आजमगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान, प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर जमकर सियासी हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की राजनीति और महाराजा सुहेलदेव के इतिहास पर अपनी बेबाक राय रखी, खास तौर पर उन लोगों को निशाने पर लिया जो महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताते हैं। राजभर ने महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद गाजी के विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताने वाले लोग इतिहास के तथ्यों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। उन्होंने गाजी को "अफगानिस्तान से आया बड़ा पाजी" बताते हुए कहा कि उसने कई स्थानीय राजाओं को हराया था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव ने आसपास के सभी राजाओं को एकजुट कर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया। राजभर के अनुसार, नानपारा क्षेत्र में 18 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद गाजी को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने श्रावस्ती में आज भी उस कालखंड के किले और अवशेषों के मौजूद होने तथा अंग्रेजी शासनकाल के गजेटियर में भी इसका स्पष्ट उल्लेख होने का दावा किया। समाजवादी पार्टी के कथित अभेद्य किले आजमगढ़ को लेकर राजभर ने तंज कसा और कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह चूहा जमीन के अंदर घुसकर मिट्टी खोद देता है, ठीक उसी तरह समाजवादी पार्टी का जनाधार धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। मंत्री ने दावा किया कि सपा के विधायक और नेता जनता के बीच घबराए हुए हैं और अपनी खिसकती जमीन को देख पा रहे हैं, जिससे वे "चैन से सो नहीं पा रहे" हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब विकास और सुशासन के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा कर रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजभर ने भविष्यवाणी की कि प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर होंगे और परिणाम कई लोगों को चौंका देंगे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के गांव-गांव तक पहुंचने से गरीब और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के सशक्त होने का जिक्र किया। अंत में, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और यही विकास कार्य आने वाले चुनावों में जनता के बीच सबसे बड़ा मुद्दा होंगे।
आजमगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान, प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर जमकर सियासी हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की राजनीति और महाराजा सुहेलदेव के इतिहास पर अपनी बेबाक राय रखी, खास तौर पर उन लोगों को निशाने पर लिया जो महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताते हैं। राजभर ने महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद गाजी के विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताने वाले लोग इतिहास के तथ्यों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। उन्होंने गाजी को "अफगानिस्तान से आया बड़ा पाजी" बताते हुए कहा कि उसने कई स्थानीय राजाओं को हराया था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव ने आसपास के सभी राजाओं को एकजुट कर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया। राजभर के अनुसार, नानपारा क्षेत्र में 18 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद गाजी को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने श्रावस्ती में आज भी उस कालखंड के किले और अवशेषों के मौजूद होने तथा अंग्रेजी शासनकाल के गजेटियर में भी इसका स्पष्ट उल्लेख होने का दावा किया। समाजवादी पार्टी के कथित अभेद्य किले आजमगढ़ को लेकर राजभर ने तंज कसा और कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह चूहा जमीन के अंदर घुसकर मिट्टी खोद देता है, ठीक उसी तरह समाजवादी पार्टी का जनाधार धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। मंत्री ने दावा किया कि सपा के विधायक और नेता जनता के बीच घबराए हुए हैं और अपनी खिसकती जमीन को देख पा रहे हैं, जिससे वे "चैन से सो नहीं पा रहे" हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब विकास और सुशासन के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा कर रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजभर ने भविष्यवाणी की कि प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर होंगे और परिणाम कई लोगों को चौंका देंगे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के गांव-गांव तक पहुंचने से गरीब और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के सशक्त होने का जिक्र किया। अंत में, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और यही विकास कार्य आने वाले चुनावों में जनता के बीच सबसे बड़ा मुद्दा होंगे।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आजमगढ़ दौरे के दौरान पूर्व सांसद और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने अपनी खास उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ में ₹995 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए निरहुआ ने विश्वास जताया कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी, और आजमगढ़ इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निरहुआ ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि भाजपा का सांसद या विधायक न होने पर विकास कार्य रुक जाते हैं, और आजमगढ़ को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जिले को विश्वविद्यालय, संगीत महाविद्यालय और हरिऔध कला केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं, और उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विभिन्न विकास कार्यों की सराहना की। शहर के बीच स्थित पुरानी जिला कारागार की भूमि पर कन्वेंशन सेंटर बनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर निरहुआ ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वह 2022 से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, और इस परियोजना से स्थानीय व्यापारियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी। लालगंज होते हुए वाराणसी तक नई रेलवे लाइन की मांग पर निरहुआ ने कहा कि सांसद न रहने के बावजूद वह भविष्य में इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। आगामी चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है, लेकिन वह हर परिस्थिति में संगठन और जनता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। निरहुआ ने अपने नए गीत “हमको पसंद है बुलडोजर वाला नियम योगी जी” का भी जिक्र किया और विश्वास जताया कि यह गीत लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होगा तथा प्रदेश भर में चर्चा का विषय बनेगा। उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था है, जिसके चलते जनता का भरोसा पार्टी के प्रति लगातार बढ़ रहा है। निरहुआ के अनुसार, आजमगढ़ की जनता 2027 में भी 'बुलडोजर बाबा' की वापसी की मांग कर रही है।1
- आजमगढ़ में मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए, प्रयास सामाजिक संगठन ने शनिवार को देवहटा ब्लॉक के अहरौला क्षेत्र में एक राहत एवं सेवा शिविर का आयोजन किया। रामनगर देवहटा स्थित प्रयास अनाज बैंक कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों विधवा, वृद्ध और असहाय महिलाओं को निशुल्क साड़ी-वस्त्र, फल एवं भोजन प्रसाद वितरित किया गया। यह सेवा कार्य संगठन के संरक्षक दयाराम साधु और अहिरौला ब्लॉक पदाधिकारी नरेंद्र भाई ‘निक्कू’ के परिवार के सौजन्य से संपन्न हुआ। इस अवसर पर लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता साफ देखी गई। संरक्षक दयाराम साधु ने इस दौरान कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्ग तक सहायता पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा या वस्त्रविहीन न रहे। वहीं, नरेंद्र भाई ने बताया कि प्रयास सामाजिक संगठन लगातार जनसेवा के कार्यों में सक्रिय है और भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम जारी रखेगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रयास अध्यक्ष रणजीत सिंह, ई. सुनील यादव, हनुमान प्रजापति, राम कुंवर सिंह, गुड्डू सिंह, नरेंद्र, विशाल सोनी, अरुण, विनोद चौधरी और अमित सहित संगठन के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।2
- आजमगढ़ के सरायमीर क्षेत्र में आई आंधी और बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है, जिससे लोगों को काफी आनंद मिला। जानकारी के अनुसार, सरायमीर क्षेत्र के चक मुनव्वर ग्राम में 13 तारीख को एक आंधी आई थी। वह आंधी बहुत खूबसूरत थी, और उसके साथ हुई बारिश ने मौसम को इतना अच्छा बना दिया था कि इससे सभी को आनंद आ गया। आज भी सरायमीर में आंधी आई है, और इसके कारण मौसम बहुत शानदार बताया गया है। इसके अतिरिक्त, आज बारिश की संभावना भी जताई गई है। पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम बहुत अच्छा बना हुआ है।2
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित मंगीतपुर गांव में एक भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि इस मामले से जुड़ा प्रकरण उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है।1
- ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ बनाने और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनवाए जा रहे रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) यानी कूड़ा निस्तारण केंद्रों में से एक, विकास खंड रानीपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा कमरवा का RRC केंद्र, शुरू होने से पहले ही बदहाली का शिकार हो गया है। यह स्थिति सरकारी दावों और भ्रष्टाचार व घोर लापरवाही की पोल खोल रही है, जहाँ सरकारी बजट को पलीता लगाया गया है। केंद्र की तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि कैसे पैसे का दुरुपयोग किया गया है। केंद्र के ऊपर डाली गई टीन शेड आधी-अधूरी है, लोहे के एंगल से टीन गायब है, जिससे पूरा ढांचा खुले आसमान के नीचे पड़ा है। घटिया निर्माण सामग्री के कारण ईंटें उखड़कर गिर गई हैं और प्लास्टर भी पूरी तरह उखड़ चुका है। जिस केंद्र को गाँव का कचरा साफ करना था, वह खुद गंदगी का अंबार बना हुआ है। मुख्य लोहे के गेट पर ताला लटका है और यह केंद्र आज तक सुचारु रूप से चालू नहीं हो सका है, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से बना यह सरकारी ढांचा अब एक 'सफेद हाथी' बनकर रह गया है। कमरवा ग्राम सभा के ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि निर्माण कार्य में जमकर धांधली की गई है। ग्रामीणों की माँग है कि RRC केंद्र की तुरंत मरम्मत कराकर उसे जल्द से जल्द चालू किया जाए, ताकि गाँव को इसका लाभ मिल सके। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद विकास खंड रानीपुर के जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या फिर भ्रष्टाचार की इस इमारत को यूँ ही लावारिस छोड़ दिया जाएगा।4
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अल्ताफ अंसारी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक विरोध भले ही अपनी जगह हो, लेकिन किसी के परिवार और बच्चों के बारे में अपमानजनक भाषा का उपयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ है। इसी बीच, अल्ताफ अंसारी ने सांसद राजू राय को उनकी जीत पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे जनता के हितों और विकास से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर काम करें। अंसारी ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सहयोग और जनता के व्यापक समर्थन के बल पर पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।1
- अम्बेडकरनगर जिले की अकबरपुर तहसील के रग्घुपुर गाँव में एमएलसी निधि से बन रही सड़क के निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी विवाद और विरोध है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में वर्षों पुराने करीब 8 फीट 3 इंच चौड़े रास्ते को बिना किसी पैमाइश, सहमति या स्पष्ट जानकारी के 16 फीट चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार पर जेसीबी का इस्तेमाल कर खेतों की जमीन और सिंचाई नाली को नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेकेदार विरोध करने वाले ग्रामीणों पर दबाव बना रहा है और उन्हें डरा-धमका रहा है। इस पूरे मामले पर ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग विकास कार्यों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की अपील कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।1
- आजमगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान, प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर जमकर सियासी हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की राजनीति और महाराजा सुहेलदेव के इतिहास पर अपनी बेबाक राय रखी, खास तौर पर उन लोगों को निशाने पर लिया जो महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताते हैं। राजभर ने महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद गाजी के विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताने वाले लोग इतिहास के तथ्यों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। उन्होंने गाजी को "अफगानिस्तान से आया बड़ा पाजी" बताते हुए कहा कि उसने कई स्थानीय राजाओं को हराया था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव ने आसपास के सभी राजाओं को एकजुट कर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया। राजभर के अनुसार, नानपारा क्षेत्र में 18 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद गाजी को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने श्रावस्ती में आज भी उस कालखंड के किले और अवशेषों के मौजूद होने तथा अंग्रेजी शासनकाल के गजेटियर में भी इसका स्पष्ट उल्लेख होने का दावा किया। समाजवादी पार्टी के कथित अभेद्य किले आजमगढ़ को लेकर राजभर ने तंज कसा और कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह चूहा जमीन के अंदर घुसकर मिट्टी खोद देता है, ठीक उसी तरह समाजवादी पार्टी का जनाधार धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। मंत्री ने दावा किया कि सपा के विधायक और नेता जनता के बीच घबराए हुए हैं और अपनी खिसकती जमीन को देख पा रहे हैं, जिससे वे "चैन से सो नहीं पा रहे" हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब विकास और सुशासन के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा कर रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजभर ने भविष्यवाणी की कि प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर होंगे और परिणाम कई लोगों को चौंका देंगे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के गांव-गांव तक पहुंचने से गरीब और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के सशक्त होने का जिक्र किया। अंत में, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और यही विकास कार्य आने वाले चुनावों में जनता के बीच सबसे बड़ा मुद्दा होंगे।1