टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
- बल्देवगढ़ में समय पर स्कूल न खुलने का विरोध करने पर एक शिक्षक ग्रामीणों पर बुरी तरह भड़क गए। इस दौरान शिक्षक ने ग्रामीणों को अपशब्द कहे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील अंतर्गत बराना ग्राम पंचायत में दबंगों ने गौचर की शासकीय भूमि पर करीब आठ साल से कब्जा कर बुबाई कर दी है, जिसके चलते मवेशी सड़कों पर आ गए हैं। इस अतिक्रमण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। यह घटना पलेरा तहसील और जतारा विधानसभा के बराना खास क्षेत्र की है, जहाँ खुलेआम दबंग ट्रैक्टरों से जुताई करते और फसल बोते नजर आ रहे हैं। बरना ग्राम पंचायत के अंतर्गत खसरा नंबर 649/7 की 12.456 हेक्टेयर गौचर भूमि पर कब्जा किया गया है, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बताया गया है कि प्रदेश सरकार और टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोती द्वारा गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद, स्थानीय प्रशासन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है। बराना के सरपंच ने मुख्यमंत्री से लेकर जिले के कलेक्टर, पलेरा तहसीलदार और जतारा एसडीएम सहित निचले स्तर के अधिकारियों तक ऑनलाइन माध्यम से कई शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन उक्त जमीन को मुक्त कराने में लगातार असफल रहा है। सरपंच का आरोप है कि उच्च स्तरीय अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण दबंगों ने प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी पुनः गौचर जमीन पर बुवाई कर फसल खड़ी करने की तैयारी कर ली है। सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर गौचर की जमीन मुक्त नहीं कराई गई, तो ग्रामीण 'चक्का जाम' कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस अतिक्रमित भूमि को मुक्त करा पाता है या एक बार फिर असफल साबित होता है।1
- बमोरी कला गाँव में मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों और गलियों की बदहाली एक बार फिर उजागर हो गई है। गाँव के अधिकांश रास्तों पर भारी कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को, सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में भी पूरे गाँव की गलियाँ कीचड़ से भर जाती हैं। कई स्थानों पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है। इस वार्षिक समस्या से राहत पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गाँव में सड़क और नाली निर्माण का स्थायी समाधान करने की मांग की है। फिलहाल, बमोरी कला के निवासी कीचड़ भरे रास्तों से होकर निकलने को मजबूर हैं।4
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक समय पर स्कूल न खुलने का विरोध कर रहे ग्रामीणों को अपशब्द कहता हुआ दिखाई दे रहा है। शिक्षक ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन से भड़क गया था, जिसके बाद उसने अनुचित शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के संबंध में ओबीसी चतुर्भुज कुशवाहा, विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर टीकमगढ़ नीलेश दादा यादव, उत्तम नापित, सीताराम लोधी, राजपूत फुटेर, और पीआरओ टीकमगढ़ डॉ. कौशल प्रजापति को टैग किया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में एक शासकीय विद्यालय के समय पर न खुलने को लेकर ग्रामीण और एक शिक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध जताने पर संबंधित शिक्षक ने उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि लोधी समाज के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया है। समाचार संस्थान ने यह भी बताया कि यदि शिक्षक की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- छतरपुर शहर में शनिवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने एक साथ कई प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर सर्वे कार्रवाई की। इस दौरान नारायणपुर रोड स्थित एक्साइड केयर डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम और प्रिंस मेटल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड सहित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर अधिकारियों ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच की। इस कार्यवाही की जानकारी 05 जुलाई की सुबह करीब 10:00 बजे सामने आई है। केंद्रीय जीएसटी विभाग की लगभग 30 सदस्यीय टीम शहर के अलग-अलग स्थानों पर यह सर्वे कर रही थी, जिसमें नारायणपुर रोड स्थित गोदाम पर एक तीन सदस्यीय टीम ने लंबे समय तक दस्तावेजों का सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, यह सर्वे संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ जीएसटी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर किया जा रहा है। कार्यवाही की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। विभाग ने अब तक किसी भी प्रकार की कर चोरी या अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल, केंद्रीय जीएसटी विभाग की यह सर्वे कार्रवाई देर रात तक जारी रही।1
- टीकमगढ़ के छिपरी से सुंदर कुशवाहा सर ने 181 पर एक महिला शिक्षिका की शिकायत दर्ज कराई थी, जो एक बड़े घराने से आती हैं। शिकायत में कहा गया था कि वह शिक्षिका स्कूल में केवल दस्तखत करने आती हैं और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाती नहीं हैं। इस शिकायत के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने सुंदर सरजी को स्कूल बुलाया और महिला शिक्षिका के देवर से उन्हें पिटवा दिया। मारपीट के बाद, जब सुंदर सर अपनी शिकायत लेकर लिधोरा थाने पहुँचे, तो महिला शिक्षिका भी वहाँ पहुँच गईं और सुंदर कुशवाहा सर पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगा दिया, जिसे एक साज़िश का हिस्सा बताया गया है। अब सुंदर सर को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका के परिजन शिकायतकर्ता की जान के पीछे पड़े हैं, जबकि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल को सुचारू रूप से चलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह बन गया है। इस गंभीर मामले में पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। हृदेश कुशवाहा, जो जिला पंचायत सदस्य, प्रांतीय कुशवाहा समाज टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव हैं, ने एसपी टीकमगढ़ से इस घटना का संज्ञान लेने और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्यवाही करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सुंदर सर और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आपका दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1