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टीकमगढ़ जिले में पुलिस ने जुआ और सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बीते 10 दिनों में 230 जुआरियों और सटोरियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये जब्त किए गए हैं।
रामकिशन चौधरी
टीकमगढ़ जिले में पुलिस ने जुआ और सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बीते 10 दिनों में 230 जुआरियों और सटोरियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये जब्त किए गए हैं।
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- टीकमगढ़ में अवैध शराब का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी!* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru Ap टीकमगढ़ में अवैध शराब का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी!* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru Ap1
- नामांतरण के नाम पर पैसे लेने का आरोप, नायब तहसीलदार ने बताया निराधार नामांतरण के नाम पर पैसे लेने का आरोप, नायब तहसीलदार ने बताया निराधार निवाड़ी जिले के जेरोन क्षेत्र के समरया निवासी बृजेंद्र कुशवाहा ने जेरोन की महिला नायब तहसीलदार वंदना राजपूत पर नामांतरण के नाम पर पैसे लेने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर फरियादी ने निवाड़ी कलेक्टर एवं पृथ्वीपुर एसडीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। फरियादी बृजेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि सुन्नू लाल कुशवाहा के नाम से वसीयतनामा के आधार पर मजल एवं लुहरगुवा हल्के में स्थित जमीन के नामांतरण के लिए नायब तहसीलदार द्वारा ₹25 हजार लिए गए। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया और बाद में फिर से ₹25 हजार की मांग की गई। बृजेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। वहीं मामले में जेरोन की नायब तहसीलदार वंदना राजपूत ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह फरियादी बृजेंद्र कुशवाहा को न तो व्यक्तिगत रूप से जानती हैं और न ही वह कभी उनके कोर्ट में उपस्थित हुआ है। उन्होंने बताया कि नामांतरण से संबंधित जो कार्य उनके स्तर का था, वह पूरा कर दिया गया है। हालांकि रिकॉर्ड अमल में कुछ तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं, जिसके कारण प्रक्रिया लंबित है। नायब तहसीलदार वंदना राजपूत के अनुसार फरियादी की जमीन दो अलग-अलग हल्कों में दर्ज है, जिससे रिकॉर्ड में लगभग 20 वर्ष पुरानी त्रुटि सामने आई है। इस संबंध में दोनों हल्का पटवारियों से प्रतिवेदन मांगा गया है और प्रतिवेदन एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से अधिक पुरानी त्रुटियों के सुधार की अनुमति कलेक्टर स्तर से प्राप्त होती है। अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार रिकॉर्ड सुधार की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की शिकायत प्रशासनिक स्तर पर जांच के लिए पहुंच गई है।1
- मध्य प्रदेश के पृथ्वीपुर में पूर्व BJP विधायक शिशुपाल यादव पर जमीन हड़पने का आरोप लगा है। कुशवाहा समाज के लोगों ने यह आरोप लगाया, जिसके विरोध में एक किसान 40 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। यह मामला राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है।1
- टिकमगढ़ के दिगौड़ा क्षेत्र में एक शादी समारोह में डांस देखने को लेकर दो युवकों में जमकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे में पुरानी पुलिस चौकी के पास स्थित एक कपड़ों की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से दुकान को भारी नुकसान पहुंचा है।1
- टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने हेलमेट जागरूकता के संबंध में जनता से अपील की है। इसका उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कथित जातिवादियों ने पथराव और जानलेवा हमला किया। इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस प्रशासन से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- खास खबर अंतर्गत ग्राम पंचायत बिंदारी खास में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कच्ची सड़क मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। बरसात और खराब मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती खास खबर अंतर्गत ग्राम पंचायत बिंदारी खास में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कच्ची सड़क मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। बरसात और खराब मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार सरपंच-सचिव को ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई आधिकारिक सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर राशि खर्च दिखाई जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सड़क जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। गांववासियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक उन्हें खराब रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे या फिर सरपंच-सचिव पर लगे आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं होगी। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत बिंदारी खास में हुए विकास कार्यों और खर्चों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।4