दो ईमानदार अधिकारियों की एंट्री से जगी उम्मीद, समाधान दिवस में बदली तस्वीर दो ईमानदार अधिकारियों की एंट्री से जगी उम्मीद, समाधान दिवस में बदली तस्वीर *लम्भुआ, सुलतानपुर।* तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार आम दिनों से अलग नजर आया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारु निगम की मौजूदगी ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता बढ़ाई, बल्कि फरियादियों के बीच एक नई उम्मीद भी जगाई। दोनों अधिकारियों का सख्त और सक्रिय रवैया लोगों को यह विश्वास दिलाने में सफल रहा कि अब उनकी समस्याओं का समाधान टालमटोल के बजाय मौके पर ही संभव हो सकता है। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने खुलकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। खास बात यह रही कि कई मामलों में अधिकारियों ने तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर ही निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई। इससे लोगों को पहली बार यह एहसास हुआ कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और समझा जा रहा है। फरियादियों का कहना है कि पहले शिकायतें दर्ज तो हो जाती थीं, लेकिन उनके समाधान में लंबा समय लग जाता था या फिर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। इस बार स्थिति अलग दिखी, जहां अधिकारियों ने सीधे संवाद कर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का भरोसा दिया। इससे प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव का संकेत भी मिला है। डीएम और एसपी की संयुक्त उपस्थिति ने विभागीय अधिकारियों में भी जवाबदेही बढ़ाई है। मौके पर ही फटकार और निर्देश मिलने से संबंधित कर्मियों में सतर्कता देखी गई। यह साफ संकेत है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि इस एक्शन मोड का असर लंबे समय तक बना रहता है या नहीं। फिलहाल, जनता की निगाहें प्रशासन की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं। अगर इसी तरह पारदर्शिता और तत्परता बनी रही, तो निश्चित ही आम जनता को राहत मिलेगी और समाधान दिवस की उपयोगिता भी सार्थक साबित होगी।
दो ईमानदार अधिकारियों की एंट्री से जगी उम्मीद, समाधान दिवस में बदली तस्वीर दो ईमानदार अधिकारियों की एंट्री से जगी उम्मीद, समाधान दिवस में बदली तस्वीर *लम्भुआ, सुलतानपुर।* तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार आम दिनों से अलग नजर आया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारु निगम की मौजूदगी ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता बढ़ाई, बल्कि फरियादियों के बीच एक नई उम्मीद भी जगाई। दोनों अधिकारियों का सख्त और सक्रिय रवैया लोगों को यह विश्वास
दिलाने में सफल रहा कि अब उनकी समस्याओं का समाधान टालमटोल के बजाय मौके पर ही संभव हो सकता है। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने खुलकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। खास बात यह रही कि कई मामलों में अधिकारियों ने तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर ही निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई। इससे लोगों को पहली बार यह एहसास हुआ कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और
समझा जा रहा है। फरियादियों का कहना है कि पहले शिकायतें दर्ज तो हो जाती थीं, लेकिन उनके समाधान में लंबा समय लग जाता था या फिर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। इस बार स्थिति अलग दिखी, जहां अधिकारियों ने सीधे संवाद कर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का भरोसा दिया। इससे प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव का संकेत भी मिला है। डीएम और एसपी की संयुक्त उपस्थिति ने विभागीय अधिकारियों में भी जवाबदेही बढ़ाई है। मौके पर
ही फटकार और निर्देश मिलने से संबंधित कर्मियों में सतर्कता देखी गई। यह साफ संकेत है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि इस एक्शन मोड का असर लंबे समय तक बना रहता है या नहीं। फिलहाल, जनता की निगाहें प्रशासन की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं। अगर इसी तरह पारदर्शिता और तत्परता बनी रही, तो निश्चित ही आम जनता को राहत मिलेगी और समाधान दिवस की उपयोगिता भी सार्थक साबित होगी।
- लम्भुआ में समाधान दिवस का बदला स्वरूप: डीएम इंद्रजीत सिंह एक्शन मोड में लम्भुआ, सुल्तानपुर। तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार सख्त प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन के नए मॉडल के साथ देखने को मिला। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने व्यवस्था में कई अहम बदलाव लागू किए। इस बार समाधान दिवस में सबसे बड़ा परिवर्तन यह रहा कि अब कोई भी फरियादी सीधे डीएम के सामने नहीं पहुंच पा रहा है। पहले सभी शिकायतकर्ताओं को पर्ची बनवानी अनिवार्य की गई, जिसके बाद ही उन्हें क्रमवार सुनवाई के लिए बुलाया गया। इस व्यवस्था से जहां भीड़भाड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण देखने को मिला, वहीं लाइन में लगे लोगों को व्यवस्थित तरीके से अपनी बात रखने का मौका भी मिला। फरियादियों ने इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि “डीएम हो तो सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह जैसा हो”, क्योंकि उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया है। वहीं पुलिस विभाग की ओर से पुलिस अधीक्षक चारु निगम भी सक्रिय भूमिका में नजर आईं। उन्होंने कई मामलों को मौके पर ही गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इससे शिकायतकर्ताओं को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासनिक मोर्चे पर प्रीति जैन लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करती दिखीं, जबकि प्रांजल त्रिपाठी ने फरियादियों को लाइन में लगवाकर अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभय राज भी पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रहकर व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे रहे। समाधान दिवस का यह आयोजन इस बार महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सख्त प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित होता नजर आया। इससे आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। हालांकि अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन की यह सख्ती और नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है और आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ कितनी तेजी से मिल पाता है।3
- जौनपुर में बारात के दौरान सनसनी खेज मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक बदमाशों ने कार सवार दूल्हे को अन्धाधुन्ध गोलियों से निशाना बनाया और हत्या कर दी खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुटी ।1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- दिनांक 02 मई 2026 प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने नगर पालिका परिषद बेल्हा अन्तर्गत शुकुलपुर दहिलामऊ दक्षिणी में नगरवासियों के जल भराव की शिकायत का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार को तत्काल नाले चिन्हांकन करने के निर्देश दिये, साथ ही ईओ नगर पालिका परिषद बेल्हा राकेश कुमार को निर्देशित किया कि नाले की कच्ची खुदाई कराकर जल निकासी व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाये ताकि क्षेत्र में जमे पाने को तुरन्त निकाला जा सके। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि स्थायी समाधान के लिये नाले के पक्के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कराकर जल्द से जल्द शासन को भेजा जाये। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को तत्काल स्थायी समाधान हेतु निर्देशित किया जिससे नागरिकों को राहत मिल सके और भविष्य में इस तरह की समस्या उत्पन्न न हो। ------------------------ जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित1
- Post by संदीप यादव संदीप यादव1
- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देशन में थाना पट्टी पुलिस द्वारा “दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, धर्म परिवर्तन, एससी/ एसटी एक्ट” के अभियोग से संबंधित 01 अभियुक्त दिलदार उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया गया पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ दीपक भूकर द्वारा आपराधिक क्रिया कलाप में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार व क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के कुशल पर्वेक्षण में थाना प्रभारी पट्टी आनन्द पाल सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अमित कुमार चौहान मय हमराह म0उ0नि0 ज्योति सविता व का0 सोनू कुमार द्वारा देखभाल क्षेत्र/ तलाश वांछित, वारण्टी अभियुक्त व संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना अन्तर्गत धारा 65(1)/137(2)/87/352/351(2)/55 BNS व धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2) V/3(2)VA SC/ST ACT व 3/4 (2) पाक्सो एक्ट व 3 (1)/5 (3) उ.प्र.विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधि0 थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ़ से संबंधित 01 अभियुक्त दिलदार उर्फ गुड्डू पुत्र स्व0 आजाद निवासी ग्राम महदहां थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ उम्र करीब 20 वर्ष को थाना पट्टी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम लोकईयापुर के पास से गिरफ्तार किया गया ।1
- *"आज दिनांक 02 मई, थाना अखण्डनगर जनपद सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास रतनपुर के जंगलों में एक शव फाँसी के फंदे पर लटका हुआ मिला, जिसकी शिनाख्त की गई। वह शेर बहादुर गौतम पुत्र जियालाल गौतम निवासी ताजुद्दीनपुर थाना अखण्डनगर के रहने वाले थे, जो 4-5 दिन पहले अपने घर से निकले थे बिना किसी को बताए हुए। परिवार वाले तलाश कर रहे थे। उनका शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा भर कर वास्ते पीएम (पोस्ट-मार्टम) भेजा जा रहा है। मौके पर फील्ड यूनिट साक्ष्य संकलन का कार्य कर रही है। विधिक कार्यवाही की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम की बाइटः-"*1
- मस्जिद के कमरे में 14 वर्षीय छात्र का शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस सुल्तानपुर जनपद के चांदा कोतवाली क्षेत्र के तातोमुरैनी गांव में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मदरसे के छात्र का शव मस्जिद के अंदर कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 14 वर्षीय रेहान पुत्र नौशाद के रूप में हुई है, जो पास ही स्थित मदरसा दारुल उलूम गुलशन-ए रजा व बरकात में कक्षा छह का छात्र था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेहान शुक्रवार दोपहर जुमा की नमाज अदा करने के लिए घर से मस्जिद गया था। नमाज के बाद वह वापस घर लौट आया, लेकिन कुछ देर बाद फिर से मस्जिद पहुंच गया। शाम करीब 4 बजे जब लोग असर की नमाज के लिए मस्जिद पहुंचे, तो अंदर के कमरे में रेहान का शव पंखे से लटका देख सभी स्तब्ध रह गए। घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर चांदा कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतरवाया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में मस्जिद स्थित है, उसी के सामने मदरसा भी संचालित होता है। हालांकि शुक्रवार को मदरसे में अवकाश था। रेहान के परिवार में उसकी मां मदीना, बड़ा भाई साहिल (19), दानिश (16) और बहन फलक (8) हैं। उसके पिता नौशाद मुंबई में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर भी मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वहीं, इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।4
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1