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ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड पर बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर बने गड्ढे में धंस गई। यह घटना उस स्थान पर हुई जहाँ सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था, और उसी जगह सड़क अचानक धंस गई। बस के गड्ढे में फंसते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने चल रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्काल मदद से स्कूल बस को सुरक्षित रूप से गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे।
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ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड पर बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर बने गड्ढे में धंस गई। यह घटना उस स्थान पर हुई जहाँ सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था, और उसी जगह सड़क अचानक धंस गई। बस के गड्ढे में फंसते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने चल रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्काल मदद से स्कूल बस को सुरक्षित रूप से गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे।
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- ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने PCC चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट पटवारी के साल 2024 में चार्जशीट पेश होने के बाद और समन व ज़मानती वारंट के बावजूद कोर्ट में हाजिर न होने पर जारी किया गया है। यह मामला भिंड जिले में लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज हुआ था। भिंड के उमरी थाने में पटवारी के खिलाफ बसपा पदाधिकारी अशोक गुप्ता की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी, जिसमें पटवारी ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष पर भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाया था। मामले में लगातार अनुपस्थिति पर ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने भिंड पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने भिंड SP को चेतावनी दी है कि यदि इस बार वारंट की तामील नहीं हुई, तो सभी संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भिंड SP को एक विशेष टीम गठित कर वारंट की तामील सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट ने इस दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पटवारी एक चर्चित राजनेता हैं जिनके बयान आए दिन अखबारों में छपते हैं, इसके बावजूद पुलिस बार-बार यह रिपोर्ट दे रही है कि वह मिल नहीं रहे हैं। मजिस्ट्रेट ने संदेह व्यक्त किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपी को अनुचित संरक्षण दे रही है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होनी है।1
- ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सिंहपुर रोड पर बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर बने गड्ढे में धंस गई। यह घटना उस स्थान पर हुई जहाँ सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था, और उसी जगह सड़क अचानक धंस गई। बस के गड्ढे में फंसते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने चल रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्काल मदद से स्कूल बस को सुरक्षित रूप से गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे।1
- दतिया में करीब 11 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो गया है। इस मामले में पता चला है कि बेटे ने ही अपने पिता की हत्या की थी। पुलिस ने इस संबंध में बेटे के साथ-साथ उसके ताऊ को भी गिरफ्तार कर लिया है। दतिया पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की जानकारी साझा की।1
- ग्वालियर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पिता ने अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की मांग करते हुए दर्दभरी अपील की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की तीन लोगों ने मिलकर हत्या कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद वे अभी तक न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के हत्या के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।1
- ग्वालियर पुलिस ने शहर में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक नया अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और आम जनता को संभावित साइबर धोखाधड़ी से बचाना है। ग्वालियर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों के बीच सुरक्षित ऑनलाइन आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।1
- स्थानीय स्तर पर दो मोटरों को बिना लोड चेक किए गलत तरीके से अधिक बिजली की क्षमता प्रदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक पाँच यूनिट की मोटर को बिना जाँच के 11 यूनिट की पावर दे दी गई, जबकि एक अन्य तीन यूनिट की मोटर को भी बिना किसी परीक्षण के 8 यूनिट की पावर आवंटित कर दी गई। इस गंभीर विसंगति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद SDM और RARID जैसे अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। 'तेरी' द्वारा इस संबंध में एक जाँच भी की गई। जाँच के दौरान यह पाया गया कि वास्तविक रूप से एक मोटर की क्षमता तीन यूनिट थी और दूसरी मोटर की क्षमता पाँच यूनिट थी। लेकिन जाँच में वास्तविक क्षमता सामने आने के बावजूद, इस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनता से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके।4
- गोहद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरियादी नवल सिंह द्वारा 27 अप्रैल को आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था, जिसके बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। इन फरार आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने तीन-तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गोहद थाना पुलिस ने 1 जुलाई को इन्हीं दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को गोहद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। बड़ौनी थाना पुलिस ने करीब 11 महीने पुराने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मृतक उदयभान सिंह के सगे बेटे नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुलासा होने के एक घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को धर दबोचा, जिसकी जानकारी आज एसपी दतिया ने दी। पुलिस के अनुसार, ग्राम छता निवासी शिवसिंह ने 28 जून को अपने भाई उदयभान सिंह के 11 महीने से लापता होने की सूचना दी थी। जांच के दौरान मृतक के बेटे नितिन पर संदेह गहराया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि उसके पिता की मौत ट्रैक्टर के कल्टीवेटर के फाल सिर पर गिरने से हुई थी और डर के कारण उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था। हालांकि, सामली नदी से बरामद हड्डियों, कपड़ों और अन्य साक्ष्यों की एफएसएल जांच रिपोर्ट ने आरोपी की इस झूठी कहानी की पोल खोल दी। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर नितिन टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसके पिता ने उसे ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए 40 हजार रुपये दिए थे। जब पिता लगातार पैसों का हिसाब मांगने लगे, तो अगस्त 2025 में उसने सोते समय कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने शव को घर के बक्से में छिपा दिया और पूरे गांव व परिजनों को यह बताता रहा कि उसके पिता काम के सिलसिले में मुंबई चले गए हैं। करीब छह महीने बाद नितिन ने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह को पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को कथरी में लपेटा और सामली नदी में फेंक दिया, ताकि हत्या का कोई सबूत न बच सके। बड़ौनी थाना पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर हड्डियां, खाट, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है, जैसा कि एसपी दतिया मयूर खंडेलवाल ने बताया।1