सरकार ने बहाए लाखों रुपए ग्रामीणों को मिला बंद दरवाजा। सरकार ने लाखों लुटाए, ग्रामीणों के हिस्से आया बंद दरवाजा! लाखों का सचिवालय, ताले में सुविधा 17-18किमी की दौड़, गांव में बंद पड़ा सरकारी द्वार। बीसलपुर। ग्राम पंचायत जल्लापुर में सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया ग्राम सचिवालय इन दिनों बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सचिवालय का निर्माण गांव के लोगों को पंचायत स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कराया गया था, वह अधिकांश समय ताले में बंद रहता है। सचिवालय में ताला पड़े रहने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सचिवालय से संबंधित जिन कार्यों को गांव में ही कराया जाना चाहिए, उनके लिए ग्रामीणों को करीब 18 से 19 किलोमीटर दूर बीसलपुर तहसील तक आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्राम सचिवालय नियमित रूप से खुलता और वहां पंचायत संबंधी कार्य होते, तो उन्हें इतनी लंबी दूरी तय कर तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ग्रामीणों के अनुसार सचिवालय में पंचायत सहायक की तैनाती ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों में सुविधा देने के लिए की गई है, लेकिन पंचायत सहायक के नियमित रूप से सचिवालय में बैठने के बजाय कथित तौर पर दुकान पर बैठने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिवालय में पंचायत संबंधी कार्य समय से नहीं हो पा रहे हैं। वहीं ग्राम सचिव के भी सचिवालय में कई दिनों तक न आने की बात कही जा रही है। सचिवालय के आसपास की स्थिति भी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। भवन के पास गोबर के ढेर, कूड़े का अंबार और नाली में जमा गंदगी दिखाई दे रही है। चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है। कूड़ा डालने के लिए बनाया गया स्थान भी उपयोगहीन पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय तक पहुंचने वाला रास्ता भी खराब है। जगह-जगह गड्ढे हैं और बारिश के बाद पानी भर जाने से आवागमन में परेशानी होती है। एक ओर सरकार ग्रामीणों को पंचायत स्तर की सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए ग्राम सचिवालयों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सचिवालय में ताला लटकने से ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए 18 किलोमीटर दूर बीसलपुर तहसील की दौड़ लगानी पड़ रही है।ग्रामीणों ने ग्राम सचिवालय को नियमित रूप से खुलवाने, पंचायत सहायक की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, ग्राम सचिव की नियमित उपस्थिति कराने, साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा सचिवालय तक जाने वाले रास्ते की मरम्मत कराने की मांग संबंधित अधिकारियों से की है। साथ ही ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर सरकारी धन से बने सचिवालय के उपयोग में लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है।
सरकार ने बहाए लाखों रुपए ग्रामीणों को मिला बंद दरवाजा। सरकार ने लाखों लुटाए, ग्रामीणों के हिस्से आया बंद दरवाजा! लाखों का सचिवालय, ताले में सुविधा 17-18किमी की दौड़, गांव में बंद पड़ा सरकारी द्वार। बीसलपुर। ग्राम पंचायत जल्लापुर में सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया ग्राम सचिवालय इन दिनों बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सचिवालय का निर्माण गांव के लोगों को पंचायत स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कराया गया था, वह अधिकांश समय ताले में बंद रहता है। सचिवालय में ताला पड़े रहने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सचिवालय से संबंधित जिन कार्यों को गांव में ही कराया जाना चाहिए, उनके लिए ग्रामीणों को करीब 18 से 19 किलोमीटर दूर बीसलपुर तहसील तक आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्राम सचिवालय नियमित रूप से खुलता और वहां पंचायत संबंधी कार्य होते, तो उन्हें इतनी लंबी दूरी तय कर तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ग्रामीणों के अनुसार सचिवालय में पंचायत सहायक की तैनाती ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों में सुविधा देने के लिए की गई है, लेकिन पंचायत सहायक के नियमित रूप से सचिवालय में बैठने के बजाय कथित तौर पर दुकान पर बैठने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिवालय में पंचायत संबंधी कार्य समय से नहीं हो पा रहे हैं। वहीं ग्राम सचिव के भी सचिवालय में कई दिनों तक न आने की बात कही जा रही है। सचिवालय के आसपास की स्थिति भी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। भवन के पास गोबर के ढेर, कूड़े का अंबार और नाली में जमा गंदगी दिखाई दे रही है। चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है। कूड़ा डालने के लिए बनाया गया स्थान भी उपयोगहीन पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय तक पहुंचने वाला रास्ता भी खराब है। जगह-जगह गड्ढे हैं और बारिश के बाद पानी भर जाने से आवागमन में परेशानी होती है। एक ओर सरकार ग्रामीणों को पंचायत स्तर की सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए ग्राम सचिवालयों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सचिवालय में ताला लटकने से ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए 18 किलोमीटर दूर बीसलपुर तहसील की दौड़ लगानी पड़ रही है।ग्रामीणों ने ग्राम सचिवालय को नियमित रूप से खुलवाने, पंचायत सहायक की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, ग्राम सचिव की नियमित उपस्थिति कराने, साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा सचिवालय तक जाने वाले रास्ते की मरम्मत कराने की मांग संबंधित अधिकारियों से की है। साथ ही ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर सरकारी धन से बने सचिवालय के उपयोग में लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है।
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम, EVM-VVPAT की FLC की तैयारी तेज1
- इलाज के लिए निकला युवक हुआ लापता सनराइज होम स्टे के पास मिली बाइक और चप्पल। इलाज के लिए निकला युवक रहस्यमय ढंग से लापता, सनराइज होमस्टे के पास मिली बाइक, मोबाइल और चप्पल गंभीर बीमारी से पीड़ित था प्रदीप कुमार, नहर पुल के आसपास SDRF ने संभाला मोर्चा—युवक की तलाश में जुटी पुलिस और रेस्क्यू टीम पीलीभीत/माधोटांडा। थाना माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम भैरव कला निवासी प्रदीप कुमार के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रदीप गंभीर बीमारी से पीड़ित था और रविवार शाम दवाई लेने के लिए घर से मोटरसाइकिल पर निकला था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों के अनुसार 13 सितंबर की शाम करीब पांच बजे प्रदीप दवाई लेने की बात कहकर घर से निकला था। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रातभर संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह करीब आठ बजे सनराइज होमस्टे के पास नहर पुल पर प्रदीप की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और चप्पल मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। युवक के मौके पर मौजूद न मिलने से अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना माधोटांडा पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए तलाश शुरू कराई। इसके बाद SDRF टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने नहर और आसपास के संभावित स्थानों पर युवक की तलाश शुरू कर दी। रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में खोजबीन कर रही है। तलाश अभियान में किशन कुमार, रवि कुमार, शिव कुमार, अजय प्रजापति, आकाश 1292, मोहित सिंह, अजय कुमार, गजेंद्र सिंह और गुलशन कुमार मौर्य समेत टीम के सदस्य जुटे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक प्रदीप लंबे समय से गंभीर बीमारी से परेशान था और इसी सिलसिले में दवाई लेने के लिए घर से निकला था। नहर पुल के पास बाइक, मोबाइल और चप्पल मिलने के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। परिवार लगातार युवक के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है। फिलहाल पुलिस और SDRF की टीम नहर तथा आसपास के क्षेत्र में प्रदीप की तलाश में जुटी है। युवक के लापता होने की वास्तविक वजह क्या है, यह उसकी बरामदगी और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।4
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी का पंचायत सचिवालय। बीसलपुर/पीलीभीत | 15 सितंबर 2026 बीसलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी में वर्ष 2021-22 के दौरान बड़ी धनराशि खर्च कर पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी पंचायत सचिवालय आज तक पूरी तरह से क्रियाशील नहीं हो सका है। वर्ष 2026 में भी इसकी स्थिति अधूरी और बदहाल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय में विकास कार्यों से संबंधित आवश्यक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए तहसील मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार द्वारा पंचायत सचिवालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन उगनपुर मरौरी में पंचायत सचिवालय के प्रभावी संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत सचिवालय का निर्माण सरकारी धनराशि से कराया गया है, तो उसका निर्धारित उद्देश्य भी धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, खर्च हुई धनराशि तथा पंचायत सचिवालय के संचालन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर तहसील स्तर के संबंधित अधिकारियों तक अपनी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पंचायत सचिवालय को पूरी तरह से संचालित कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।1
- बिजनौर की पटाखा फैक्ट्री में बन रहे थे अवैध कारतूस। आस्था बरेली न्यूज लाईव1
- **“यूक्रेन का रूस के अंदर 800 KM तक वार! सिज़रान तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, लगी आग”** 🚨 बिग ब्रेकिंग | रूस में 800 KM अंदर तेल रिफाइनरी पर हमला 🇺🇦💥🇷🇺 यूक्रेन ने रूस की सिज़रान (Syzran) तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने 15 सितंबर को हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि रिफाइनरी में सीधा हमला हुआ और आग लगी। AVT-6 क्रूड ऑयल डिस्टिलेशन यूनिट और टैंक फार्म प्रभावित होने की बात कही गई है। 📍 सिज़रान, रूस के समारा क्षेत्र में है और यूक्रेन की सीमा से 800 किमी से ज्यादा दूर है। �1
- janpad Bareilly Ke bhojipura Thana Kshetra Ka mamla/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ 54 lakh ka khel kaise aaya samne hua bada khulasa/ dhokhadhadi ke mamle mein bandhte abhiyukt girftar/ kya Thi Hakikat samne sab Ke ud Gaye Hos/ janpad Bareilly Ke bhojipura Thana Kshetra Ka mamla/ Adhikari dwara Di Gai jankari/ 54 lakh ka khel kaise aaya samne hua bada khulasa/ dhokhadhadi ke mamle mein bandhte abhiyukt girftar/ kya Thi Hakikat samne sab Ke ud Gaye Hos/1
- *प्रिया सरोज-रिंकू सिंह की शादी 4 दिसंबर को:* लखनऊ के रमाडा होटल में होगी; 15 महीने पहले हुई थी सगाई प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज हैं। शादी की तारीख फाइनल होने के बाद से ही दोनों परिवारों में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं सगाई: दोनों की रिंग सेरेमनी करीब 15 महीने पहले 8 जून 2025 को लखनऊ के 'द सेंट्रम' होटल में हुई थी। वेडिंग वेन्यू: शादी का मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के रमाडा होटल में आयोजित किया जाएगा। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1
- राजकुमार ‘राजू’ ने लुकटिहाई में लगाई PDA पंचायत, 2027 में सपा सरकार बनाने की अपील1