केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदाग्रस्त परिवारों, खासकर महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में केंद्र और राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुःख बाँटने से कम होता है और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का हाथ थामना ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण अनेक परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेत-खलिहानों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। प्रभावित महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं, और सरकार राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी मिलकर इस कठिन समय को पार करेंगे और अरुणाचल फिर से मुस्कुराएगा, क्योंकि उनका विश्वास, संकल्प और साथ किसी भी आपदा से बड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता समय पर पहुँचाई जाए।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदाग्रस्त परिवारों, खासकर महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में केंद्र और राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुःख बाँटने से कम होता है और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का हाथ थामना ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण अनेक परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेत-खलिहानों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। प्रभावित महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं, और सरकार राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी मिलकर इस कठिन समय को पार करेंगे और अरुणाचल फिर से मुस्कुराएगा, क्योंकि उनका विश्वास, संकल्प और साथ किसी भी आपदा से बड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता समय पर पहुँचाई जाए।
- CvBhind, Madhya Pradesh😍11 hrs ago
- मुरैना जिले की कुंवारी नदी में बड़ी संख्या में मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मौत होने से हड़कंप मच गया है। अंबा रोड स्थित दामिनी क्षेत्र के पुल के नीचे नदी में सैकड़ों मछलियां मृत अवस्था में तैरती हुई दिखाई दीं, जिसने क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि नदी के पानी में किसी जहरीले पदार्थ या केमिकल के मिलने के कारण यह घटना हुई है। उनका अनुमान है कि किसी फैक्ट्री से निकला रासायनिक अपशिष्ट या किसी अन्य स्रोत से नदी में जहरीला पदार्थ पहुंचने से यह स्थिति बनी हो सकती है। घटना के बाद, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पानी के नमूनों की जांच कराने, मछलियों की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने और यदि प्रदूषण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, मछलियों की मौत का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।1
- कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर स्थित उनके पैतृक गांव में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार अजमेर सेंट्रल जेल में हुई उनकी संदिग्ध मौत के बाद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से क्षेत्र में तनावपूर्ण और संवेदनशील माहौल बना रहा। मृतक के भाई पप्पू गुर्जर को पैरोल पर जेल से बाहर लाकर अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया। इस दौरान जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी कोमेश गुर्जर ने जेल प्रशासन और घटना की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि जेल के भीतर एक “छोटे अपराधी” पर हत्या का आरोप मढ़ा जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। कोमेश गुर्जर ने इसे अपने परिवार के सम्मान पर चोट बताते हुए असली दोषियों के नाम उजागर करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कुछ दिनों में न्याय नहीं मिला, तो वह स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होंगी और बच्चों के साथ सड़क पर बैठने या आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर भी विचार कर सकती हैं। कोमेश गुर्जर ने यह भी बताया कि घटना से पहले सोमवार सुबह करीब 7 बजे उनकी जगन गुर्जर से फोन पर बात हुई थी, जिसमें जगन ने जेल में अन्य बंदियों से विवाद की जानकारी दी थी। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। कोमेश ने कहा कि जगन गुर्जर की दुश्मनी मुख्य रूप से धौलपुर जिले तक ही सीमित थी और बाहर किसी से कोई विवाद नहीं था। उल्लेखनीय है कि कोमेश गुर्जर का भी आपराधिक इतिहास रहा है; वह पहले जगन गुर्जर की सहयोगी और बाद में उसकी पत्नी बनीं, और किशोरावस्था में पारिवारिक बदले की घटनाओं व बाद में बीहड़ जीवन और गैंग गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।1
- धौलपुर के पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव भभूतीपूरा पहुंचा, जहाँ उनके अंतिम दर्शन के लिए धौलपुर जिला कांग्रेस प्रवक्ता शालिनी शर्मा भी पहुंचीं। शालिनी शर्मा ने इस दुखद घड़ी में जगन गुर्जर की पत्नी, बच्चों और परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री शालिनी शर्मा ने जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में उठ रहे गंभीर सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जवाब मिलने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। शालिनी शर्मा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई साजिश सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।2
- जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ले में लोग लंबे समय से जल भराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। निवासियों ने इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनकी समस्या का कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब सरकारी या अन्य माध्यमों से कोई हल नहीं मिला, तब सभी लोग एकजुट होकर रविंद्र सिकरवार सिकरौदा वाले के पास पहुँचे। रविंद्र सिकरवार ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं घटनास्थल पर पहुँचने के साथ-साथ अपने सुपुत्र राहुल सिकरवार को भी मौके पर भेजा। इसके बाद राहुल सिकरवार ने व्यक्तिगत पहल करते हुए लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान अपने निजी खर्चे पर करवाया। इस प्रकार, जहाँ जल भराव की समस्या का कहीं भी समाधान नहीं हो पाया था, वहीं राहुल सिकरवार ने निजी खर्चे पर इसे हल कर लोगों को राहत प्रदान की।1
- धौलपुर की पुरानी छावनी में भीषण गर्मी के बीच मानव सेवा और परोपकार का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। महामना परिवार ने पुरानी छावनी स्थित संतोषी माता मंदिर के बाहर राहगीरों और आमजन के लिए शीतल पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था करते हुए एक वाटर कूलर स्थापित किया है, जिससे अब यहां से गुजरने वाले सभी लोग ठंडा और स्वच्छ पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुरानी छावनी चौराहे से लेकर पूरे गांव तक राहगीरों के लिए ऐसी स्थायी शीतल पेयजल व्यवस्था पहले उपलब्ध नहीं थी। इस कदम से न केवल लोगों की प्यास बुझ रही है, बल्कि यह समाज को सेवा और परोपकार का एक सशक्त संदेश भी दे रहा है। भारतीय संस्कृति में 'प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य' माना गया है और महामना परिवार ने इसी भावना को साकार करते हुए जनसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए महामना परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी जनहित और मानव सेवा के ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की है।4
- अम्बाह क्षेत्र के इंडियन पब्लिक स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ बड़े उत्साह, उमंग और धार्मिक वातावरण के साथ किया गया। क्षेत्र के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों का आगमन शुरू होने के बाद, इंडियन पब्लिक स्कूल में इस कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा लाल फीता काटकर की गई। इसके बाद विद्यालय की शिक्षिकाओं ने सभी विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ने भगवान महादेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन कर नए शैक्षणिक सत्र के सफल संचालन तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, विद्यालय परिसर 'भारत माता की जय' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया और उन्हें नए सत्र की शुभकामनाएं दीं। इस शुभारंभ कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ, सभी विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।1
- अम्बाह स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ उत्साह, उमंग और धार्मिक वातावरण के साथ हर्षोल्लास से किया गया। क्षेत्रीय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों का आगमन प्रारंभ हो गया है। इस दौरान, विद्यालय की छात्राओं ने लाल फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसके बाद शिक्षिकाओं ने सभी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के प्राचार्य ने भगवान महादेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन कर नए शैक्षणिक सत्र के सफल संचालन तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर विद्यालय परिसर "भारत माता की जय" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया, और नए सत्र के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।1
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदाग्रस्त परिवारों, खासकर महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में केंद्र और राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुःख बाँटने से कम होता है और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का हाथ थामना ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण अनेक परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेत-खलिहानों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। प्रभावित महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं, और सरकार राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी मिलकर इस कठिन समय को पार करेंगे और अरुणाचल फिर से मुस्कुराएगा, क्योंकि उनका विश्वास, संकल्प और साथ किसी भी आपदा से बड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता समय पर पहुँचाई जाए।1