शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले 'सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस' का आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की तहसील बांसी में हुआ। यह कार्यक्रम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शशांक शेखर राय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जहाँ उन्होंने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस समाधान दिवस में कुल 81 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत किए गए, जिनमें से एसडीएम शशांक शेखर राय ने दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों के अवलोकन के बाद मौके पर ही 10 मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर दिया। समाधान दिवस में राजस्व, विकास, शिक्षा, खाद्य एवं रसद (पूर्ति) सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामले सामने आए। एसडीएम ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट का भी गहनता से अवलोकन कर उनके निस्तारण की स्थिति जांची। शेष बचे 71 शिकायती प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए एसडीएम ने सख्त निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का शत-प्रतिशत और पारदर्शी निस्तारण तीन कार्यदिवसों के भीतर सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार बांसी पियूष श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी बांसी कृतिका अवस्थी सहित प्रशासनिक और विकास खंड के तमाम आला अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे, ताकि जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान निकाला जा सके।
शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले 'सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस' का आयोजन सिद्धार्थनगर जिले की तहसील बांसी में हुआ। यह कार्यक्रम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शशांक शेखर राय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जहाँ उन्होंने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस समाधान दिवस में कुल 81 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत किए गए, जिनमें से एसडीएम शशांक शेखर राय ने दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों के अवलोकन के बाद मौके पर ही 10 मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर दिया। समाधान दिवस में राजस्व, विकास, शिक्षा, खाद्य एवं रसद (पूर्ति) सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामले सामने आए। एसडीएम ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट का भी गहनता से अवलोकन कर उनके निस्तारण की स्थिति जांची। शेष बचे 71 शिकायती प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए एसडीएम ने सख्त निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का शत-प्रतिशत और पारदर्शी निस्तारण तीन कार्यदिवसों के भीतर सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार बांसी पियूष श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी बांसी कृतिका अवस्थी सहित प्रशासनिक और विकास खंड के तमाम आला अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे, ताकि जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान निकाला जा सके।
- दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।1
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देश पर, आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान ताजिया जुलूस मार्ग का सघनता से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। गश्त के दौरान, पुलिस टीम ने जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष तौर पर मुआयना किया। साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले विद्युत तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का भी परीक्षण किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत दी गई। थानाध्यक्ष ने ताजियेदारों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनसे पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले कृत्यों के प्रति पूरी तरह सतर्क है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पैदल गश्त के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडे ने संदेश दिया कि मोहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द का प्रतीक है, और सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करते हुए इस पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराएं। महुली पुलिस ने "सुरक्षित पर्व, शांतिपूर्ण आयोजन एवं सौहार्दपूर्ण समाज" का संकल्प लिया है।4
- NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में चाणक्य जन परिषद (CJP) द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, जवाब दो या इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों का विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा।1
- महाराजगंज जिले की पुरन्दरपुर पुलिस ने दान-दक्षिणा और पूजा-पाठ के बहाने लोगों को ठगकर आभूषण चुराने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी अखिलेश पाण्डेय (37), शेरा पाण्डेय (40) और चन्दन पाण्डेय (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी और एक सोने की नथुनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दान-दक्षिणा मांगने या पूजा-पाठ कराने के बहाने घरों में घुसते थे। इसके बाद वे लोगों को बातों में उलझाकर महिलाओं के पहने हुए कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम देवपुर में 6 जून 2026 को हुई चोरी की घटना को भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दिया था। चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेचा गया था, और उसी बिक्री से प्राप्त ₹5760 नकद राशि उनके पास से बरामद की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी फरेन्दा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में और प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के नेतृत्व में पुरन्दरपुर पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने 18 जून की रात करीब 11:40 बजे मधुकरपुर महदेवा स्थित पुराने पंचायत भवन के पास से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ₹5760 नकद, एक सोने की नथुनी और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ग्राम देवपुर निवासी गोविन्द चौरसिया की तहरीर पर थाना पुरन्दरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, कांस्टेबल सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार और देवेन्द्र खरवार शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- सिद्धार्थनगर में थाना मोहाना क्षेत्र के ग्राम पिपरहवा में हुई एक युवक की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक मुकेश गुप्ता का आरोपी आनंद लोध की बहन उषा के साथ प्रेम संबंध था, जिसके चलते अक्टूबर 2025 में उषा ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद मुकेश नेपाल होते हुए मुंबई चला गया था, लेकिन पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तभी से वे मुकेश की हत्या की योजना बना रहे थे। मुकेश 9 जून 2026 को अपने गांव वापस लौटा था, जिसकी जानकारी मिलने पर मुख्य आरोपी तिवारी लोध मुंबई से गांव पहुंचा। 16 जून की रात तिवारी लोध, रमेश लोध और आनंद लोध ने मिलकर मुकेश की हत्या की साजिश रची। रमेश लोध ने मुकेश के घर की निगरानी की और बताया कि वह छत पर अकेला सो रहा है। आरोप है कि इसके बाद आनंद लोध और तिवारी लोध छत पर पहुंचे, जहां तिवारी ने मुकेश के पैर पकड़े और आनंद ने गड़ासे से उसकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी, जबकि रमेश बाहर निगरानी करता रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में थाना मोहाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीनों आरोपियों - तिवारी लोध (43), रमेश लोध (42) और आनंद लोध (20) को मगरहिया मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा भी बरामद कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।4