*धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संदेश के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन* *गोरमी(भिंड)* सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में गोरमी के शासकीय पीएम श्री विद्यालय के मैदान में धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण के उद्देश्य से एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता कर एकता और संगठन का संदेश दिया। हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार गौ पूजन एवं तुलसी पूजन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ। सम्मेलन में साध्वी सरस्वती दीदी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू धर्म की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से है। उन्होंने गौ माता और तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये हमारी जीवन पद्धति और आस्था के प्रतीक हैं, जिनका संरक्षण करना प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी संस्कृति, परंपराओं और एकजुटता में निहित है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रत्येक हिंदू को जागरूक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने समाज को संगठित रहने, राष्ट्रहित में कार्य करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया साथ ही हिंदू समाज की एकता ,संस्कार और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री विमल जी ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए संगठित रहकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा ,राष्ट्रभक्ति , धर्म और अनुशासन को जीवन का आधार बनाकर किए गए कार्य ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना है। संघ व्यक्ति निर्माण को राष्ट्र निर्माण का आधार मानता है। अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति संघ की कार्यशैली के मूल तत्व हैं। शाखाओं के माध्यम से शारीरिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। संघ सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। आपदा, सेवा कार्य, सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण के क्षेत्रों में संघ से जुड़े स्वयंसेवकों की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। सम्मेलन में वक्ताओं द्वारा धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और युवा जागरण जैसे विषयों पर अपने विचार रखने से "जात-पात की करो विदाई हम सब हिंदू भाई-भाई ", “हिंदू समाज एक है” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। इस विशाल हिंदू सम्मेलन में श्री श्री 1008 कालिदास जी महाराज तेजपुरा धाम साई बाबा मंदिर पुजारी, संत श्री प्रिओम दास जी महाराज गोरमी बड़ी जग्गा महंत, संत श्री नरेश दास जी महाराज महर्षि वाल्मीकि मंदिर पुजारी अयोध्या बस्ती गोरमी श्री सुमेर सिंह यादव हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति संयोजक समाजसेवी श्री सुमेर सिंह यादव, श्रीमती माधुरी दीक्षित शिक्षिका एवं समाजसेवी आदि मंचासीन रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन के आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त कर उपस्थित अंचल के संतजनों , प्रबुद्ध जन गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति से सहभोज करने का आग्रह किया।
*धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संदेश के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन* *गोरमी(भिंड)* सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में गोरमी के शासकीय पीएम श्री विद्यालय के मैदान में धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण के उद्देश्य से एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता कर एकता और संगठन का संदेश दिया। हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार गौ पूजन एवं तुलसी पूजन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ। सम्मेलन में साध्वी सरस्वती दीदी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू धर्म की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से है। उन्होंने गौ माता और तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये हमारी जीवन पद्धति और आस्था के प्रतीक हैं, जिनका संरक्षण करना प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी संस्कृति, परंपराओं और एकजुटता में निहित है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रत्येक हिंदू को जागरूक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने समाज को संगठित रहने, राष्ट्रहित में कार्य करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया साथ ही हिंदू समाज की एकता ,संस्कार और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री विमल जी ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए संगठित रहकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा ,राष्ट्रभक्ति , धर्म और अनुशासन को जीवन का आधार बनाकर किए गए कार्य ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना है। संघ व्यक्ति निर्माण को राष्ट्र निर्माण का आधार मानता है। अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति संघ की कार्यशैली के मूल तत्व हैं। शाखाओं के माध्यम से शारीरिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। संघ सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। आपदा, सेवा कार्य, सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण के क्षेत्रों में संघ से जुड़े स्वयंसेवकों की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। सम्मेलन में वक्ताओं द्वारा धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और युवा जागरण जैसे विषयों पर अपने विचार रखने से "जात-पात की करो विदाई हम सब हिंदू भाई-भाई ", “हिंदू समाज एक है” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। इस विशाल हिंदू सम्मेलन में श्री श्री 1008 कालिदास जी महाराज तेजपुरा धाम साई बाबा मंदिर पुजारी, संत श्री प्रिओम दास जी महाराज गोरमी बड़ी जग्गा महंत, संत श्री नरेश दास जी महाराज महर्षि वाल्मीकि मंदिर पुजारी अयोध्या बस्ती गोरमी श्री सुमेर सिंह यादव हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति संयोजक समाजसेवी श्री सुमेर सिंह यादव, श्रीमती माधुरी दीक्षित शिक्षिका एवं समाजसेवी आदि मंचासीन रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन के आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त कर उपस्थित अंचल के संतजनों , प्रबुद्ध जन गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति से सहभोज करने का आग्रह किया।
- *धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संदेश के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन* *गोरमी(भिंड)* सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में गोरमी के शासकीय पीएम श्री विद्यालय के मैदान में धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण के उद्देश्य से एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता कर एकता और संगठन का संदेश दिया। हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार गौ पूजन एवं तुलसी पूजन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ। सम्मेलन में साध्वी सरस्वती दीदी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू धर्म की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से है। उन्होंने गौ माता और तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये हमारी जीवन पद्धति और आस्था के प्रतीक हैं, जिनका संरक्षण करना प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी संस्कृति, परंपराओं और एकजुटता में निहित है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रत्येक हिंदू को जागरूक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने समाज को संगठित रहने, राष्ट्रहित में कार्य करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया साथ ही हिंदू समाज की एकता ,संस्कार और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री विमल जी ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए संगठित रहकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा ,राष्ट्रभक्ति , धर्म और अनुशासन को जीवन का आधार बनाकर किए गए कार्य ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना है। संघ व्यक्ति निर्माण को राष्ट्र निर्माण का आधार मानता है। अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति संघ की कार्यशैली के मूल तत्व हैं। शाखाओं के माध्यम से शारीरिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। संघ सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। आपदा, सेवा कार्य, सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण के क्षेत्रों में संघ से जुड़े स्वयंसेवकों की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। सम्मेलन में वक्ताओं द्वारा धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और युवा जागरण जैसे विषयों पर अपने विचार रखने से "जात-पात की करो विदाई हम सब हिंदू भाई-भाई ", “हिंदू समाज एक है” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। इस विशाल हिंदू सम्मेलन में श्री श्री 1008 कालिदास जी महाराज तेजपुरा धाम साई बाबा मंदिर पुजारी, संत श्री प्रिओम दास जी महाराज गोरमी बड़ी जग्गा महंत, संत श्री नरेश दास जी महाराज महर्षि वाल्मीकि मंदिर पुजारी अयोध्या बस्ती गोरमी श्री सुमेर सिंह यादव हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति संयोजक समाजसेवी श्री सुमेर सिंह यादव, श्रीमती माधुरी दीक्षित शिक्षिका एवं समाजसेवी आदि मंचासीन रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन के आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त कर उपस्थित अंचल के संतजनों , प्रबुद्ध जन गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति से सहभोज करने का आग्रह किया।1
- Post by Rahul Singh1
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