बुधवार सुबह 11:00 बजे हिर्री पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात 10:00 बजे एक कॉलर से फोन पर सूचना प्राप्त हुई कि हिर्री स्थित शासकीय शराब दुकान के चखना सेंटर के बाहर एक व्यक्ति ने अज्ञात कारणों से अपने ही गले पर धारदार वस्तु से वार कर लिया है। वह लहूलुहान स्थिति में बैठा था और अस्पताल जाने को तैयार नहीं हो रहा था। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। घटनास्थल पर टीम को एक व्यक्ति मिला, जिसने केवल पैंट पहना हुआ था और उसके हाथ व बांह पर टैटू बने थे। उसके गर्दन पर किसी धारदार वस्तु से चोट के निशान थे और खून बह रहा था। पूछताछ करने पर उसने खुद को बिलासपुर के मिनी बस्ती का निवासी बताया और यह भी कहा कि वह उसी चखना सेंटर का संचालक है। हालांकि, जब उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और न ही अस्पताल जाने पर राजी हुआ। फिलहाल, इस संबंध में हिर्री थाने में अब तक किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
बुधवार सुबह 11:00 बजे हिर्री पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात 10:00 बजे एक कॉलर से फोन पर सूचना प्राप्त हुई कि हिर्री स्थित शासकीय शराब दुकान के चखना सेंटर के बाहर एक व्यक्ति ने अज्ञात कारणों से अपने ही गले पर धारदार वस्तु से वार कर लिया है। वह लहूलुहान स्थिति में बैठा था और अस्पताल जाने को तैयार नहीं हो रहा था। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। घटनास्थल पर टीम को एक व्यक्ति मिला, जिसने केवल पैंट पहना हुआ था और उसके हाथ व बांह पर टैटू बने थे। उसके गर्दन पर किसी धारदार वस्तु से चोट के निशान थे और खून बह रहा था। पूछताछ करने पर उसने खुद को बिलासपुर के मिनी बस्ती का निवासी बताया और यह भी कहा कि वह उसी चखना सेंटर का संचालक है। हालांकि, जब उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और न ही अस्पताल जाने पर राजी हुआ। फिलहाल, इस संबंध में हिर्री थाने में अब तक किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
- बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए। इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।2
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा में एक बहन, भारती टंडन, को प्रेम जाल में फंसाकर सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद दुष्कर्मियों ने उसे रेत में दफना दिया। पोस्ट के अनुसार, देश के किसी भी कोने में व्याप्त 'जात-पात, ऊंच-नीच' की दीवारें और घृणा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों की जान ले रही है। इसी जातिगत घृणा और दूषित प्रवृत्ति के लोगों ने इस बहन का बलात्कार किया। इस पर 'सीताराम' को शर्म आनी चाहिए, जो स्वयं को 'श्रेष्ठ धर्म' बताता है और अपने भीतर मौजूद भेदभाव, जात-पात व ऊंच-नीच को बढ़ावा देता है।1
- बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना पलारी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में ग्राम धमनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित, जागरूक और कानून के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को देश में लागू नवीन न्याय संहिता की सरल भाषा में जानकारी दी, जिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने उनसे अनजान लिंक पर क्लिक न करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की। यातायात जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम धमनी के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने गांव को "हेलमेट युक्त ग्राम" बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, पुलिस ने ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थानों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद, पुलिस बल ने महिला कमांडो के साथ ग्राम धमनी में फ्लैग मार्च किया, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और गांव को "नशा मुक्त" बनाए रखने का संदेश दिया, जिस पर ग्रामीणों ने "नशा मुक्त ग्राम" की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम सरपंच हरदयाल पैकरा, उपसरपंच पिलाराम निर्मलकर, युवा ग्राम समिति के अध्यक्ष और महिला कमांडो अध्यक्ष श्रीमती जोऊरहीन बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर ग्राम धमनी के नागरिकों और थाना पलारी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है।4
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- बिलासपुर में चकरभाठा पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, मंगलवार रात 10:09 बजे जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि 120 पाव देशी प्लेन शराब और 6 नग बियर के साथ एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया है। यह कार्रवाई 23.06.2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर की गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय अजय कौशिक, पिता विजय कौशिक, निवासी हिर्री थाना के सामने, हिर्री, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है, जिसके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक भी था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटर साइकल क्रमांक CG 24 K 2311 पर, जिसके पीछे एक लड़का बैठा है, प्लास्टिक की बोरियों में शराब रखकर चकरभाठा से परसदा की ओर जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, चकरभाठा पुलिस की टीम ने होटल सेंट्रल प्वाइंट के आगे मुख्य मार्ग पर उक्त मोटर साइकल को रोका और उसकी जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की बोरियों से कुल 120 पाव देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत ₹9600 है, और 6 नग बियर, जिसकी कीमत ₹1260 है, बरामद की गई। अजय कौशिक और विधि से संघर्षरत बालक ने पूछताछ में इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जाना स्वीकार किया। अजय कौशिक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में लिया गया है, जिसे बुधवार को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही की गई है। चकरभाठा पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कार्यों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1
- बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।3
- बलौदाबाजार में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने तथा उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर एक शासकीय स्कूल में पदस्थ व्यावसायिक शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बलौदाबाजार में किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएँ दे रही थी। उसी मकान के समीप रहने वाले अभिषेक कुमार जायसवाल ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी करने का वादा कर पिछले लगभग पाँच महीनों से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी पर विवाह करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना देने लगा। लगातार मिल रहे मानसिक आघात और धोखे से परेशान होकर युवती ने 22 जून 2026 को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कमरे की दीवार पर लिखे संदेश तथा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने मामले को नया मोड़ दिया। मृतिका ने अपने लिखित संदेश में आरोपी अभिषेक जायसवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में तत्काल मर्ग जाँच प्रारंभ कर अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल फोन के स्क्रीनशॉट, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए गए। जाँच में आरोपी द्वारा मृतिका को प्रताड़ित किए जाने तथा उसके गर्भवती होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल (30 वर्ष), निवासी ग्राम निमधा, थाना मरवाही, जिला पेंड्रा एवं वर्तमान निवासी सिविल लाइन, बलौदाबाजार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- एक 22 वर्षीय युवक 33 KV हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया है।1