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Rampur ka video

2 hrs ago
user_Mr danis khan driver Roy
Mr danis khan driver Roy
कोचाधामिन, किशनगंज, बिहार•
2 hrs ago

Rampur ka video

More news from Kishanganj and nearby areas
  • Post by Md Abu Farhan
    1
    Post by Md Abu Farhan
    user_Md Abu Farhan
    Md Abu Farhan
    Bahadurganj, Kishanganj•
    27 min ago
  • हरचंदपुर में पशु चिकित्सा शिविर, 30 पशुओं का हुआ निःशुल्क इलाज जलालगढ़ प्रखंड के हरचंदपुर ग्राम एवं जलालगढ़ पंचायत में पशुपालन विभाग द्वारा पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने खुरपका-मुंहपका (FMD), लंगड़ी, गला घोटू जैसे संक्रामक रोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित रोग है, जो दूषित पानी, चारे और संक्रमित पशुओं के संपर्क से फैलता है। यह रोग गाय, भेड़, बकरी और सूअर को प्रभावित करता है तथा दूध उत्पादन और कार्य क्षमता पर असर डालता है। डॉक्टर ने बताया कि विभाग द्वारा मुफ्त टीकाकरण और इलाज की सुविधा दी जा रही है। टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना देने पर घर-घर जाकर इलाज किया जाता है। शिविर में करीब 30 पशुओं का इलाज किया गया। इस मौके पर मानकेश्वर कुमार (पारा वेट), मुकेश मेहता, पशुपालक जीतन राय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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    हरचंदपुर में पशु चिकित्सा शिविर, 30 पशुओं का हुआ निःशुल्क इलाज
जलालगढ़ प्रखंड के हरचंदपुर ग्राम एवं जलालगढ़ पंचायत में पशुपालन विभाग द्वारा पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने खुरपका-मुंहपका (FMD), लंगड़ी, गला घोटू जैसे संक्रामक रोगों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित रोग है, जो दूषित पानी, चारे और संक्रमित पशुओं के संपर्क से फैलता है। यह रोग गाय, भेड़, बकरी और सूअर को प्रभावित करता है तथा दूध उत्पादन और कार्य क्षमता पर असर डालता है।
डॉक्टर ने बताया कि विभाग द्वारा मुफ्त टीकाकरण और इलाज की सुविधा दी जा रही है। टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना देने पर घर-घर जाकर इलाज किया जाता है।
शिविर में करीब 30 पशुओं का इलाज किया गया। इस मौके पर मानकेश्वर कुमार (पारा वेट), मुकेश मेहता, पशुपालक जीतन राय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    3 hrs ago
  • दो पक्षो के बिच बात से विवाद होकर,बात पहुंची मार पिट तक,एक पक्ष घायल अवस्था में पहुंचे जलालगढ़ अस्पताल, वहीं बेहतरीन इलाज के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजें #purnia #News #Jalalgarh #Police Purnea Police
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    दो पक्षो के बिच बात से विवाद होकर,बात पहुंची मार पिट तक,एक पक्ष घायल अवस्था में पहुंचे जलालगढ़ अस्पताल, वहीं बेहतरीन इलाज के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजें #purnia #News #Jalalgarh #Police Purnea Police
    user_Simanchal News
    Simanchal News
    Jalalgarh, Purnia•
    23 hrs ago
  • Post by Araria News
    1
    Post by Araria News
    user_Araria News
    Araria News
    Media company Araria, Bihar•
    5 hrs ago
  • Rajesh Yadav 😈⚔️☝️🎤🔊
    1
    Rajesh Yadav 😈⚔️☝️🎤🔊
    user_Rajesh Yadav
    Rajesh Yadav
    Grain Shop अररिया, अररिया, बिहार•
    12 hrs ago
  • सभी के फ़ोन में save होने चाहिए ये emergency हेल्पलाइन नंबर ! .#india #helplinenumber #emergencyhelpline #emergencyhelp #indianhelplinenumbers
    1
    सभी के फ़ोन में save होने चाहिए ये emergency हेल्पलाइन नंबर ! 
.#india #helplinenumber #emergencyhelpline #emergencyhelp #indianhelplinenumbers
    user_PublicPowerNews24
    PublicPowerNews24
    Newsagent कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    56 min ago
  • Post by Mr danis khan driver Roy
    2
    Post by Mr danis khan driver Roy
    user_Mr danis khan driver Roy
    Mr danis khan driver Roy
    कोचाधामिन, किशनगंज, बिहार•
    10 hrs ago
  • Post by Md Abu Farhan
    1
    Post by Md Abu Farhan
    user_Md Abu Farhan
    Md Abu Farhan
    Bahadurganj, Kishanganj•
    41 min ago
  • अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
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    अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह  ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि  की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप  एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    3 hrs ago
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