जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ला में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का जायजा लेने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष ने मौके पर दौरा किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, वार्डवासियों द्वारा जलभराव की इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि उनके पुत्र के विवाह समारोह के कारण वे पूर्व में समय नहीं दे सके थे, लेकिन विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उन्होंने वार्ड का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष के साथ नगर पालिका के सब इंजीनियर आकाश त्यागी और वार्ड पार्षद बीरबल ठेकेदार भी मौजूद थे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करके समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत, नगर पालिका अध्यक्ष ने सब इंजीनियर आकाश त्यागी को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में स्थायी रूप से सीसी सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक जलभराव से लोगों को राहत दिलाने के लिए तत्काल मिट्टी डलवाकर उनके आवागमन का रास्ता सुगम बनाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश जारी किए। इस दौरे के दौरान, वार्डवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष अपनी कुछ अन्य समस्याएं भी प्रस्तुत कीं, जिन पर अध्यक्ष ने उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ला में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का जायजा लेने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष ने मौके पर दौरा किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, वार्डवासियों द्वारा जलभराव की इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि उनके पुत्र के विवाह समारोह के कारण वे पूर्व में समय नहीं दे सके थे, लेकिन विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उन्होंने वार्ड का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष के साथ नगर पालिका के सब इंजीनियर आकाश त्यागी और वार्ड पार्षद बीरबल ठेकेदार भी मौजूद थे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करके समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत, नगर पालिका अध्यक्ष ने सब इंजीनियर आकाश त्यागी को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में स्थायी रूप से सीसी सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक जलभराव से लोगों को राहत दिलाने के लिए तत्काल मिट्टी डलवाकर उनके आवागमन का रास्ता सुगम बनाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश जारी किए। इस दौरे के दौरान, वार्डवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष अपनी कुछ अन्य समस्याएं भी प्रस्तुत कीं, जिन पर अध्यक्ष ने उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी के नेतृत्व में चल रहा जनहित सत्याग्रह अपने 55वें दिन और अधिक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 18 बंधपुरा रोड की महिलाएं और पूर्व पार्षद सत्याग्रह के समर्थन में पहुंचे, जहां महिलाओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सीसी सड़क तो बना दी गई है, लेकिन उनकी गली को अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे सड़क ऊंची हो गई और गली नीचे रह गई। इसके परिणामस्वरूप, बारिश का पूरा पानी सीधे उनके घरों में घुस रहा है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि क्या विकास का अर्थ लोगों के घरों को जलमग्न करना है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि जनहित सत्याग्रह के दबाव में नगर में सफाई, नालों की सफाई और कुछ निर्माण कार्य अवश्य शुरू हुए हैं, लेकिन ये प्रयास केवल दिखावा मात्र हैं। उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका आज भी आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी देने से बच रही है और स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सत्याग्रह स्थल पर उपस्थित उपाध्यक्ष पति मनोज प्रताप, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद पति अशरफ, पार्षद राकेश शिवहरे और पार्षद पति लक्ष्मण सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से कहा कि नगर पालिका में जनता की सुनवाई नहीं होती, बल्कि केवल 'लूट और मनमानी का खेल' चल रहा है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और नगर पालिका में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह जनहित सत्याग्रह और भी अधिक उग्र तथा व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लेगा।1
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदाग्रस्त परिवारों, खासकर महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में केंद्र और राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुःख बाँटने से कम होता है और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का हाथ थामना ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण अनेक परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेत-खलिहानों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। प्रभावित महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं, और सरकार राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी मिलकर इस कठिन समय को पार करेंगे और अरुणाचल फिर से मुस्कुराएगा, क्योंकि उनका विश्वास, संकल्प और साथ किसी भी आपदा से बड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता समय पर पहुँचाई जाए।1
- धौलपुर जिले के भवुतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, वहीं जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू को पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल किया गया। अंतिम संस्कार के बाद, जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता की हत्या एक साजिश के तहत की गई है। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की। इसी क्रम में, जगन के भाई पप्पू गुर्जर ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।2
- ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने PCC चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट पटवारी के साल 2024 में चार्जशीट पेश होने के बाद और समन व ज़मानती वारंट के बावजूद कोर्ट में हाजिर न होने पर जारी किया गया है। यह मामला भिंड जिले में लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज हुआ था। भिंड के उमरी थाने में पटवारी के खिलाफ बसपा पदाधिकारी अशोक गुप्ता की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी, जिसमें पटवारी ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष पर भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाया था। मामले में लगातार अनुपस्थिति पर ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने भिंड पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने भिंड SP को चेतावनी दी है कि यदि इस बार वारंट की तामील नहीं हुई, तो सभी संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भिंड SP को एक विशेष टीम गठित कर वारंट की तामील सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट ने इस दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पटवारी एक चर्चित राजनेता हैं जिनके बयान आए दिन अखबारों में छपते हैं, इसके बावजूद पुलिस बार-बार यह रिपोर्ट दे रही है कि वह मिल नहीं रहे हैं। मजिस्ट्रेट ने संदेह व्यक्त किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपी को अनुचित संरक्षण दे रही है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होनी है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के बरौली गांव निवासी युवा आशु शर्मा का राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में चयन होने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। समाजसेवी मुकेश श्रोतीय और भूदेव शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर और साफा बांधकर आशु शर्मा का अभिनंदन किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और आशु शर्मा का उत्साहवर्धन किया।4
- धौलपुर की पुरानी छावनी में भीषण गर्मी के बीच मानव सेवा और परोपकार का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। महामना परिवार ने पुरानी छावनी स्थित संतोषी माता मंदिर के बाहर राहगीरों और आमजन के लिए शीतल पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था करते हुए एक वाटर कूलर स्थापित किया है, जिससे अब यहां से गुजरने वाले सभी लोग ठंडा और स्वच्छ पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुरानी छावनी चौराहे से लेकर पूरे गांव तक राहगीरों के लिए ऐसी स्थायी शीतल पेयजल व्यवस्था पहले उपलब्ध नहीं थी। इस कदम से न केवल लोगों की प्यास बुझ रही है, बल्कि यह समाज को सेवा और परोपकार का एक सशक्त संदेश भी दे रहा है। भारतीय संस्कृति में 'प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य' माना गया है और महामना परिवार ने इसी भावना को साकार करते हुए जनसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए महामना परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी जनहित और मानव सेवा के ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की है।4
- कैलारस में मंगलवार रात्रि से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह भी लगातार जारी है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। बड़ौनी थाना पुलिस ने करीब 11 महीने पुराने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मृतक उदयभान सिंह के सगे बेटे नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुलासा होने के एक घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को धर दबोचा, जिसकी जानकारी आज एसपी दतिया ने दी। पुलिस के अनुसार, ग्राम छता निवासी शिवसिंह ने 28 जून को अपने भाई उदयभान सिंह के 11 महीने से लापता होने की सूचना दी थी। जांच के दौरान मृतक के बेटे नितिन पर संदेह गहराया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि उसके पिता की मौत ट्रैक्टर के कल्टीवेटर के फाल सिर पर गिरने से हुई थी और डर के कारण उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था। हालांकि, सामली नदी से बरामद हड्डियों, कपड़ों और अन्य साक्ष्यों की एफएसएल जांच रिपोर्ट ने आरोपी की इस झूठी कहानी की पोल खोल दी। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर नितिन टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसके पिता ने उसे ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए 40 हजार रुपये दिए थे। जब पिता लगातार पैसों का हिसाब मांगने लगे, तो अगस्त 2025 में उसने सोते समय कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने शव को घर के बक्से में छिपा दिया और पूरे गांव व परिजनों को यह बताता रहा कि उसके पिता काम के सिलसिले में मुंबई चले गए हैं। करीब छह महीने बाद नितिन ने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह को पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को कथरी में लपेटा और सामली नदी में फेंक दिया, ताकि हत्या का कोई सबूत न बच सके। बड़ौनी थाना पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर हड्डियां, खाट, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है, जैसा कि एसपी दतिया मयूर खंडेलवाल ने बताया।1
- धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र में 01 जुलाई 2026 को भिंडीपुरा पुल के पास पेयजल पाइपलाइन में कथित लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह लीकेज कई दिनों से जारी है, जिससे बहुमूल्य पेयजल सड़कों और नालियों में बह रहा है। क्षेत्रवासियों ने इस स्थिति पर प्रशासन की गंभीर अनदेखी का आरोप लगाया है, खासकर ऐसे समय में जब गर्मी और अनियमित जलापूर्ति के कारण लोगों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। नागरिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पानी की बर्बादी के साथ-साथ सड़क को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार और प्रशासन जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी की हो रही इस बर्बादी पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और पानी की बर्बादी रोकने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।1