उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड में हिंदू यानी गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का निर्णय वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार है। उन्होंने बताया कि इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन लाना है। नए नियमों के तहत बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को नामित करने का प्रावधान किया गया है, साथ ही महिलाओं, पिछड़े और पसमांदा मुस्लिम समुदाय को भी बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। दानिश आजाद अंसारी ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन पहले ही किया जा चुका है और उत्तर प्रदेश सरकार अब इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर भी उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस कदम के खिलाफ अपनी असहमति जताई है। इन विरोधों के बावजूद सरकार का रुख अडिग है और उसका कहना है कि यह कदम पूरी तरह से कानूनी ढांचे के भीतर है और इसका लक्ष्य केवल वक्फ संपत्तियों का अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड में हिंदू यानी गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का निर्णय वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार है। उन्होंने बताया कि इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन लाना है। नए नियमों के तहत बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को नामित करने का प्रावधान किया गया है, साथ ही महिलाओं, पिछड़े और पसमांदा मुस्लिम समुदाय को भी बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। दानिश आजाद अंसारी ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन पहले ही किया जा चुका है और उत्तर प्रदेश सरकार अब इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर भी उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस कदम के खिलाफ अपनी असहमति जताई है। इन विरोधों के बावजूद सरकार का रुख अडिग है और उसका कहना है कि यह कदम पूरी तरह से कानूनी ढांचे के भीतर है और इसका लक्ष्य केवल वक्फ संपत्तियों का अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
- पीलीभीत में 12 जुलाई को एक विशाल मेगा वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत वन विभाग और अन्य 27 विभाग मिलकर एक ही दिन में 32,90,700 पौधों का रोपण करेंगे। वन एवं वन्यजीव प्रभाग, पीलीभीत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद को वर्ष 2026-27 के लिए कुल 40,02,700 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें से 7,12,000 पौधों का रोपण 5 जून को पहले ही किया जा चुका है। आगामी 12 जुलाई को वन विभाग द्वारा 1,15,000 और अन्य 27 विभागों द्वारा 31,75,700 पौधे लगाए जाएंगे, जिसके लिए पौधों की आपूर्ति और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस महाभियान का मुख्य कार्यक्रम माधोटांडा (पूरनपुर) स्थित गोमती उद्गम स्थल पर सुबह 11:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, टाइगर रिजर्व के अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरनपुर के ग्राम-रूपपुर फकीरे में आयोजित कार्यक्रम में बरेली मंडल के मंडलायुक्त भी वृक्षारोपण के लिए शामिल होंगे। इस विशेष अभियान के अंतर्गत गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से लेकर शाहजहांपुर जनपद की सीमा तक 47 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में नदी के दोनों तटों पर बसी 16 ग्राम पंचायतों में 30 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करने के लिए करीब 18 हजार लोग मिलकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाएंगे। इस अभियान में गोमती मित्र, एनजीओ, युवा कल्याण विभाग के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में लोगों ने राजनीति और जनता की राय को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। इस आवाज़ को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया गया है कि वीडियो में व्यक्त किए गए विचार केवल बोलने वाले व्यक्ति के निजी मत हैं और इसका उद्देश्य किसी दावे की पुष्टि करना नहीं, बल्कि सिर्फ जनमत को दर्शाना है। दर्शकों से पूरा वीडियो देखने और कमेंट में अपनी राय बताने का आग्रह किया गया है, ताकि अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव तथा राजनीति पर जनता की वास्तविक राय जानी जा सके।1
- पीलीभीत के बरहा गाँव की मुख्य सड़क पिछले 10 साल से गड्ढे और कीचड़ में तब्दील है। इस बदहाली को लेकर प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और नतीजा पूरी तरह शून्य रहा। सड़क की समस्या का कोई समाधान न होने से परेशान होकर एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम (SDM) द्वारा समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद ही वह ग्रामीण पानी की टंकी से नीचे उतरा।1
- पीलीभीत जिले के नगर पंचायत पकड़िया नौगवां स्थित वार्ड नंबर 2 में भीषण गंदगी पसरी हुई है। बारिश के पानी के साथ मिलकर कूड़ा सड़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी पिछले दो महीनों से नहीं आई है। बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे तत्काल प्रभाव से स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएं।1
- पीलीभीत के अमरिया थाना समाधान दिवस में भाकियू टिकैत द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों की 9 प्रमुख मांगों को लेकर सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- पीलीभीत के अमरिया में बारिश के दिनों में इस सड़क को पार करना लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। बरसात के मौसम में यहाँ से गुजरना और सड़क को पार कर पाना बेहद मुश्किल भरा काम साबित हो रहा है।2
- पीलीभीत के पूरनपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या और न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस दमन के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है। भीम आर्मी का कहना है कि ललिता गौतम की हत्या दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है। इसके साथ ही न्याय मांग रहे पीड़ित परिवार तथा सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक अधिकारों व मानवाधिकारों के विरुद्ध है। भीम आर्मी ने ज्ञापन के जरिए इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, सभी दोषियों और संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की मांग की है। इसके साथ ही मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पाण्डेय पर लगे आरोपों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कर उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित करने, वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्रदेश में दलित व वंचित वर्ग की महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन और घायलों को मुआवजा व उचित उपचार देने की भी मांग की है। जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय ने कहा कि भीम आर्मी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और उनकी लड़ाई न्याय व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट राजाराम माथुर, मंडल उपाध्यक्ष सुधीर आर्यन, जिला संगठन सचिव शेरा वाल्मीकि, सत्यपाल गौतम, नंदकिशोर गौतम, बबलू दिवाकर, पुष्पेंद्र सागर, हरीश गंगवार, महेंद्र पाल सागर और आलोक वाल्मीकि सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- पीलीभीत के पूरनपुर में पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर कैच के पास एक तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना गजरौला पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बिना वक्त गंवाए घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर गजरौला थाने में खड़ा करवा दिया है। हाईवे पर कुछ समय के लिए बाधित हुए यातायात को भी पुलिस ने सुचारू रूप से बहाल करवा दिया है और आरोपी कार चालक के खिलाफ आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1