पीलीभीत के पूरनपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या और न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस दमन के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है। भीम आर्मी का कहना है कि ललिता गौतम की हत्या दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है। इसके साथ ही न्याय मांग रहे पीड़ित परिवार तथा सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक अधिकारों व मानवाधिकारों के विरुद्ध है। भीम आर्मी ने ज्ञापन के जरिए इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, सभी दोषियों और संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की मांग की है। इसके साथ ही मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पाण्डेय पर लगे आरोपों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कर उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित करने, वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्रदेश में दलित व वंचित वर्ग की महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन और घायलों को मुआवजा व उचित उपचार देने की भी मांग की है। जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय ने कहा कि भीम आर्मी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और उनकी लड़ाई न्याय व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट राजाराम माथुर, मंडल उपाध्यक्ष सुधीर आर्यन, जिला संगठन सचिव शेरा वाल्मीकि, सत्यपाल गौतम, नंदकिशोर गौतम, बबलू दिवाकर, पुष्पेंद्र सागर, हरीश गंगवार, महेंद्र पाल सागर और आलोक वाल्मीकि सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पीलीभीत के पूरनपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या और न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस दमन के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है। भीम आर्मी का कहना है कि ललिता गौतम की हत्या दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है। इसके साथ ही न्याय मांग रहे पीड़ित परिवार तथा सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक अधिकारों व मानवाधिकारों के विरुद्ध है। भीम आर्मी ने ज्ञापन के जरिए इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, सभी दोषियों और संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की मांग की है। इसके साथ ही मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पाण्डेय पर लगे आरोपों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कर उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित करने, वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्रदेश में दलित व वंचित वर्ग की महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन और घायलों को मुआवजा व उचित उपचार देने की भी मांग की है। जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय ने कहा कि भीम आर्मी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और उनकी लड़ाई न्याय व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट राजाराम माथुर, मंडल उपाध्यक्ष सुधीर आर्यन, जिला संगठन सचिव शेरा वाल्मीकि, सत्यपाल गौतम, नंदकिशोर गौतम, बबलू दिवाकर, पुष्पेंद्र सागर, हरीश गंगवार, महेंद्र पाल सागर और आलोक वाल्मीकि सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- Post by Sudheer Kumar1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रसूखदारों के प्रभाव के चलते प्रशासन कोई भी ठोस कार्रवाई करने में असमर्थ नजर आ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राउंड जीरो से सामने आई रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया है कि जिले में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के प्रति प्रशासन पूरी तरह खामोश है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं या फिर भू-माफियाओं को जानबूझकर संरक्षण दिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह मांग उठ रही है कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है।1
- पीलीभीत के अमरिया में बारिश के दिनों में इस सड़क को पार करना लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। बरसात के मौसम में यहाँ से गुजरना और सड़क को पार कर पाना बेहद मुश्किल भरा काम साबित हो रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में मार्केट और स्कूल के बीच कूड़े का भारी ढेर लगा हुआ है। इस गंदगी के कारण आसपास के इलाके में बीमारी फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है।1
- Post by Durvesh Kumar1
- पीलीभीत के जहानाबाद स्थित संजय बारात घर में राष्ट्रीय योगी सेना की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस आयोजन में जिले और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, नए सदस्यों को जोड़ना और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों को गति प्रदान करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत हनुमान दास जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चौहान जी मौजूद रहे। इनके साथ महामंत्री हायत सिंह जी, प्रदेश अध्यक्ष अनुराग शर्मा जी, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा जी, जिला अध्यक्ष सुमित शंखधार जी, विभाषु जी, हिमांशु जी, नितिन त्रिवेदी जी और अमरिया तहसील अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी मंच पर उपस्थित थे। संबोधन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चौहान जी ने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक समरसता के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि महंत हनुमान दास जी ने सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज के विकास पर जोर दिया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूती प्रदान करने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें सभी ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।2
- पीलीभीत में यात्री एवं मालकर अधिकारी वर्डिस चतुर्वेदी ने 'सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग की। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाए गए इस अभियान में प्राइवेट वाहनों का निरीक्षण किया गया, जिसके दौरान थाना जहानाबाद क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रही दो ईको गाड़ियों को पकड़ा गया। अधिकारी के अनुसार, इन प्राइवेट गाड़ियों में सुरक्षा मानक पूरे नहीं थे और उनमें मासूम बच्चों को बैठाकर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही थी। वर्डिस चतुर्वेदी ने इन गाड़ियों पर भारी जुर्माना लगाते हुए उन्हें थाना जहानाबाद पुलिस के हवाले कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, यात्री एवं मालकर अधिकारी ने परिजनों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले प्राइवेट वाहनों के मेंटेनेंस और उनकी सुरक्षा स्थिति की जांच जरूर करें।2
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में एक मासूम की हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इस जघन्य वारदात की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई थी, जिसमें दरिंदगी साफ तौर पर कैद हो गई थी। अदालत ने साक्ष्यों और सीसीटीवी में कैद हुए दृश्यों के आधार पर यह कठोर निर्णय लिया है।1
- Post by Sudheer Kumar1