जयपुर के शाहपुरा उपखंड की ग्राम पंचायत करीरी में खेजरोली नगरपालिका द्वारा प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का भारी आक्रोश सामने आया। उपसरपंच संग्राम सिंह करीरी और मोहन लाल पटवारी के नेतृत्व में रामदेवजी मंदिर परिसर में सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रस्तावित प्लांट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि खेजरोली नगरपालिका, जो इस परियोजना की नोडल एजेंसी है, उनकी जनभावनाओं को नजरअंदाज करते हुए करीरी क्षेत्र में प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है, जबकि वे शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खेजरोली नगरपालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आशंका जताई कि ऐसे प्लांट की स्थापना से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल स्रोत प्रभावित होंगे और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने इसे गांव के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण, गांव की पहचान और आने वाली पीढ़ियों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया। धरना स्थल पर "एफएसटीपी प्लांट नहीं चाहिए", "पर्यावरण बचाओ-गांव बचाओ", "हमारा गांव हमारी पहचान" और "एफएसटीपी प्लांट का स्थानांतरण करो" जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के बाद, ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर जयपुर, उपखंड अधिकारी शाहपुरा और ग्राम विकास अधिकारी करीरी के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा और आगामी दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन चलाया जाएगा।
जयपुर के शाहपुरा उपखंड की ग्राम पंचायत करीरी में खेजरोली नगरपालिका द्वारा प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का भारी आक्रोश सामने आया। उपसरपंच संग्राम सिंह करीरी और मोहन लाल पटवारी के नेतृत्व में रामदेवजी मंदिर परिसर में सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रस्तावित प्लांट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि खेजरोली नगरपालिका, जो इस परियोजना की नोडल एजेंसी है, उनकी जनभावनाओं को नजरअंदाज करते हुए करीरी क्षेत्र में प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है, जबकि वे शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खेजरोली नगरपालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आशंका जताई कि ऐसे प्लांट की स्थापना से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल स्रोत प्रभावित होंगे और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने इसे गांव के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण, गांव की पहचान और आने वाली पीढ़ियों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया। धरना स्थल पर "एफएसटीपी प्लांट नहीं चाहिए", "पर्यावरण बचाओ-गांव बचाओ", "हमारा गांव हमारी पहचान" और "एफएसटीपी प्लांट का स्थानांतरण करो" जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के बाद, ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर जयपुर, उपखंड अधिकारी शाहपुरा और ग्राम विकास अधिकारी करीरी के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा और आगामी दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन चलाया जाएगा।
- जयपुर के शाहपुरा उपखंड की ग्राम पंचायत करीरी में खेजरोली नगरपालिका द्वारा प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का भारी आक्रोश सामने आया। उपसरपंच संग्राम सिंह करीरी और मोहन लाल पटवारी के नेतृत्व में रामदेवजी मंदिर परिसर में सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रस्तावित प्लांट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि खेजरोली नगरपालिका, जो इस परियोजना की नोडल एजेंसी है, उनकी जनभावनाओं को नजरअंदाज करते हुए करीरी क्षेत्र में प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है, जबकि वे शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खेजरोली नगरपालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आशंका जताई कि ऐसे प्लांट की स्थापना से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल स्रोत प्रभावित होंगे और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने इसे गांव के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण, गांव की पहचान और आने वाली पीढ़ियों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया। धरना स्थल पर "एफएसटीपी प्लांट नहीं चाहिए", "पर्यावरण बचाओ-गांव बचाओ", "हमारा गांव हमारी पहचान" और "एफएसटीपी प्लांट का स्थानांतरण करो" जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के बाद, ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर जयपुर, उपखंड अधिकारी शाहपुरा और ग्राम विकास अधिकारी करीरी के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा और आगामी दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन चलाया जाएगा।1
- जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में स्थित नायन ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह वह सड़क है जिसका निर्माण आज़ादी मिलने के बाद से अब तक नहीं हो पाया था, और अब सभी के अथक प्रयासों से यह कार्य साकार हो रहा है। इस निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- बिदारा निवासी समाजसेवी डॉ. पूरणमल बुनकर के जन्मदिवस के अवसर पर एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 23 रक्तदाताओं ने अपना रक्तदान किया, जिसका उपयोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के उपचार में किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ करते हुए हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. रजनीश शर्मा ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और सड़क दुर्घटनाओं व गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों के कारण रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है। डॉ. शर्मा ने रक्तदान को किसी को नया जीवन देने वाला एक महत्वपूर्ण कार्य बताया, जो मरीजों की जान बचाने में सहायक है। युवा समाजसेवी डॉ. पूरणमल बुनकर ने भी इस अवसर पर कहा कि ऐसे स्वैच्छिक रक्तदान शिविर समाज को अधिक संवेदनशील और जागरूक बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी के कारण किसी को अपने प्रियजनों को न खोना पड़े। हॉस्पिटल की ओर से प्रत्येक रक्तदाता को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में वैभव शर्मा, डॉ. प्रतिमा सिंह, इंजी. जतिन वर्मा, जगदीश नीझर, सचिन वर्मा, लालचंद, लोकेश वर्मा, मोहम्मद शाहरूख, मोहन यादव, मधु, अनिल कुमार बुनकर, रोहिताश ब्रजवाल, दीपचंद, विनोद मीणा, धर्मेंद्र बिवाल, रामस्वरूप, हनुमान सहाय, सुरेश कुमार, प्रभू अटल, कमल फोर सहित कई अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. बुनकर की लंबी आयु की कामना की और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।1
- श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने राम मंदिर के लिए आए दान में कथित चोरी को लेकर सत्ता और प्रशासन पर गंभीर निशाना साधा है। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो लोग जांच करने वाले हैं, वे खुद ही बेईमान हैं, तो वे क्या जांच करेंगे। महंत कमल नयन दास के अनुसार, अब भगवान ही इस मामले की जांच करेंगे। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कभी साइकिल पर चला करते थे, वे आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आलीशान भवनों में रह रहे हैं, जिससे दान में हुई कथित अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया।1
- दौसा पुलिस द्वारा महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें रावत पैलेस, दौसा में आयोजित 'नारी चौपाल एवं नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम प्रमुख रहा, जहाँ विभिन्न विभागों की महिला कार्मिकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया और महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, देहरादून क्लासेस एवं पीजी कॉलेज में भी महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने महिलाओं को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) का प्रशिक्षण और प्रदर्शन दिया, जिसमें विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले महत्वपूर्ण उपायों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही, महिलाओं को राजकोप सिटिजन ऐप, महिला सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन 1090/1091, पुलिस कंट्रोल रूम 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच, पॉक्सो एक्ट एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। इन सत्रों में यातायात नियमों के पालन, महिला अधिकारों और पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न सुरक्षा अभियानों की भी जानकारी दी गई। दौसा पुलिस महिलाओं एवं छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति लगातार जागरूक कर उन्हें सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रही है।4
- विराटनगर के तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में ग्राम पंचायत पूरावाला के श्यामपुरा गांव में सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का संचालन पैरा लीगल वॉलंटियर दाताराम गुर्जर ने किया, जिन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को बिजली, पानी, परिवहन, डाक, टेलीफोन, बीमा और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। श्री गुर्जर ने यह भी बताया कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित किसी भी विवाद का निपटारा स्थायी लोक अदालत में बिना किसी खर्च के करवाया जा सकता है। इस जागरूकता शिविर में कुल 70 ग्रामीणों ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझा।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के चौकी गोवर्धनपुरा पावर हाउस में पिछले पांच दिनों से एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) गिरी हुई है। यह गंभीर स्थिति लाइन इंस्पेक्टर जैन आफताब आलम और लाइनमैन संजीव कुमार मीणा की घोर लापरवाही का परिणाम है। आरोप है कि इस लापरवाही के बावजूद बिजली विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।1