Shuru
Apke Nagar Ki App…
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में एक शासकीय विद्यालय के समय पर न खुलने को लेकर ग्रामीण और एक शिक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध जताने पर संबंधित शिक्षक ने उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि लोधी समाज के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया है। समाचार संस्थान ने यह भी बताया कि यदि शिक्षक की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में एक शासकीय विद्यालय के समय पर न खुलने को लेकर ग्रामीण और एक शिक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध जताने पर संबंधित शिक्षक ने उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि लोधी समाज के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया है। समाचार संस्थान ने यह भी बताया कि यदि शिक्षक की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बल्देवगढ़ में समय पर स्कूल न खुलने का विरोध करने पर एक शिक्षक ग्रामीणों पर बुरी तरह भड़क गए। इस दौरान शिक्षक ने ग्रामीणों को अपशब्द कहे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- बीते दिनों क्षेत्र में हुई बारिश ने जहाँ किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी, वहीं ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील के ग्राम बुदनी मड़ावरा में पर्याप्त साफ-सफाई के अभाव में नालियों की गंदगी और कीचड़ सड़कों पर पसर जाने से ग्रामीणों की परेशानी का कारण बन गई है। गांव में व्याप्त इस गंदगी की तस्वीरों को जागरूक ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए जिम्मेवार अधिकारियों से कार्यवाही की मांग की गई है। इस संबंध में गांव के निवासी करन पटेल ने बताया कि उनके गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त पड़ी है और वर्षों से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की बारिश के चलते गांव में जगह-जगह जलभराव और सड़कों-गलियों में गंदगी व कीचड़ आ जाने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मच्छरों समेत जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण लगातार जूझ रहे हैं।3
- छतरपुर शहर में शनिवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने एक साथ कई प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर सर्वे कार्रवाई की। इस दौरान नारायणपुर रोड स्थित एक्साइड केयर डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम और प्रिंस मेटल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड सहित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर अधिकारियों ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच की। इस कार्यवाही की जानकारी 05 जुलाई की सुबह करीब 10:00 बजे सामने आई है। केंद्रीय जीएसटी विभाग की लगभग 30 सदस्यीय टीम शहर के अलग-अलग स्थानों पर यह सर्वे कर रही थी, जिसमें नारायणपुर रोड स्थित गोदाम पर एक तीन सदस्यीय टीम ने लंबे समय तक दस्तावेजों का सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, यह सर्वे संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ जीएसटी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर किया जा रहा है। कार्यवाही की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। विभाग ने अब तक किसी भी प्रकार की कर चोरी या अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल, केंद्रीय जीएसटी विभाग की यह सर्वे कार्रवाई देर रात तक जारी रही।1
- सोशल मीडिया पर छतरपुर से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बच्ची बार-बार एक महिला को 'मम्मी... मम्मी...' कहकर पुकार रही है। हालांकि, वीडियो में दिख रही महिला दावा कर रही है कि ये बच्चे उसके नहीं हैं। दूसरी ओर, महिला के पहले पति और उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों का कहना है कि महिला की उम्र 27 वर्ष है और उसके दो बच्चे हैं, जबकि महिला स्वयं अपनी उम्र 21 वर्ष बता रही है। इन परस्पर विरोधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यदि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप सही हैं, तो सबसे बड़ा सवाल उन मासूम बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर उठता है। वहीं, यदि यह मामला किसी पारिवारिक या कानूनी विवाद से जुड़ा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना भी उतना ही आवश्यक बताया गया है। यह पूरी स्थिति बच्चों के हित, कानूनी जांच, और अन्य पहलुओं में से किसे प्राथमिकता दी जाए, इस पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।1
- छतरपुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सड़क हादसे में पति की मौत के बाद एक विधवा पत्नी ने अपने ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसके ससुर उस पर परिवार के भीतर ही ‘हलाला’ करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस पूरे मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए, विधवा ने पुलिस अधीक्षक (SP) से मदद मांगी है।1
- छतरपुर विधायक ने अतिक्रमण के मामले पर कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने इस संबंध में अपनी बात रखी और सुनने का आग्रह भी किया।1
- टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1