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जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ले में लोग लंबे समय से जल भराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। निवासियों ने इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनकी समस्या का कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब सरकारी या अन्य माध्यमों से कोई हल नहीं मिला, तब सभी लोग एकजुट होकर रविंद्र सिकरवार सिकरौदा वाले के पास पहुँचे। रविंद्र सिकरवार ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं घटनास्थल पर पहुँचने के साथ-साथ अपने सुपुत्र राहुल सिकरवार को भी मौके पर भेजा। इसके बाद राहुल सिकरवार ने व्यक्तिगत पहल करते हुए लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान अपने निजी खर्चे पर करवाया। इस प्रकार, जहाँ जल भराव की समस्या का कहीं भी समाधान नहीं हो पाया था, वहीं राहुल सिकरवार ने निजी खर्चे पर इसे हल कर लोगों को राहत प्रदान की।
Mahesh singh
जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ले में लोग लंबे समय से जल भराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। निवासियों ने इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनकी समस्या का कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब सरकारी या अन्य माध्यमों से कोई हल नहीं मिला, तब सभी लोग एकजुट होकर रविंद्र सिकरवार सिकरौदा वाले के पास पहुँचे। रविंद्र सिकरवार ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं घटनास्थल पर पहुँचने के साथ-साथ अपने सुपुत्र राहुल सिकरवार को भी मौके पर भेजा। इसके बाद राहुल सिकरवार ने व्यक्तिगत पहल करते हुए लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान अपने निजी खर्चे पर करवाया। इस प्रकार, जहाँ जल भराव की समस्या का कहीं भी समाधान नहीं हो पाया था, वहीं राहुल सिकरवार ने निजी खर्चे पर इसे हल कर लोगों को राहत प्रदान की।
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- जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ले में लोग लंबे समय से जल भराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। निवासियों ने इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनकी समस्या का कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब सरकारी या अन्य माध्यमों से कोई हल नहीं मिला, तब सभी लोग एकजुट होकर रविंद्र सिकरवार सिकरौदा वाले के पास पहुँचे। रविंद्र सिकरवार ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं घटनास्थल पर पहुँचने के साथ-साथ अपने सुपुत्र राहुल सिकरवार को भी मौके पर भेजा। इसके बाद राहुल सिकरवार ने व्यक्तिगत पहल करते हुए लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान अपने निजी खर्चे पर करवाया। इस प्रकार, जहाँ जल भराव की समस्या का कहीं भी समाधान नहीं हो पाया था, वहीं राहुल सिकरवार ने निजी खर्चे पर इसे हल कर लोगों को राहत प्रदान की।1
- मुरैना जिले की कुंवारी नदी में बड़ी संख्या में मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मौत होने से हड़कंप मच गया है। अंबा रोड स्थित दामिनी क्षेत्र के पुल के नीचे नदी में सैकड़ों मछलियां मृत अवस्था में तैरती हुई दिखाई दीं, जिसने क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि नदी के पानी में किसी जहरीले पदार्थ या केमिकल के मिलने के कारण यह घटना हुई है। उनका अनुमान है कि किसी फैक्ट्री से निकला रासायनिक अपशिष्ट या किसी अन्य स्रोत से नदी में जहरीला पदार्थ पहुंचने से यह स्थिति बनी हो सकती है। घटना के बाद, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पानी के नमूनों की जांच कराने, मछलियों की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने और यदि प्रदूषण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, मछलियों की मौत का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।1
- धौलपुर के भभूतीपुरा गांव में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। उनके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। इस दौरान जगन गुर्जर के भाई लालसिंह, पानसिंह और पप्पू भी पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार के बाद, आसाराम गुर्जर ने जेल प्रशासन पर साजिशन हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने परिवार की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और मामले की जांच तथा संबंधित प्रक्रिया जारी है।1
- स्थानीय स्तर पर दो मोटरों को बिना लोड चेक किए गलत तरीके से अधिक बिजली की क्षमता प्रदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक पाँच यूनिट की मोटर को बिना जाँच के 11 यूनिट की पावर दे दी गई, जबकि एक अन्य तीन यूनिट की मोटर को भी बिना किसी परीक्षण के 8 यूनिट की पावर आवंटित कर दी गई। इस गंभीर विसंगति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद SDM और RARID जैसे अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। 'तेरी' द्वारा इस संबंध में एक जाँच भी की गई। जाँच के दौरान यह पाया गया कि वास्तविक रूप से एक मोटर की क्षमता तीन यूनिट थी और दूसरी मोटर की क्षमता पाँच यूनिट थी। लेकिन जाँच में वास्तविक क्षमता सामने आने के बावजूद, इस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके।4
- कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर स्थित उनके पैतृक गांव में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार अजमेर सेंट्रल जेल में हुई उनकी संदिग्ध मौत के बाद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से क्षेत्र में तनावपूर्ण और संवेदनशील माहौल बना रहा। मृतक के भाई पप्पू गुर्जर को पैरोल पर जेल से बाहर लाकर अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया। इस दौरान जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी कोमेश गुर्जर ने जेल प्रशासन और घटना की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि जेल के भीतर एक “छोटे अपराधी” पर हत्या का आरोप मढ़ा जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। कोमेश गुर्जर ने इसे अपने परिवार के सम्मान पर चोट बताते हुए असली दोषियों के नाम उजागर करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कुछ दिनों में न्याय नहीं मिला, तो वह स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होंगी और बच्चों के साथ सड़क पर बैठने या आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर भी विचार कर सकती हैं। कोमेश गुर्जर ने यह भी बताया कि घटना से पहले सोमवार सुबह करीब 7 बजे उनकी जगन गुर्जर से फोन पर बात हुई थी, जिसमें जगन ने जेल में अन्य बंदियों से विवाद की जानकारी दी थी। उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। कोमेश ने कहा कि जगन गुर्जर की दुश्मनी मुख्य रूप से धौलपुर जिले तक ही सीमित थी और बाहर किसी से कोई विवाद नहीं था। उल्लेखनीय है कि कोमेश गुर्जर का भी आपराधिक इतिहास रहा है; वह पहले जगन गुर्जर की सहयोगी और बाद में उसकी पत्नी बनीं, और किशोरावस्था में पारिवारिक बदले की घटनाओं व बाद में बीहड़ जीवन और गैंग गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।1
- धौलपुर के पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव भभूतीपूरा पहुंचा, जहाँ उनके अंतिम दर्शन के लिए धौलपुर जिला कांग्रेस प्रवक्ता शालिनी शर्मा भी पहुंचीं। शालिनी शर्मा ने इस दुखद घड़ी में जगन गुर्जर की पत्नी, बच्चों और परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री शालिनी शर्मा ने जगन गुर्जर की मृत्यु के मामले में उठ रहे गंभीर सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जवाब मिलने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। शालिनी शर्मा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई साजिश सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।2
- जौरा शहर के वार्ड क्रमांक 18 स्थित कुशवाहा मोहल्ला में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का जायजा लेने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष ने मौके पर दौरा किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, वार्डवासियों द्वारा जलभराव की इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि उनके पुत्र के विवाह समारोह के कारण वे पूर्व में समय नहीं दे सके थे, लेकिन विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उन्होंने वार्ड का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष के साथ नगर पालिका के सब इंजीनियर आकाश त्यागी और वार्ड पार्षद बीरबल ठेकेदार भी मौजूद थे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करके समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत, नगर पालिका अध्यक्ष ने सब इंजीनियर आकाश त्यागी को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में स्थायी रूप से सीसी सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक जलभराव से लोगों को राहत दिलाने के लिए तत्काल मिट्टी डलवाकर उनके आवागमन का रास्ता सुगम बनाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश जारी किए। इस दौरे के दौरान, वार्डवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष अपनी कुछ अन्य समस्याएं भी प्रस्तुत कीं, जिन पर अध्यक्ष ने उनके निराकरण का आश्वासन दिया।1
- मुरैना के सबलगढ़ स्थित कृषि उपज मंडी के आलू गोदाम में बुधवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि गोदाम से उठती ऊंची लपटें और धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। इस घटना के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी, हम्माल, मंडी कर्मचारी व स्थानीय नागरिक मौके पर जमा हो गए। आग की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू कर दिए। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग को आसपास के अन्य गोदामों और दुकानों तक फैलने से रोकने की कोशिश की। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में बड़ी मात्रा में आलू और अन्य कृषि उत्पाद रखे हुए थे, जिससे लाखों के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक नुकसान का आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रशासन शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों की जांच में जुटा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और वास्तविक कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राहत की बात यह है कि घटना में अभी तक किसी जनहानि की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।1