गहरे पानी में डूबे सूरज का दूसरे दिन भी नहीं मिला शव रात में परिजन घटनास्थल पर डटे, शासन-प्रशासन नहीं कर कोई मदद धरती के फूल खोदने गए पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का शव घटना के दूसरे दिन भी नहीं मिल सका। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर शव की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात होने के बाद एनडीआरएफ ने भी खोज अभियान रोक दिया। घटनास्थल पर रात में न तो वन विभाग के कर्मचारी नजर आए और न ही पुलिस की मौजूदगी रही। ऐसे में मृतक के परिजन अंधेरे में भी घटनास्थल पर शव मिलने की उम्मीद में डटे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक, 17 अगस्त को सूरज अपने दो साथियों के साथ धरती के फूल खोदने के लिए ग्राम बंशीनगर के पास जंगल में गया था। आरोप है कि वहां वनकर्मियों ने उसे दौड़ाकर पीटा। परिजनों का कहना है कि वनकर्मियों से बचने के लिए सूरज भागा और इसी दौरान वह बहते हुए गहरे पानी में कूद गया। तैरना नहीं आने के कारण वह पानी में डूब गया। उसके बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। मंगलवार को परिजनों द्वारा दुधवा मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों के आदेश पर एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, मगर शव का कोई पता नहीं चल सका। रात होने पर अभियान रोक दिया गया। परिजनों का आरोप है कि रात में घटनास्थल पर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया और शासन-प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। सूरज के परिजनों ने वनकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने और शव की तलाश में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक सूरज का शव नहीं मिल जाता, वे घटनास्थल से हटने वाले नहीं हैं। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजन लगातार शव मिलने की आस लगाए बैठे हुए हैं।
गहरे पानी में डूबे सूरज का दूसरे दिन भी नहीं मिला शव रात में परिजन घटनास्थल पर डटे, शासन-प्रशासन नहीं कर कोई मदद धरती के फूल खोदने गए पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का शव घटना के दूसरे दिन भी नहीं मिल सका। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर शव की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात होने के बाद एनडीआरएफ ने भी खोज अभियान रोक दिया। घटनास्थल पर रात में न तो वन विभाग के कर्मचारी नजर आए और न ही पुलिस की मौजूदगी रही। ऐसे में मृतक के परिजन अंधेरे में भी घटनास्थल पर शव मिलने की उम्मीद में डटे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक, 17
अगस्त को सूरज अपने दो साथियों के साथ धरती के फूल खोदने के लिए ग्राम बंशीनगर के पास जंगल में गया था। आरोप है कि वहां वनकर्मियों ने उसे दौड़ाकर पीटा। परिजनों का कहना है कि वनकर्मियों से बचने के लिए सूरज भागा और इसी दौरान वह बहते हुए गहरे पानी में कूद गया। तैरना नहीं आने के कारण वह पानी में डूब गया। उसके बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। मंगलवार को परिजनों द्वारा दुधवा मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों के आदेश पर एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर
तलाशी अभियान चलाया, मगर शव का कोई पता नहीं चल सका। रात होने पर अभियान रोक दिया गया। परिजनों का आरोप है कि रात में घटनास्थल पर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया और शासन-प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। सूरज के परिजनों ने वनकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने और शव की तलाश में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक सूरज का शव नहीं मिल जाता, वे घटनास्थल से हटने वाले नहीं हैं। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजन लगातार शव मिलने की आस लगाए बैठे हुए हैं।
- गहरे पानी में डूबे सूरज का दूसरे दिन भी नहीं मिला शव रात में परिजन घटनास्थल पर डटे, शासन-प्रशासन नहीं कर कोई मदद धरती के फूल खोदने गए पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का शव घटना के दूसरे दिन भी नहीं मिल सका। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर शव की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात होने के बाद एनडीआरएफ ने भी खोज अभियान रोक दिया। घटनास्थल पर रात में न तो वन विभाग के कर्मचारी नजर आए और न ही पुलिस की मौजूदगी रही। ऐसे में मृतक के परिजन अंधेरे में भी घटनास्थल पर शव मिलने की उम्मीद में डटे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक, 17 अगस्त को सूरज अपने दो साथियों के साथ धरती के फूल खोदने के लिए ग्राम बंशीनगर के पास जंगल में गया था। आरोप है कि वहां वनकर्मियों ने उसे दौड़ाकर पीटा। परिजनों का कहना है कि वनकर्मियों से बचने के लिए सूरज भागा और इसी दौरान वह बहते हुए गहरे पानी में कूद गया। तैरना नहीं आने के कारण वह पानी में डूब गया। उसके बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। मंगलवार को परिजनों द्वारा दुधवा मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों के आदेश पर एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, मगर शव का कोई पता नहीं चल सका। रात होने पर अभियान रोक दिया गया। परिजनों का आरोप है कि रात में घटनास्थल पर उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया और शासन-प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। सूरज के परिजनों ने वनकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने और शव की तलाश में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक सूरज का शव नहीं मिल जाता, वे घटनास्थल से हटने वाले नहीं हैं। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजन लगातार शव मिलने की आस लगाए बैठे हुए हैं।3
- कच्ची शराब पीने से युवक की मौत का आरोप, परिजनों का प्रदर्शन लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कोतवाली क्षेत्र में एक 28 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी हंगामा मच गया। पलिया-निघासन रोड स्थित बुझवा तिराहे पर मृतक युवक के परिजनों ने शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि इलाके में खुलेआम बिक रही अवैध और जहरीली कच्ची शराब पीने से युवक की जान गई है। परिजनों ने उस घर के सामने शव रखकर घंटों तक हंगामा किया, जहां कथित रूप से कच्ची शराब बेची जा रही थी। वे आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। मौके : कच्ची शराब पीने से युवक की मौत का आरोप, परिजनों का प्रदर्शन लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कोतवाली क्षेत्र में एक 28 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी हंगामा मच गया। पलिया-निघासन रोड स्थित बुझवा तिराहे पर मृतक युवक के परिजनों ने शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि इलाके में खुलेआम बिक रही अवैध और जहरीली कच्ची शराब पीने से युवक की जान गई है। परिजनों ने उस घर के सामने शव रखकर घंटों तक हंगामा किया, जहां कथित रूप से कच्ची शराब बेची जा रही थी। वे आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंची पुलिस को आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी के मुताबिक, ग्राम बुझवा निवासी 28 वर्षीय मोहन उर्फ लाले सोमवार को बुझवा तिराहे की ओर गया था। परिजनों का आरोप है कि तिराहे पर स्थित एक घर में अवैध रूप से कच्ची शराब का कारोबार होता है और मोहन वहां शराब पीने गया था। जब वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों के अनुसार, रात करीब 3 बजे मोहन तिराहे के पास बेहोशी की हालत में मिला। उसके मुंह से लगातार झाग निकल रहा था और उसकी स्थिति बेहद गंभीर थी। कुछ ही देर बाद उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि मोहन की जान तिराहे पर बेची जा रही जहरीली कच्ची शराब पीने की वजह से गई है। जवान बेटे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार सुबह शव को उसी कथित शराब विक्रेता के घर के सामने रख दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। धीरे-धीरे मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजन लगातार पुलिस प्रशासन से आरोपी की गिरफ्तारी और अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने की मांग पर अड़े रहे। हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ और परिजनों को शांत कराने की कोशिश की। कई घंटों तक पुलिस और परिजनों के बीच वार्ता का दौर चलता रहा। आखिरकार पुलिस के ठोस आश्वासन और कड़ी मशक्कत के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि युवक की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। हालांकि, परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार को लेकर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।1
- रोड पर कभी भी हाथी टकरा जाए तो चुपचाप गाड़ी बैक कर निकल लें, नहीं तो वो इस तरह हाल करता है। घटना कल उत्तराखंड के कोटद्वार के NH-534 पर लाल पुल के पास की है। सुबह हाथियों के झुंड ने शिक्षकों से भरे टेंपो ट्रैवलर पर हमला कर दिया। स्कूल जा रहे शिक्षकों ने किसी तरह वाहन से निकलकर अपनी जान बचाई। हाथियों का झुंड करीब डेढ़ घंटे तक वाहन में तोड़फोड़ करता रहा।1
- छुट्टा सांड का आतंक: किसान की पटक-पटककर मौत, ग्रामीणों में आक्रोश लखीमपुर खीरी धौरहरा तहसील क्षेत्र के ईसानगर विकासखंड की ग्राम पंचायत साधुवापुर में सोमवार शाम छुट्टा सांड के हमले में करीब 60 वर्षीय किसान की मौत हो गई।1
- बाढ़ का जायजा लेने निकले एसडीएम की गाड़ी नाले की ओर फिसली, बाल-बाल बची; शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण लखीमपुर खीरी। जिले में शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने निकले एसडीएम की सरकारी गाड़ी लुधौरी के मजरा पुरैना गांव के रास्ते पर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। बताया गया कि एसडीएम बाढ़ की स्थिति का आकलन करने पुरैना गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में पानी भरा होने के कारण सरकारी वाहन का पहिया सड़क के किनारे की ओर फिसल गया, जिससे गाड़ी नाले की तरफ झुक गई और पलटने की स्थिति में पहुंच गई। हालांकि समय रहते आसपास मौजूद लोगों ने मदद कर वाहन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना में एसडीएम समेत सभी लोग सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई। एसडीएम ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि रास्ते में पानी भरा होने के कारण वाहन का पहिया फिसल गया था, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं। इधर, मझगई क्षेत्र की दौलतापुर ग्राम पंचायत में भी शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। दौलतापुर से बम्हनपुर मार्ग पर स्थित घाघी पुलिया के पास सड़क पर घुटनों तक पानी बहने लगा है। पुलिया पर पानी आने के कारण बौटनपुरवा, सुरजीपुरवा, यादवपुरवा, नौगवां, हुलसीपुरवा और बिचपरी समेत करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। स्कूल, अस्पताल और मंडी तक जाने वाले रास्तों पर भी पानी भरने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक शारदा नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीण अपने जरूरी सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। लोगों ने प्रशासन से समय रहते राहत एवं बचाव दल की तैनाती करने और संवेदनशील इलाकों में आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।1
- प्रेमिका ने शादी से किया इनकार तो हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने सुरक्षित उतारा लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गांव हरिहरपुर में प्रेमिका द्वारा शादी से इनकार किए जाने से नाराज एक 20 वर्षीय युवक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को काफी देर तक समझाया-बुझाया और किसी तरह उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। युवक के सुरक्षित नीचे आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान मौके पर काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।1
- तहसील निघासन के बाढ़ क्षेत्र पुरैना का दौरा करने गये SDM यदुवीर सिंह की सरकारी गाड़ी बाढ़ के पानी में फंसी लखीमपुर खीरी; एसडीएम निघासन की गाड़ी बाढ़ में फंसी, बाल बाल बचे लखीमपुर खीरी जिले की नदिया उफान पर हैं। इससे तराई क्षेत्र ने बाढ़ ने दस्तक दे दी है। तहसील निघासन के बाढ़ क्षेत्र पुरैना का दौरा करने गये SDM यदुवीर सिंह की सरकारी गाड़ी बाढ़ के पानी में फंस गई। गनीमत रही बड़ा हादसा टल गया।गहरे गड्ढे में गिरने से हो सकता था बडा़ हादसा।1
- भीरा थाना क्षेत्र के पकरिया सलिहा गांव में 34 वर्षीय रिंकू राज का शव मंगलवार सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला लखीमपुर खीरी- संदिग्ध परिस्थितियों में युवक ने फंदे से लटककर दी जान भीरा थाना क्षेत्र के पकरिया सलिहा गांव में 34 वर्षीय रिंकू राज का शव मंगलवार सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला। एक दिन पहले युवक ने शराब के नशे में डायल 112 की गाड़ी के सामने जमकर हंगामा किया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच की बात कह रही है।1