जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया में 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार, तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया, श्री प्रदीप कुमार मलिक एवं सचिव श्री अरविंद कुमार दास के निर्देशों पर हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने की, जिसमें प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ एवं डिप्टी चीफ, पारा विधिक स्वयंसेवक और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को नशीली दवाओं के सेवन तथा अवैध तस्करी के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने नशीले पदार्थों का सेवन न करने, अपने परिवार एवं परिचितों को भी इनसे दूर रहने के लिए प्रेरित करने, और समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसके दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा युवाओं को नशे से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग ने जन-जागरूकता को नशा मुक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार आमजन के बीच जागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है। यह कार्यक्रम नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया में 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार, तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया, श्री प्रदीप कुमार मलिक एवं सचिव श्री अरविंद कुमार दास के निर्देशों पर हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने की, जिसमें प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ एवं डिप्टी चीफ, पारा विधिक स्वयंसेवक और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को नशीली दवाओं के सेवन तथा अवैध तस्करी के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने नशीले पदार्थों का सेवन न करने, अपने परिवार एवं परिचितों को भी इनसे दूर रहने के लिए प्रेरित करने, और समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसके दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा युवाओं को नशे से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग ने जन-जागरूकता को नशा मुक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार आमजन के बीच जागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है। यह कार्यक्रम नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पहली बार उनकी मां ने न्यायिक जांच को लेकर अपनी बात रखी है। यह बयान भरत भूषण तिवारी के समर्थन में आया है, जिसमें न्यायिक जांच पर जोर दिया गया है।1
- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।1
- गया जिले के मोहनपुर धरहरा पंचायत के हेमजापुर बाजार में लोगों की भारी भीड़ देखी गई है। हेमजपुर स्थित इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे।1
- मोहर्रम पर्व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय ! मौलाना हुजैफा साहब से मोहर्रम को लेकर हुई खास बातचीत ! Call - 82356105631
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की गया इकाई ने 25 जून को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के 'काले अध्याय' माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया। यह जुलूस गया स्थित इस्कॉन मंदिर के मुक्त द्वार से शुरू होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर, परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने बताया कि उस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ABVP हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, और वर्तमान युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके। वहीं, परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर एक गंभीर प्रहार था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था, और आज युवा वर्ग के लिए उन संघर्षों को याद रखना तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना आवश्यक है। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है। मशाल जुलूस के दौरान, कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया और यह संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे और आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे। इस कार्यक्रम में परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा, विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल, ऋषभ, सौरभ, पंकज, कमलाक्ष्य, राहुल, रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी, रोशनी सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना और युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था।1
- औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड में हसन-हुसैन की शहादत का त्योहार मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। यह पर्व गोह, उपहारा, बंदेया और देवकुंड थाना क्षेत्रों में पूरी श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ताजिया कमेटियों द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए, जिसमें मुस्लिम भाइयों ने पारंपरिक हथियारों के साथ शानदार करतबों का प्रदर्शन किया। प्रखंड मुख्यालय के अंदर बाजार, चौठी बिगहा, अजमेर नगर सहित बनतारा, गोविंद बिगहा, हथियारा, उपहारा, सलेमपुर, भलुआर, डड़वां, महदीपुर, दाउदपुर, दामोदरपुर, झरहा, प्राणपुर, देवहरा, मिरपुर, जैतिया, महरी, सुग्गी, बेला वारिस, बाजार बर्मा और अलहन परासी समेत दर्जनों गांवों में चारों ओर उत्सवी और भक्तिमय माहौल देखा गया। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गोह प्रभारी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, उपहारा थानाध्यक्ष आकाश कुमार, बंदेया थानाध्यक्ष सूरज कुमार, देवकुंड थानाध्यक्ष निरंजन कुमार सिंह और अपर थानाध्यक्ष मायाशंकर सिंह अपने दल-बल के साथ संबंधित थाना क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से डटे रहे, जिससे यह त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।1
- गोह थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक बड़ी घटना होते-होते बची, जब शौच के लिए गए चार में से तीन लोग हाईवोल्टेज विद्युत तार के संपर्क में आने से बुरी तरह झुलस गए। बताया गया कि गयाजी जिले के कोच थाना क्षेत्र के निघई गांव निवासी बच्चू यादव अपने ससुराल निजामपुर गांव आए हुए थे। वे शुक्रवार की सुबह अपने साले विरेंद्र यादव और अपने ही गांव के सत्येंद्र यादव के साथ घर से शौच के लिए बाहर निकले थे। गांव के उत्तर-पूर्व बाधार में पहले से ही जर्जर होकर लटके हुए हाईवोल्टेज विद्युत तार के संपर्क में सबसे पहले विरेंद्र यादव आए और जमीन पर गिर पड़े। उन्हें गिरते देख बहनोई बच्चू यादव बचाने पहुंचे, लेकिन जानकारी के अभाव में वे भी विद्युत तार की चपेट में आ गए। इसी दौरान, पिता और फूफा को मुसीबत में देख विरेंद्र यादव का पुत्र रंजीत भी दोनों को उठाने के प्रयास में तार के संपर्क में आ गया और झुलस गया। गनीमत रही कि उसी समय हल्की-फुल्की बूंदाबांदी होने से बिजली अचानक ट्रिप कर गई, जिससे एक बहुत बड़े हादसे को टाल दिया गया। सत्येंद्र यादव की स्थिति सामान्य बताई गई है। ग्रामीणों ने तत्काल तीनों घायलों को गोह पीएचसी में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया है।1