स्थानीय स्तर पर दो मोटरों को बिना लोड चेक किए गलत तरीके से अधिक बिजली की क्षमता प्रदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक पाँच यूनिट की मोटर को बिना जाँच के 11 यूनिट की पावर दे दी गई, जबकि एक अन्य तीन यूनिट की मोटर को भी बिना किसी परीक्षण के 8 यूनिट की पावर आवंटित कर दी गई। इस गंभीर विसंगति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद SDM और RARID जैसे अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। 'तेरी' द्वारा इस संबंध में एक जाँच भी की गई। जाँच के दौरान यह पाया गया कि वास्तविक रूप से एक मोटर की क्षमता तीन यूनिट थी और दूसरी मोटर की क्षमता पाँच यूनिट थी। लेकिन जाँच में वास्तविक क्षमता सामने आने के बावजूद, इस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके।
स्थानीय स्तर पर दो मोटरों को बिना लोड चेक किए गलत तरीके से अधिक बिजली की क्षमता प्रदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक पाँच यूनिट की मोटर को बिना जाँच के 11 यूनिट की पावर दे दी गई, जबकि
एक अन्य तीन यूनिट की मोटर को भी बिना किसी परीक्षण के 8 यूनिट की पावर आवंटित कर दी गई। इस गंभीर विसंगति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद SDM और RARID जैसे अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत
कराया गया। 'तेरी' द्वारा इस संबंध में एक जाँच भी की गई। जाँच के दौरान यह पाया गया कि वास्तविक रूप से एक मोटर की क्षमता तीन यूनिट थी और दूसरी मोटर की क्षमता पाँच यूनिट थी। लेकिन जाँच में वास्तविक क्षमता सामने आने
के बावजूद, इस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके।
- स्थानीय स्तर पर दो मोटरों को बिना लोड चेक किए गलत तरीके से अधिक बिजली की क्षमता प्रदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक पाँच यूनिट की मोटर को बिना जाँच के 11 यूनिट की पावर दे दी गई, जबकि एक अन्य तीन यूनिट की मोटर को भी बिना किसी परीक्षण के 8 यूनिट की पावर आवंटित कर दी गई। इस गंभीर विसंगति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद SDM और RARID जैसे अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। 'तेरी' द्वारा इस संबंध में एक जाँच भी की गई। जाँच के दौरान यह पाया गया कि वास्तविक रूप से एक मोटर की क्षमता तीन यूनिट थी और दूसरी मोटर की क्षमता पाँच यूनिट थी। लेकिन जाँच में वास्तविक क्षमता सामने आने के बावजूद, इस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके।4
- ग्वालियर पुलिस ने शहर में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक नया अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और आम जनता को संभावित साइबर धोखाधड़ी से बचाना है। ग्वालियर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों के बीच सुरक्षित ऑनलाइन आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।1
- ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने PCC चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट पटवारी के साल 2024 में चार्जशीट पेश होने के बाद और समन व ज़मानती वारंट के बावजूद कोर्ट में हाजिर न होने पर जारी किया गया है। यह मामला भिंड जिले में लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज हुआ था। भिंड के उमरी थाने में पटवारी के खिलाफ बसपा पदाधिकारी अशोक गुप्ता की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी, जिसमें पटवारी ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष पर भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाया था। मामले में लगातार अनुपस्थिति पर ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने भिंड पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने भिंड SP को चेतावनी दी है कि यदि इस बार वारंट की तामील नहीं हुई, तो सभी संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भिंड SP को एक विशेष टीम गठित कर वारंट की तामील सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट ने इस दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पटवारी एक चर्चित राजनेता हैं जिनके बयान आए दिन अखबारों में छपते हैं, इसके बावजूद पुलिस बार-बार यह रिपोर्ट दे रही है कि वह मिल नहीं रहे हैं। मजिस्ट्रेट ने संदेह व्यक्त किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपी को अनुचित संरक्षण दे रही है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होनी है।1
- ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड पर बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर बने गड्ढे में धंस गई। यह घटना उस स्थान पर हुई जहाँ सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था, और उसी जगह सड़क अचानक धंस गई। बस के गड्ढे में फंसते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने चल रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्काल मदद से स्कूल बस को सुरक्षित रूप से गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे।1
- दतिया में करीब 11 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो गया है। इस मामले में पता चला है कि बेटे ने ही अपने पिता की हत्या की थी। पुलिस ने इस संबंध में बेटे के साथ-साथ उसके ताऊ को भी गिरफ्तार कर लिया है। दतिया पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की जानकारी साझा की।1
- ग्वालियर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पिता ने अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की मांग करते हुए दर्दभरी अपील की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की तीन लोगों ने मिलकर हत्या कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद वे अभी तक न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के हत्या के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।1
- वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा नेता दिनेश जैन ने अपना जन्मदिन एक 'सेवा पर्व' के रूप में मनाया।1
- भितरवार नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहाँ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे और उन्होंने खरीफ सीजन की फसलों का कृषि कार्य बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है। मंगलवार की दोपहर लगभग 12:25 बजे 40 मिनट तक चली इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि, बारिश से मिली इस राहत के साथ ही भितरवार नगर परिषद के 'निकम्मेपन और भ्रष्टाचार' की पोल भी खुलकर सामने आ गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। मानसून की पहली ही तेज बारिश में नगर परिषद के 'नंबर वन' बनने के दावों की पोल खुल गई, और सफाई व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी वार्डों तक, हर तरफ घुटने तक गंदा पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक नाकामी का मंजर दिखा। वार्ड क्रमांक 10 में जयवीर हनुमान मंदिर गली और उससे लगी वार्ड क्रमांक 13 की गली में लगभग एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे कई लोगों के घरों में बारिश का पानी और नालों का गंदा पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया। नए बस स्टैंड के पास हरसी रोड पर भी यही हाल रहा, जहाँ नाले ओवरफ्लो होकर दुकानों तक पानी पहुँच गया। वार्ड नं 1 में एचपी पेट्रोल पंप के सामने वाली गली और वार्ड क्रमांक एक व पाँच में भी कई घरों तक पानी पहुँचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से खेती की ज़मीन पर मकान बनाने वाले कॉलोनीवासियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, क्योंकि उनके मकान सड़क से नीचे होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद पर प्री-मानसून सफाई में लापरवाही और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की मुस्तैदी से सफाई नहीं कराई गई, जिससे कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई। जनता का आरोप है कि नालों की सफाई के नाम पर केवल 'कागजी खानापूर्ति' की गई और लाखों रुपये का बजट 'ठिकाने लगा दिया गया'। इस 'शर्मनाक लापरवाही' और अधिकारियों के 'बंद कमरों में बैठे रहने' के कारण जनता सड़कों पर भरे गंदे पानी से जूझने को मजबूर है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। हालांकि, जलभराव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया के निर्देश पर नगर परिषद स्वच्छता निरीक्षक विनोद खटीक ने जेसीबी मशीन और सफाई कर्मचारियों की टीमों को भेजकर जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था कराई। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी हल्की से भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते किसान अभी भी खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई में जुटे हैं।4