प्रयागराज के मेजा स्थित भटौती पहाड़ी के सिद्धेश्वर पहाड़ी महादेव मंदिर में मलमास के पावन अवसर पर सोमवार को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया, बेलपत्र अर्पित करते हुए 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस धार्मिक माहौल के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय रंगों में रंग गया, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जलाभिषेक के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास ने जलाभिषेक करने वाले भक्तों का स्वागत किया और पेयजल, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की, जिसकी लोगों ने सराहना की। मंदिर के पुजारी आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि मलमास में भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने भक्तों की इस अपार आस्था को अद्भुत बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण और भी सशक्त हो रहा है।
प्रयागराज के मेजा स्थित भटौती पहाड़ी के सिद्धेश्वर पहाड़ी महादेव मंदिर में मलमास के पावन अवसर पर सोमवार को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया, बेलपत्र अर्पित करते हुए 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस धार्मिक माहौल के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय रंगों में रंग गया, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जलाभिषेक के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास ने जलाभिषेक करने वाले भक्तों का स्वागत किया और पेयजल, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की, जिसकी लोगों ने सराहना की। मंदिर के पुजारी आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि मलमास में भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने भक्तों की इस अपार आस्था को अद्भुत बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण और भी सशक्त हो रहा है।
- प्रयागराज के मेजा स्थित भटौती पहाड़ी के सिद्धेश्वर पहाड़ी महादेव मंदिर में मलमास के पावन अवसर पर सोमवार को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया, बेलपत्र अर्पित करते हुए 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस धार्मिक माहौल के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय रंगों में रंग गया, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जलाभिषेक के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास ने जलाभिषेक करने वाले भक्तों का स्वागत किया और पेयजल, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की, जिसकी लोगों ने सराहना की। मंदिर के पुजारी आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि मलमास में भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने भक्तों की इस अपार आस्था को अद्भुत बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण और भी सशक्त हो रहा है।1
- भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में 23 वर्षीय मानव सुथार ने अपने पदार्पण मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया है। पहली पारी में उन्होंने मात्र 33 रन देकर 6 विकेट झटके, जिसकी बदौलत अफगानिस्तान की पूरी टीम 152 रन पर सिमट गई। इस दमदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने बड़ी बढ़त हासिल करते हुए अफगानिस्तान को फॉलोऑन दिया है और उसे दूसरी पारी खेलने के लिए फिर से मैदान में उतारा है। मानव सुथार इस सदी के दूसरे ऐसे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं, जिन्होंने पदार्पण टेस्ट में छह विकेट हासिल किए हैं; उनसे पहले यह उपलब्धि रविचंद्रन अश्विन ने अपने नाम की थी। अपने पहले ही टेस्ट मैच में मानव सुथार का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए एक गर्व का क्षण माना जा रहा है।1
- बांदा जनपद की बबेरू विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घंसौल में आज समाजवादी विचारधारा के प्रखर नेता जॉर्ज फर्नांडीस की जयंती जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बैनर तले श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और जदयू कार्यकर्ताओं ने शिरकत की, जहाँ जॉर्ज साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय, समानता और जनहित की राजनीति को याद किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जॉर्ज फर्नांडीस केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि शोषितों, पीड़ितों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज जब समाज कई सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब जॉर्ज साहब के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। कार्यक्रम में जनता दल यूनाइटेड के जिला अध्यक्ष उमाकांत सविता, नगर विकास अध्यक्ष जेडीयू काशी प्रसाद याज्ञिक, अतर्रा नगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ जेडीयू ज्योति मौर्य, जिला उपाध्यक्ष रमन गुप्ता सहित सैकड़ों महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित रहे। इस जयंती कार्यक्रम का मुख्य केंद्र शराबबंदी को लेकर लिया गया महिलाओं का संकल्प रहा। उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे गांव-गांव तक जनजागरण अभियान चलाएंगी और शराब से बर्बाद हो रहे परिवारों को बचाने के लिए बांदा से लेकर लखनऊ तक संघर्ष करेंगी। महिलाओं ने इसे केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, परिवार की खुशहाली और समाज के भविष्य से जुड़ा विषय बताया, जिसके लिए इस लड़ाई को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। जयंती कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही, उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में न्याय, समानता और जनहित की राजनीति को मजबूत करने का भी संकल्प लिया गया, खासकर शराबबंदी के निर्णायक संघर्ष को बांदा से लखनऊ तक ले जाने का आह्वान किया गया।4
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर बेहद कड़ी टिप्पणी की है, जिसमें यह साफ तौर पर कहा गया है कि 'मलाईदार तैनाती' पाने के लिए पुलिसकर्मी फर्जी मुठभेड़ या अवैध गिरफ्तारी करने से भी नहीं हिचकते। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यूपी पुलिस के लिए संविधान से कहीं ज्यादा सियासी आकाओं की खुशी महत्वपूर्ण है। यह तल्ख टिप्पणी गाजियाबाद के नंद ग्राम थाने में पिता, पुत्र और बहू के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट को खत्म करते हुए की गई। इस निर्णय के दौरान, हाई कोर्ट ने पुलिस के कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पुलिस की तथाकथित 'ठोको संस्कृति' और चयनात्मक कार्रवाई पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पुलिस विभाग की निष्पक्षता और संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गहरे प्रश्न खड़े किए हैं।1
- प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र के बेलसारा गांव में रविवार को सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। श्री हरिधाम सनातन ट्रस्ट ने महामंडलेश्वर विनयानंद गिरी के नेतृत्व में पाँच निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया। इस विवाह समारोह में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की आवश्यक सामग्री भेंट की गई और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने ट्रस्ट के इस सराहनीय सामाजिक कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देना और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना था। पूरे समारोह का वातावरण उत्साह, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहयोग की भावना से ओत-प्रोत रहा।2
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के दलवाबारी गाँव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक आवारा सांड अचानक गाँव के पास स्थित एक बड़े और गहरे नाले में गिर गया। नाले में गिरने के बाद सांड ने काफी देर तक बाहर निकलने के लिए संघर्ष किया, लेकिन नाले की गहराई और फिसलन के कारण वह स्वयं बाहर नहीं निकल सका। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और नाले में फंसे सांड को देखकर उसकी जान बचाने का सामूहिक प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने रस्सियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से सांड को बाहर निकालने की कोशिश की। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सफलता मिली और सांड को सुरक्षित नाले से बाहर निकाल लिया गया। सांड के बाहर निकलते ही वह कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा और फिर सामान्य अवस्था में चला गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की साँस ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं किया जाता तो सांड की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ग्रामीणों के इस मानवीय और सराहनीय प्रयास की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। लोगों ने इस घटना को पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग का प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जिससे समाज में एकजुटता का संदेश गया। ग्रामीणों की तत्परता और एकजुटता के कारण एक बेजुबान पशु की जान बच सकी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले और खतरनाक नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस प्रकार की दुर्घटना न हो।3
- pgal ho gya hai name Roshan Kumar ka rhane hriyari korean hriyari ka rhane wal hai name Roshan Kumar post belhat pura hriyari korean prayagraj1
- प्रयागराज के मेजा स्थित भटौती पहाड़ी पर श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव मंदिर में इन दिनों भक्ति का रंग छाया हुआ है। मलमास के पावन माह में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रयागराज के प्रख्यात कथा व्यास श्री नारायण प्रसाद द्विवेदी द्वारा पांच जून से प्रारंभ हुई इस कथा में प्रतिदिन भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा है। सोमवार को भी सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और उसके बाद रामकथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा के दौरान गूंजते भक्ति गीतों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पहाड़ी क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। मंदिर के पुजारी आचार्य बृज बिहारी दास ने बताया कि मलमास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, और इस पावन अवसर पर आयोजित रामकथा से श्रद्धालुओं के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और धर्म के प्रति आस्था और गहरी होती है। वहीं, युवा समाजसेवी बालेन्द्र द्विवेदी ने इस धार्मिक आयोजन को क्षेत्र की आस्था और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामकथा का श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की, यह कहते हुए कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1