उन्नाव के भगवंत नगर स्थित पनई बुजुर्ग गांव में चल रही "अनाया सिंह पाठशाला 1" (निशुल्क शिक्षा अभियान) के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया है। स्वतंत्र पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुज चौहान के अनुसार, शिक्षिका शिवानी सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन में, इन ग्रामीण बच्चों ने मात्र दो मिनट के एक वीडियो में जिस बेबाकी, आत्मविश्वास और मासूमियत से अपना, अपने माता-पिता, भाई-बहन और गांव का परिचय दिया है, वह बड़े-बड़ों को भी चकित कर रहा है। चौहान ने इसे ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को देश के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण कर्तव्य बताया है। यह पाठशाला पूरी तरह निशुल्क है और इसका लक्ष्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के इन बच्चों को डिजिटल व आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है, जिनकी प्रतिभा को थोड़े से सही मार्गदर्शन और हौसले की ज़रूरत है। "जनता सर्वोपरि" के सिद्धांत पर आधारित इस मुहिम का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाना है। अनुज चौहान ने क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक जनप्रतिनिधियों से इस "शिक्षा क्रांति" का हिस्सा बनने की अपील की है। उन्होंने लोगों से बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी/कुर्सी-मेज, कॉपियां, पेंसिल या अन्य शिक्षण सामग्री के रूप में सहयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने ऐसे बच्चों को इस निशुल्क पाठशाला से जोड़ने का आह्वान किया है जिन्हें किसी कारणवश अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बच्चों के इस "जादुई और प्यारे" वीडियो को "अनाया सिंह पाठशाला 1" यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है, जहाँ दर्शक इसे देखकर बच्चों को आशीर्वाद दे सकते हैं।
उन्नाव के भगवंत नगर स्थित पनई बुजुर्ग गांव में चल रही "अनाया सिंह पाठशाला 1" (निशुल्क शिक्षा अभियान) के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया है। स्वतंत्र पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुज चौहान के अनुसार, शिक्षिका शिवानी सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन में, इन ग्रामीण बच्चों ने मात्र दो मिनट के एक वीडियो में जिस बेबाकी, आत्मविश्वास और मासूमियत से अपना, अपने माता-पिता, भाई-बहन और गांव का परिचय दिया है, वह बड़े-बड़ों को भी चकित कर रहा है। चौहान ने इसे ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को देश के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण कर्तव्य बताया है। यह पाठशाला पूरी तरह निशुल्क है और इसका लक्ष्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के इन बच्चों को डिजिटल व आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है, जिनकी प्रतिभा को थोड़े से सही मार्गदर्शन और हौसले की ज़रूरत है। "जनता सर्वोपरि" के सिद्धांत पर आधारित इस मुहिम का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाना है। अनुज चौहान ने क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक जनप्रतिनिधियों से इस "शिक्षा क्रांति" का हिस्सा बनने की अपील की है। उन्होंने लोगों से बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी/कुर्सी-मेज, कॉपियां, पेंसिल या अन्य शिक्षण सामग्री के रूप में सहयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने ऐसे बच्चों को इस निशुल्क पाठशाला से जोड़ने का आह्वान किया है जिन्हें किसी कारणवश अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बच्चों के इस "जादुई और प्यारे" वीडियो को "अनाया सिंह पाठशाला 1" यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है, जहाँ दर्शक इसे देखकर बच्चों को आशीर्वाद दे सकते हैं।
- अनुज चौहान (रिपोर्टर, मनुज क्रांति न्यूज़) ने उन्नाव के पनई बुजुर्ग में चल रही अपनी 'अनाया सिंह पाठशाला 1' में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी दी है। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से, पाठशाला में अब स्टेशनरी, कॉपी-किताबें, भारत का नक्शा, चार्ट्स, टेबल फैन और खेलकूद के लिए बैडमिंटन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जा चुकी हैं। एक वीडियो में, बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में अपना परिचय देते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इन नई व्यवस्थाओं और शिक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। चौहान ने बताया कि ये सभी सुधार उनके परिवार – माता-पिता और भाई – के सहयोग तथा सभी के आशीर्वाद से संभव हो पाए हैं। 'अनाया सिंह पाठशाला' अब और भी बेहतर ढंग से संचालित हो रही है, और इसका मुख्य संकल्प शिक्षा के इस कारवां को निरंतर आगे बढ़ाना है। उन्होंने सभी से इस नेक कार्य में अपना सहयोग बनाए रखने का निवेदन किया है, ताकि इन बच्चों के लिए और भी उन्नत सुविधाएँ जुटाई जा सकें और 'अनाया सिंह पाठशाला' के इन नन्हे सितारों के भविष्य को रोशन किया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ताजिया हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इसी घटना के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य में अधिक ऊंचाई वाले ताजियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, इस प्रतिबंध के बावजूद, कई लोग इस फैसले को गलत ठहरा रहे हैं।1
- Post by Beeru srivastava1
- राजस्थान के बाड़मेर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस अभियान के दौरान भील आदिवासी समुदाय की झुग्गियां और कच्चे मकान हटाए गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए और वायरल हो रहे वीडियो में धूल और मलबे के बीच छोटे-छोटे बच्चे “मम्मी... मम्मी...” चिल्लाते हुए भागते नजर आ रहे हैं। इन दृश्यों को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स बाड़मेर के हालात की तुलना गाजा से कर रहे हैं, हालांकि इस तुलना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रभावित परिवारों ने दावा किया है कि यह कार्रवाई उन्हें पर्याप्त समय और पुनर्वास की उचित व्यवस्था दिए बिना ही की गई है। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आदिवासी अधिकारों, PESA (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (FRA) के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। इस घटना ने बुलडोजर कार्रवाई, पुनर्वास की आवश्यकता और मानवीय संवेदनाओं के मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और उसके आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।1
- Post by Ramakant1
- कानपुर में मोहर्रम जुलूस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया। इस दौरान, पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने स्वयं रावतपुर क्षेत्र में जुलूस मार्ग का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पैदल गश्त करते हुए संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया, जहां सुरक्षा का एक 'मेगा प्लान' सक्रिय था और पुलिस का कड़ा पहरा चप्पे-चप्पे पर मौजूद था। पुलिस उपायुक्त कासिम आबिदी ने इस अवसर पर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जुलूस को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सख्त निर्देश जारी किए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।1
- फतेहपुर चौरासी उन्नाव थाना क्षेत्र के गोदंरी माजरा उतमानपुर गांव में भीषण गर्मी के तेवरों के बावजूद तालाब नहीं भरवाए गए हैं। नतीजतन, सभी तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और उनकी हालत दयनीय बनी हुई है।1
- उन्नाव के भगवंत नगर स्थित पनई बुजुर्ग गांव में चल रही "अनाया सिंह पाठशाला 1" (निशुल्क शिक्षा अभियान) के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया है। स्वतंत्र पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुज चौहान के अनुसार, शिक्षिका शिवानी सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन में, इन ग्रामीण बच्चों ने मात्र दो मिनट के एक वीडियो में जिस बेबाकी, आत्मविश्वास और मासूमियत से अपना, अपने माता-पिता, भाई-बहन और गांव का परिचय दिया है, वह बड़े-बड़ों को भी चकित कर रहा है। चौहान ने इसे ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को देश के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण कर्तव्य बताया है। यह पाठशाला पूरी तरह निशुल्क है और इसका लक्ष्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के इन बच्चों को डिजिटल व आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है, जिनकी प्रतिभा को थोड़े से सही मार्गदर्शन और हौसले की ज़रूरत है। "जनता सर्वोपरि" के सिद्धांत पर आधारित इस मुहिम का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाना है। अनुज चौहान ने क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक जनप्रतिनिधियों से इस "शिक्षा क्रांति" का हिस्सा बनने की अपील की है। उन्होंने लोगों से बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी/कुर्सी-मेज, कॉपियां, पेंसिल या अन्य शिक्षण सामग्री के रूप में सहयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने ऐसे बच्चों को इस निशुल्क पाठशाला से जोड़ने का आह्वान किया है जिन्हें किसी कारणवश अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बच्चों के इस "जादुई और प्यारे" वीडियो को "अनाया सिंह पाठशाला 1" यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है, जहाँ दर्शक इसे देखकर बच्चों को आशीर्वाद दे सकते हैं।1