मंदिरों के पैसे पर न्यायालय के निर्णय का स्वागत, विधायक सत्ती बोले भाजपा पहले ही लगाम लगाने को उठा रही थी आवाज, मंदिरों के धन के पारदर्शी उपयोग की मांग तेज हाल ही में शिमला उच्च न्यायालय द्वारा मंदिरों के धन और संसाधनों के उपयोग को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस फैसले को धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। शनिवार को विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने पत्रकारों से बातचीत में इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को इसे जल्द और प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए, ताकि इसके परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकें। सत्ती ने कहा कि भाजपा लंबे समय से मंदिरों के धन के उपयोग में पारदर्शिता लाने और दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग उठाती रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला इसी दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मंदिरों के नाम पर उपयोग किए जा रहे वाहनों की समीक्षा की आवश्यकता जताते हुए कहा कि जहां वास्तव में जरूरत हो, वहीं वाहन रखे जाएं, जबकि अनावश्यक वाहनों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों के संसाधनों का दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। मंदिरों की आय और धनराशि का उपयोग केवल धार्मिक स्थलों के विकास, रखरखाव और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ही होना चाहिए। अनावश्यक खर्चों में कटौती कर मंदिरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। विधायक सत्ती ने सुझाव दिया कि मंदिरों के धन का उपयोग स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में किया जाना चाहिए। इसमें श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवागमन व्यवस्था, बाजारों का सुव्यवस्थित विकास, लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था और दुकानों का सुनियोजित निर्माण शामिल हो सकता है। उनका कहना था कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की भूमिका केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर अनुभव और सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। यदि मंदिरों के संसाधनों का सही दिशा में उपयोग हो, तो इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिल सकती है। विधायक सत्ती ने उम्मीद जताई कि सरकार उच्च न्यायालय के निर्णय को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिरों का धन पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित, विकास और धार्मिक उद्देश्यों के लिए ही खर्च हो। उन्होंने कहा कि यह फैसला भविष्य में धार्मिक संस्थानों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
मंदिरों के पैसे पर न्यायालय के निर्णय का स्वागत, विधायक सत्ती बोले भाजपा पहले ही लगाम लगाने को उठा रही थी आवाज, मंदिरों के धन के पारदर्शी उपयोग की मांग तेज हाल ही में शिमला उच्च न्यायालय द्वारा मंदिरों के धन और संसाधनों के उपयोग को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस फैसले को धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। शनिवार को विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने पत्रकारों से बातचीत में इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को इसे जल्द और प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए, ताकि इसके परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकें। सत्ती ने कहा कि भाजपा लंबे समय से मंदिरों के धन के उपयोग में पारदर्शिता लाने और दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग उठाती रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला इसी दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मंदिरों के नाम पर उपयोग किए जा रहे वाहनों की समीक्षा की आवश्यकता जताते हुए कहा कि जहां वास्तव में जरूरत हो, वहीं वाहन रखे जाएं, जबकि अनावश्यक वाहनों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों के संसाधनों का दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। मंदिरों की आय और धनराशि का उपयोग केवल धार्मिक स्थलों के विकास, रखरखाव और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ही होना चाहिए। अनावश्यक खर्चों में कटौती कर मंदिरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। विधायक सत्ती ने सुझाव दिया कि मंदिरों के धन का उपयोग स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में किया जाना चाहिए। इसमें श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवागमन व्यवस्था, बाजारों का सुव्यवस्थित विकास, लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था और दुकानों का सुनियोजित निर्माण शामिल हो सकता है। उनका कहना था कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की भूमिका केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर अनुभव और सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। यदि मंदिरों के संसाधनों का सही दिशा में उपयोग हो, तो इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिल सकती है। विधायक सत्ती ने उम्मीद जताई कि सरकार उच्च न्यायालय के निर्णय को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिरों का धन पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित, विकास और धार्मिक उद्देश्यों के लिए ही खर्च हो। उन्होंने कहा कि यह फैसला भविष्य में धार्मिक संस्थानों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
- हमीरपुर हमीरपुर पुलिस की टीम ने शुक्रवार को नकली करेंसी का कारोबार चलाने के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए इस मामले में दो लोगों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है इन आरोपियों के गिरफ्तार होने से अब इनके तार कहां-कहां पर फैले हुए हैं इसकी जांच में पुलिस टीम जुट गई है। नकली करेंसी को लेकर दोनों आरोपी हिमाचल के कई जिलों में घूम कर इस फेक करेंसी को फैलाने का कारोबार कर रहे थे लेकिन पुलिस की मुस्तादी से इनको नकली करेंसी के साथ दबोच लिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए लोगों ने 9 अप्रैल को हमीरपुर के नजदीक लोहारडा बायपास रोड पर 74 वर्ष या एक दुकानदार को नकली करेंसी थाम कर उन्हें अपने जाल में फसाया था आरोपियों ने 500 के असली नोटों के बदले दुकानदार को 200 के जाली नोट थमा कर उनके साथ ठगी की थी नकली नोट होने का जब दुकानदार को शक हुआ तो उसने तुरंत सदर थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी बैंक रिकॉर्ड और लोकेशन के विश्लेषण के बाद आरोपियों की गाड़ी की पहचान की शुक्रवार को पुलिस टीम ने इस गाड़ी के बिलासपुर इलाके में होने की जब जानकारी पाई तो एक टीम ने आरोपियों को गाड़ी के साथ दबोच लिया यह दोनों आरोपी नकली नोटों के साथ मनाली की ओर जा रहे थे पुलिस को मौके पर इसे 500 के 16 जाली नोट और 200 के 33 जाली नोट मिले हैं। पुलिस को अब तक जांच में पता चला है कि पकड़े गए लोग पिछले कई दिनों से हिमाचल के अलग-अलग इलाकों में घूम कर छोटे दुकानदारों और खास करके बुजुर्गों को नकली नोट थमा कर उन्हें अपने ठगी का शिकार बना रहे थे। एसपी बलबीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने एक अंतर राज्य नकली करेंसी गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें कोर्ट में पेश कर उनसे अब पूछताछ की जा रही है इन लोगों के तार कहां जुड़े हुए हैं इसकी भी पड़ताल हो रही है। उन्होंने दुकानदारों और आम लोगों से भी अपील की है कि वह कोई भी नोट लेते या देते समय उसकी अच्छी तरह से सुरक्षा मां को की जांच करके इसका लेनदेन करें ताकि किसी भी तरह की ठगी से बचा जा सके।1
- दो कुत्तों में भयंकर महायुद्ध हुआ आक्रमण भी हुआ live तस्वीर देख सकते हो हिमाचल पंजाब न्यूज़ पर 😂🙏1
- तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण घुमारवीं (बिलासपुर), 18 अप्रैल: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।2
- Post by Lalankumar1
- बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- हिमकोफैड के नवनियुक्त निदेशक आशीष ठाकुर पत्रकारवार्ता का आयोजन शनिवार को बिलासपुर में होगी। आशीष ठाकुर1
- आंखों का निःशुल्क चिकित्सा शिविर खरयालता पंचायत घर में आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की खरयालता पंचायत के पंचायत घर में पूर्व प्रधान अशोक शर्मा की अध्यक्षता में एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच चिकित्सा शिविर आयोजित करवाया गया। जिसमें रोटरी आई हॉस्पिटल धुसाडा के डाक्टरों की टीम द्वारा लोगों की आंखों की जांच की गई। जिसमें डीहर तथा खरयालता धनेत तथा टकोली पंचायत के लोग भी अपनी अपनी आंखों की जांच करने शिविर में पहुंचे।1
- अजय शर्मा जी ने देखी क्या कहा नेपाल के नए प्राइम मिनिस्टर के बारे में #himachalpunjabnews #trendingreels1
- कांग्रेस ने नारी शक्ति से किया विश्वासघात, महिला आरक्षण बिल पर चेहरा बेनकाब: राजेंद्र गर्ग -बिल के विरोध में पूर्व मंत्री ने घेरी कांग्रेस, हिमाचल में 1500 रुपये वादे को लेकर भी साधा निशाना घुमारवीं। महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल का विरोध कर उसने महिलाओं के प्रति अपनी नकारात्मक सोच को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। गर्ग ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर देश की महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी देने की दिशा में एक बड़ा कदम था, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। इससे नारी शक्ति के प्रति कांग्रेस की मानसिकता भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति अब जागरूक है और वह समझ रही है कि उसके हितों के रास्ते में कौन बाधा बन रहा है। आने वाले समय में महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी। हिमाचल प्रदेश का जिक्र करते हुए गर्ग ने कहा कि यहां भी कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के साथ वादाखिलाफी की है। चुनाव से पहले 18 से 59 वर्ष की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। गर्ग ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल घोषणाओं और वादों तक सीमित है, जबकि भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती तथा महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलती। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी करने वालों को जनता समय आने पर जवाब जरूर देगी।1