को नई दिशा देंगे। सुरेंद्र बेड़ा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत होता जाएगा। इधर, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आमजन भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस द्वारा पकड़े गए डंपर ही छोड़ दिए जाते हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे संभव है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है।
- नागौर : रियां बड़ी नगरपालिका क्षेत्र में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या के बीच रियां बड़ी पुलिस चौकी के जवान कड़ी धूप में मुस्तैदी से ड्यूटी निभाते नजर आए। चौराहे पर बसों के रुकने और वाहनों की लंबी कतार लगने से आमजन को हो रही परेशानी को देखते हुए पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से वाहनों को निकालने में सहयोग करते रहे। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है।2
- नागौर जिले में अवैध बजरी खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को उच्च स्तर तक पहुंचा दिया है। बेड़ा का दावा है कि नागौर पुलिस की विशेष टीम, मेड़ता सिटी DST और नागौर DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे 8 डंपरों को पकड़ा था, लेकिन बाद में इन्हें डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल द्वारा छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बेड़ा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की संभावित मिलीभगत का संकेत देता है, जिसके चलते क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लगातार जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। DGP और IG स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी जतिन को सौंपी गई। जांच के तहत टीम मौके पर पहुंची और RLP कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे प्रकरण को नई दिशा देंगे। सुरेंद्र बेड़ा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत होता जाएगा। इधर, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आमजन भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस द्वारा पकड़े गए डंपर ही छोड़ दिए जाते हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे संभव है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है।1
- Post by रमेश सिंह1
- आज के इस वीडियो में हम आपको पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, ब्यावर में आयोजित एक विशेष सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम की झलकियाँ दिखाएंगे। विद्यालय में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सहयोग से एक महत्वपूर्ण मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ को आग से बचाव और तेल पाइपलाइन की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।1
- लसाड़िया टोल पर जोरदार एक्सीडेंट | ट्रेलर की टक्कर से बोलेरो चकनाचूर, पिकअप पलटी#breakingnews #ajmernewsupdate #beawarnews #1
- ब्रेकिंग न्यूज़: अजमेर में बार काउंसिल चुनाव 22 अप्रैल को अजमेर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव 22 अप्रैल 2026 को पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित होंगे। चुनाव को लेकर जिला बार एसोसिएशन अजमेर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी है। प्रदेशभर में कुल 84,247 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 234 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 57 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। न्यूनतम 5 महिला प्रत्याशियों का चुना जाना अनिवार्य रहेगा। अजमेर सिविल बार में 2105 मतदाता पंजीकृत हैं, जहां प्रत्येक मतदाता अधिकतम 23 वोट डाल सकेगा। पूरे राजस्थान से 23 प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा। मतदान के दौरान सख्त नियम लागू रहेंगे—मतदान केंद्र के 200 गज के दायरे में प्रचार पर रोक रहेगी, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मतदान 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पुराने न्यायालय भवन स्थित बार हॉल में होगा। चुनाव की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाएगी।1
- Post by Kailash Fulwari1
- नागौर : नागौर स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर जिला मुख्यालय पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में दिनांक 18 अप्रैल 2026 को सायं 07 बजे से सेठ श्री किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।1