गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव धाम में 13 जून से चल रहा 1009 घंटे का ऐतिहासिक महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। समापन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, पूर्णाहुति और महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, रामनाम संकीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा ने कहा कि यह महायज्ञ समाज में शांति, सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही श्रावण मास शुरू होने वाला है, ऐसे में बरमहादेव धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। महायज्ञ के बाद स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बरमहादेव धाम तक बेहतर सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन माह में यहां बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, इसलिए मंदिर क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव धाम में 13 जून से चल रहा 1009 घंटे का ऐतिहासिक महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। समापन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, पूर्णाहुति और महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, रामनाम संकीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा ने कहा कि यह महायज्ञ समाज में शांति, सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही श्रावण मास शुरू होने वाला है, ऐसे में बरमहादेव धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। महायज्ञ के बाद स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बरमहादेव धाम तक बेहतर सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन माह में यहां बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, इसलिए मंदिर क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अधिकांश दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही बड़ी वजह बन रही है। ताजा मामला गुमला के करमटोली गांव का है, जहां बीएड कॉलेज की प्रशिक्षु छात्राओं को लेकर लौट रहा एक टेम्पू तेज गति के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दीवार से जा टकराया। घटना के समय, छात्राएं प्रशिक्षण समाप्त कर टेम्पू से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और टेम्पू सीधे दीवार से टकरा गया। हादसा इतना जोरदार था कि टेम्पू में सवार तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों की पहचान घाघरा निवासी कुसुम रानी (30 वर्ष), अंजली कुमारी (30 वर्ष) तथा नीतू कुमारी (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दुर्घटना में कुसुम रानी का पैर टूट गया, जबकि अंजली कुमारी और नीतू कुमारी को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कुसुम रानी की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया, जबकि अंजली कुमारी और नीतू कुमारी का इलाज गुमला सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना का कारण टेम्पू की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही माना जा रहा है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- गुमला जिले के सिसई थाना अंतर्गत कोड़ेदाग शिवनाथपुर गांव निवासी सुरेश साहु की JH07N0975 नंबर की अपाची RTR मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। सुरेश साहु ने बताया कि वह रविवार को लोहरदगा जिला अंतर्गत भंडरा रथ मेला देखने गया था। उस समय अज्ञात लोगों ने हैंडल का लॉक तोड़कर उनकी मोटरसाइकिल चुरा ली। सुरेश साहु ने भंडरा थाना और सिसई थाना को सूचना दी है और मोटरसाइकिल ढूंढने की गुहार लगाई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि उनकी मोटरसाइकिल दिखे तो वे 6202366581 पर सूचना दें।1
- गुमला जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया है। यह स्कॉलरशिप झारखंड समेत देश के 20 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। पिछले वर्ष, जिला प्रशासन के सहयोग से जिले के सभी महाविद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और +2 विद्यालयों के माध्यम से बड़ी संख्या में पात्र छात्राओं तक पहुँच बनाई गई थी और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया गया था। इसके परिणामस्वरूप कई छात्राओं को स्कॉलरशिप का लाभ मिला। हालांकि, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ छात्राओं के आवेदन प्रपत्र और दस्तावेज़ सही ढंग से ऑनलाइन अपलोड नहीं होने के कारण वे चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सकीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए जिला प्रशासन ने इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत जिले के सभी महाविद्यालयों, संबंधित विभागों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग और सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र छात्रा इस अवसर से वंचित न रहे। स्कॉलरशिप के लिए पात्रता मानदंड हैं: छात्रा ने कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों सरकारी विद्यालय से नियमित छात्रा के रूप में उत्तीर्ण की हो, और शैक्षणिक सत्र 2027-28 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक (Degree) या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो। इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को ₹30,000 प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। यह सहायता प्रथम स्नातक पाठ्यक्रम की पूरी अवधि तक उपलब्ध रहती है। Round-1 के लिए आवेदन 10 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। यह स्कॉलरशिप पूरी तरह निःशुल्क है और इसके लिए आवेदन जरूरी डॉक्युमेंट के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं किया जा सकता है। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने जिले के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्रखंड प्रशासन, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पात्र छात्राओं की पहचान कर उन्हें आवेदन प्रक्रिया में हर संभव सहयोग प्रदान करें, ताकि जिले की प्रत्येक योग्य बेटी इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी उच्च शिक्षा का सपना साकार कर सके।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के वार्ड 20 में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ गई है। इस वार्ड में सड़क और नाली निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। नगर निगम के प्रयासों से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। विकास कार्यों के पूरा होने के बाद वार्ड के निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।1
- Post by Ashok Lakra2
- झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र की सड़क को लेकर लोगों का आक्रोश सामने आया है। क्षेत्र के लोगों का सीधे तौर पर कहना है कि आदिवासी को आदिवासी ही लूट रहे हैं।1
- राजधानी रांची के मोराबादी स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई को 135वें डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट का महाकुंभ आयोजित होने जा रहा है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में शामिल होकर मुकाबलों का आनंद लेने का शानदार मौका है। टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए आज से ही दर्शकों को निशुल्क टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फुटबॉल प्रेमी अपने किसी वर्ड डॉक्युमेंट के साथ उपस्थित होकर आज ही इस प्रतियोगिता का टिकट मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।1
- गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव धाम में 13 जून से चल रहा 1009 घंटे का ऐतिहासिक महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। समापन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, पूर्णाहुति और महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, रामनाम संकीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा ने कहा कि यह महायज्ञ समाज में शांति, सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही श्रावण मास शुरू होने वाला है, ऐसे में बरमहादेव धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। महायज्ञ के बाद स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बरमहादेव धाम तक बेहतर सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन माह में यहां बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, इसलिए मंदिर क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जानी चाहिए।1