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बेंगलुरु से लिखी जाएगी प्रवासी राजस्थानियों के स्वर्णिम भविष्य की नई इबारत 60 दिनों के सामूहिक संकल्प ने रचा इतिहास, पहली बार एक मंच पर आएंगे वैश्विक राजस्थानी, सरकार, उद्योग और समाज; ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश को मिलेगी नई दिशा बेंगलुरु/दलपतसिंह भायल। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर की पहल पर बेंगलुरु में पहली बार देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धर्मों एवं समाजों के प्रतिनिधियों तथा राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का ऐतिहासिक महासंगम आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक भविष्य को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है। महज 60 दिनों की अथक मेहनत, सुनियोजित रणनीति और सामूहिक संकल्प के बल पर इस विशाल आयोजन को साकार किया गया है। सीमित समय में हजारों लोगों को एक मंच से जोड़ते हुए व्यापक तैयारियां पूरी करना अपने आप में एक मिसाल है। आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज किसी बड़े उद्देश्य के लिए एकजुट होता है, तब समय और संसाधन भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनते। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता तथा देश-विदेश से आए प्रवासी राजस्थानी भाग लेंगे। इस दौरान लगभग ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे राजस्थान में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों लोगों के सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि समाज ने केवल एक संदेश और एक फोन कॉल पर भरोसा जताते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके अनुसार समाज का विश्वास और नैतिक समर्थन ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश 'संगच्छध्वं संवदध्वं' अर्थात साथ चलने और मिलकर आगे बढ़ने की भावना इस आयोजन की आधारशिला है। समाज जब परिवार बनकर कार्य करता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त हो जाते हैं। आयोजन को सफल बनाने में बेंगलुरु की युवा टीम, महिला टीम, विभिन्न समितियों के सदस्य तथा 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत की है। हजारों लोगों की सहभागिता और लाखों प्रवासी राजस्थानी परिवारों का उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी पूंजी बनकर उभरा है। सचिन पांडिया ने आयोजन में सहयोग देने वाले उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों, दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सहयोग समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला अमूल्य योगदान है। उन्होंने मीडिया सहयोगी ज़ी टीवी राजस्थान, गंगौर टीवी और सिम्प्लिसिटी मैगज़ीन का भी विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने आयोजन को देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक पहुंचाने और लाइव प्रसारण के माध्यम से इसकी वैश्विक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन केवल निवेश और उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और प्रवासी समाज की एकजुटता का भी भव्य उत्सव बनेगा। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर का उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराना तथा राजस्थान के समग्र विकास के लिए एक सशक्त और स्थायी मंच तैयार करना है। बेंगलुरु से शुरू हो रही यह पहल आने वाले वर्षों में प्रवासी राजस्थानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यदि यह अभियान अपने उद्देश्यों को प्राप्त करता है, तो यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा कि जब समाज, सरकार और उद्योग एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब विकास केवल योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बन जाता है। प्रवासी राजस्थानियों के इतिहास में यह आयोजन एक नए स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1 hr ago
user_दलपतसिंह भायल
दलपतसिंह भायल
Local News Reporter जालोर, जालोर, राजस्थान•
1 hr ago

बेंगलुरु से लिखी जाएगी प्रवासी राजस्थानियों के स्वर्णिम भविष्य की नई इबारत 60 दिनों के सामूहिक संकल्प ने रचा इतिहास, पहली बार एक मंच पर आएंगे वैश्विक राजस्थानी, सरकार, उद्योग और समाज; ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश को मिलेगी नई दिशा बेंगलुरु/दलपतसिंह भायल। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर की पहल पर बेंगलुरु में पहली बार देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धर्मों एवं समाजों के प्रतिनिधियों तथा राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का ऐतिहासिक महासंगम आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक भविष्य को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है। महज 60 दिनों की अथक मेहनत, सुनियोजित रणनीति और सामूहिक संकल्प के बल पर इस विशाल आयोजन को साकार किया गया है। सीमित समय में हजारों लोगों को एक मंच से जोड़ते हुए व्यापक तैयारियां पूरी करना अपने आप में एक मिसाल है। आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज किसी बड़े उद्देश्य के लिए एकजुट होता है, तब समय और संसाधन भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनते। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता तथा देश-विदेश से आए प्रवासी राजस्थानी भाग लेंगे। इस दौरान लगभग ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे राजस्थान में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों लोगों के सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि समाज ने केवल एक संदेश और एक फोन कॉल पर भरोसा जताते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके अनुसार समाज का विश्वास और नैतिक समर्थन ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश 'संगच्छध्वं संवदध्वं' अर्थात साथ चलने और मिलकर आगे बढ़ने की भावना इस आयोजन की आधारशिला है। समाज जब परिवार बनकर कार्य करता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त हो जाते हैं। आयोजन को सफल बनाने में बेंगलुरु की युवा टीम, महिला टीम, विभिन्न समितियों के सदस्य तथा 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत की है। हजारों लोगों की सहभागिता और लाखों प्रवासी राजस्थानी परिवारों का उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी पूंजी बनकर उभरा है। सचिन पांडिया ने आयोजन में सहयोग देने वाले उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों, दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सहयोग समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला अमूल्य योगदान है। उन्होंने मीडिया सहयोगी ज़ी टीवी राजस्थान, गंगौर टीवी और सिम्प्लिसिटी मैगज़ीन का भी विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने आयोजन को देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक पहुंचाने और लाइव प्रसारण के माध्यम से इसकी वैश्विक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन केवल निवेश और उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और प्रवासी समाज की एकजुटता का भी भव्य उत्सव बनेगा। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर का उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराना तथा राजस्थान के समग्र विकास के लिए एक सशक्त और स्थायी मंच तैयार करना है। बेंगलुरु से शुरू हो रही यह पहल आने वाले वर्षों में प्रवासी राजस्थानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यदि यह अभियान अपने उद्देश्यों को प्राप्त करता है, तो यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा कि जब समाज, सरकार और उद्योग एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब विकास केवल योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बन जाता है। प्रवासी राजस्थानियों के इतिहास में यह आयोजन एक नए स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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    बेंगलुरु से लिखी जाएगी प्रवासी राजस्थानियों के स्वर्णिम भविष्य की नई इबारत
60 दिनों के सामूहिक संकल्प ने रचा इतिहास, पहली बार एक मंच पर आएंगे वैश्विक राजस्थानी, सरकार, उद्योग और समाज; ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश को मिलेगी नई दिशा

बेंगलुरु/दलपतसिंह भायल। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर की पहल पर बेंगलुरु में पहली बार देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धर्मों एवं समाजों के प्रतिनिधियों तथा राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का ऐतिहासिक महासंगम आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक भविष्य को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।
महज 60 दिनों की अथक मेहनत, सुनियोजित रणनीति और सामूहिक संकल्प के बल पर इस विशाल आयोजन को साकार किया गया है। सीमित समय में हजारों लोगों को एक मंच से जोड़ते हुए व्यापक तैयारियां पूरी करना अपने आप में एक मिसाल है। आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज किसी बड़े उद्देश्य के लिए एकजुट होता है, तब समय और संसाधन भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनते।
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता तथा देश-विदेश से आए प्रवासी राजस्थानी भाग लेंगे। इस दौरान लगभग ₹3,000 करोड़ के संभावित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे राजस्थान में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों लोगों के सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि समाज ने केवल एक संदेश और एक फोन कॉल पर भरोसा जताते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके अनुसार समाज का विश्वास और नैतिक समर्थन ही इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का संदेश 'संगच्छध्वं संवदध्वं' अर्थात साथ चलने और मिलकर आगे बढ़ने की भावना इस आयोजन की आधारशिला है। समाज जब परिवार बनकर कार्य करता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त हो जाते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में बेंगलुरु की युवा टीम, महिला टीम, विभिन्न समितियों के सदस्य तथा 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत की है। हजारों लोगों की सहभागिता और लाखों प्रवासी राजस्थानी परिवारों का उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी पूंजी बनकर उभरा है।
सचिन पांडिया ने आयोजन में सहयोग देने वाले उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों, दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सहयोग समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला अमूल्य योगदान है। उन्होंने मीडिया सहयोगी ज़ी टीवी राजस्थान, गंगौर टीवी और सिम्प्लिसिटी मैगज़ीन का भी विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने आयोजन को देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक पहुंचाने और लाइव प्रसारण के माध्यम से इसकी वैश्विक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह आयोजन केवल निवेश और उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और प्रवासी समाज की एकजुटता का भी भव्य उत्सव बनेगा। राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर का उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराना तथा राजस्थान के समग्र विकास के लिए एक सशक्त और स्थायी मंच तैयार करना है।
बेंगलुरु से शुरू हो रही यह पहल आने वाले वर्षों में प्रवासी राजस्थानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यदि यह अभियान अपने उद्देश्यों को प्राप्त करता है, तो यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा कि जब समाज, सरकार और उद्योग एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब विकास केवल योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बन जाता है।
प्रवासी राजस्थानियों के इतिहास में यह आयोजन एक नए स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    user_दलपतसिंह भायल
    दलपतसिंह भायल
    Local News Reporter जालोर, जालोर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जालौर शनिवार को धार्मिक शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट कर गिरा बड़ा हादसा टला जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीठाधीश्वर पीर गंगा नाथ जी महाराज की चतुर्थ मार्च के लिए शोभायात्रा अखाड़े से रवाना हुई थी इस बीच अखाड़ा गली में कम ऊंचाई पर बिजली के तार झूल रहे थे अचानक से बिजली का तार टूट कर श्रद्धालुओं के बीच गिरा जिससे शोभायात्रा में हड़कंप मच गया सूचना पर बिजली कटौती की गई कमेटी के सदस्य ने बताया कि करीब 3 महीना पहले विद्युत विभाग को इन कम ऊंचाई पर झूलते बिजली तारों को व्यवस्थित करने को कहा गया था लेकिन विद्युत विभाग की अनदेखी के कारण आज शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट गया गनीमत रहेगी किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई श्रद्धालुओं ने विद्युत विभाग पर आक्रोश भी जताया
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    जालौर शनिवार को धार्मिक शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट कर गिरा बड़ा हादसा टला
जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीठाधीश्वर पीर गंगा नाथ जी महाराज की चतुर्थ मार्च के लिए शोभायात्रा अखाड़े से रवाना हुई थी इस बीच अखाड़ा गली में कम ऊंचाई पर बिजली के तार झूल रहे थे अचानक से बिजली का तार टूट कर श्रद्धालुओं के बीच गिरा जिससे शोभायात्रा में हड़कंप मच गया सूचना पर बिजली कटौती की गई कमेटी के सदस्य ने बताया कि करीब 3 महीना पहले विद्युत विभाग को इन कम ऊंचाई पर झूलते बिजली तारों को व्यवस्थित करने को कहा गया था लेकिन विद्युत विभाग की अनदेखी के कारण आज शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट गया गनीमत रहेगी किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई श्रद्धालुओं ने विद्युत विभाग पर आक्रोश भी  जताया
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • BREAKING NEWS | जालौर कनियागिरी तपोभूमि से निकली चातुर्मास की भव्य शोभायात्रा, देवनगरी बैरठ में होगा मंगलमय चातुर्मास प्रवेश जालोर, 1 अगस्त 2026। नाथ संप्रदाय की अति प्राचीन तपोभूमि कनियागिरी पर्वत पर विराजमान श्री शिवावतारी महासिद्ध जालन्धरनाथजी महाराज की पावन सिद्धपीठ तथा शिवस्वरूप पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 पीर श्री गंगानाथ जी महाराज, सिरे मंदिर धाम एवं श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर के सान्निध्य में शनिवार को चातुर्मास भव्य शोभायात्रा–2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। प्रातःकाल श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, ध्वज-पताकाओं और "जय गुरुदेव" के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, नाथ संप्रदाय के अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया। शोभायात्रा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच वंदनीय श्री केशरनाथ जी महाराज की तपोस्थली देवनगरी बैरठ पहुँची, जहाँ गुरु भगवान का मंगलमय चातुर्मास प्रवेश वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं ने गुरु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संतों के सान्निध्य में निकली इस शोभायात्रा ने क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। चातुर्मास के शुभारंभ के साथ ही आगामी चार माह तक धर्म, साधना, सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं जनकल्याणकारी धार्मिक आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा। नाथ संप्रदाय के अनुयायियों ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से चातुर्मास के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
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    BREAKING NEWS | जालौर
कनियागिरी तपोभूमि से निकली चातुर्मास की भव्य शोभायात्रा, देवनगरी बैरठ में होगा मंगलमय चातुर्मास प्रवेश
जालोर, 1 अगस्त 2026।
नाथ संप्रदाय की अति प्राचीन तपोभूमि कनियागिरी पर्वत पर विराजमान श्री शिवावतारी महासिद्ध जालन्धरनाथजी महाराज की पावन सिद्धपीठ तथा शिवस्वरूप पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 पीर श्री गंगानाथ जी महाराज, सिरे मंदिर धाम एवं श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर के सान्निध्य में शनिवार को चातुर्मास भव्य शोभायात्रा–2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई।
प्रातःकाल श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, ध्वज-पताकाओं और "जय गुरुदेव" के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, नाथ संप्रदाय के अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया।
शोभायात्रा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच वंदनीय श्री केशरनाथ जी महाराज की तपोस्थली देवनगरी बैरठ पहुँची, जहाँ गुरु भगवान का मंगलमय चातुर्मास प्रवेश वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं ने गुरु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संतों के सान्निध्य में निकली इस शोभायात्रा ने क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। चातुर्मास के शुभारंभ के साथ ही आगामी चार माह तक धर्म, साधना, सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं जनकल्याणकारी धार्मिक आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
नाथ संप्रदाय के अनुयायियों ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से चातुर्मास के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
    user_News Samachar Nation jalor
    News Samachar Nation jalor
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी विवाद – रुछिका सिंह ने मांगी माफी बहीरंग माफी: CJP कार्यकर्ता रुछिका सिंह ने देशवासियों से वीडियो जारी कर क्षमा मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान दूसरों के उकसावे और दबाव में आकर ही उनके मुंह से अनुचित शब्द निकले। - भविष्य का आश्वासन: सिंह ने भरोसा दिलाया कि आगे कभी ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। - कानूनी कार्रवाई: इस मामले में नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। जांच को दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है। - राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। यह विवाद दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयान कितने संवेदनशील होते हैं। राजनीतिक व्यक्तित्वों पर व्यक्तिगत टिप्पणी न केवल सामाजिक असंतोष को जन्म देती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी विवाद – रुछिका सिंह ने मांगी माफी  
बहीरंग माफी: CJP कार्यकर्ता रुछिका सिंह ने देशवासियों से वीडियो जारी कर क्षमा मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान दूसरों के उकसावे और दबाव में आकर ही उनके मुंह से अनुचित शब्द निकले।  
- भविष्य का आश्वासन: सिंह ने भरोसा दिलाया कि आगे कभी ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी।  
- कानूनी कार्रवाई: इस मामले में नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। जांच को दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है।  
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।  
यह विवाद दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयान कितने संवेदनशील होते हैं। राजनीतिक व्यक्तित्वों पर व्यक्तिगत टिप्पणी न केवल सामाजिक असंतोष को जन्म देती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।
    user_Ramesh Solanki
    Ramesh Solanki
    स्वतंत्र पत्रकार जालोर, जालोर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • जावाल के आस पास गांवों में आज अच्छी बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी जावाल के आस पास गांवों में बारिश अच्छी आई जिसमें गांवों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और किसानो को खुशी मिलेगी
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    जावाल के आस पास गांवों में आज अच्छी बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी 
जावाल के आस पास गांवों में बारिश अच्छी आई जिसमें गांवों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और किसानो को खुशी मिलेगी
    user_अशोक आलिका राणा
    अशोक आलिका राणा
    Local News Reporter सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत..... बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।
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    बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत.....
बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत
रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।
    user_The circle News
    The circle News
    Court reporter रानी, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव किया प्रस्थान जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाडे के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव के लिए किया प्रस्थान भेरुनाथ अखाड़े से ढोल धमाका के साथ शोभायात्रा रवाना हुई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी इस दौरान महिलाओं ने मांगलिक गीतों का गायन कर भक्ति मैं प्रस्तुति दी शोभायात्रा भेरुनाथ अखाड़े से रवाना होकर अस्पताल चौराया जोशी सर्कल सूरजपोल भीनमाल रोड होते हुए वेरठ गांव पहुंची जहां पर ग्रामीणों ने पीर जी का स्वागत अभिनंदन किया शोभा यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया शोभायात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
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    जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव किया प्रस्थान
जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाडे के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव के लिए किया प्रस्थान भेरुनाथ अखाड़े से ढोल धमाका के साथ शोभायात्रा रवाना हुई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी इस दौरान महिलाओं ने मांगलिक गीतों का गायन कर भक्ति मैं प्रस्तुति दी शोभायात्रा भेरुनाथ अखाड़े से रवाना होकर अस्पताल चौराया जोशी सर्कल सूरजपोल भीनमाल रोड होते हुए  वेरठ गांव पहुंची जहां पर ग्रामीणों ने पीर जी का स्वागत अभिनंदन किया शोभा यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया शोभायात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है
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    बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी*

*बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी*
उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है
    user_जमाल खान बाली
    जमाल खान बाली
    बाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
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