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भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*धनतेरस स्पेशल - भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर की दिव्य प्रतिमा,अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर प्रतिमा पर धनतेरस पर महाआरती, महाप्रसाद का वितरण*_ _
वचन(कमल ) प्रजापति
भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*धनतेरस स्पेशल - भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर की दिव्य प्रतिमा,अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर प्रतिमा पर धनतेरस पर महाआरती, महाप्रसाद का वितरण*_ _
- Kismat bhaskar 7477 Meghwalमल्हारगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेशcl me7 hrs ago
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- गाय का दूध सबको चाहिए, लेकिन सेवा करने की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? सड़कों और हाट-बाजारों में भटकती गोमाता की दुर्दशा पर उठे सवाल, दिलीप सिंह कर रहे गोसेवा की अनूठी पहल मंदसौर।सोहनगढ़ (मोलाखेड़ी)। आज देशभर में गोमाता की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सड़कों, चौराहों और हाट-बाजारों में गोमाता बेसहारा भटकती दिखाई देती हैं। जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, उसी देश में आज अनेक गायों को चारे और आश्रय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विडंबना देखिए कि हर घर में गाय का दूध तो चाहिए, लेकिन गाय की सेवा, पालन-पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी उठाने के लिए बहुत कम लोग आगे आते हैं। आखिर गोमाता की सेवा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? इस गंभीर विषय पर एक विचार सामने आता है कि सरकार को ऐसी ठोस नीति बनानी चाहिए, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले राशन कार्डधारक परिवारों को उनकी आर्थिक स्थिति और क्षमता के अनुसार गाय पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए सरकार चारा, पशु चिकित्सा और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराए, ताकि गोसेवा के साथ परिवारों की आय का साधन भी विकसित हो सके। गोसेवा के साथ पशुपालन को बढ़ावा इसी दिशा में हमारे क्षेत्र के सोहनगढ़ (मिलाखेड़ी) निवासी श्री दिलीप सिंह जी गोमाता की सेवा और पशुपालन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनके फार्म पर अलग-अलग नस्लों की गाय उपलब्ध हैं। यहां लगभग 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 50 हजार रुपये तक की गाय खरीदी जा सकती हैं। खास बात यह है कि गाय खरीदने आने वाले पशुपालकों को मौके पर ही दूध निकालकर दिखाया जाता है, ताकि ग्राहक स्वयं दूध की मात्रा देखकर संतुष्ट हो सकें और उसके बाद ही गाय का सौदा कर सकें।आइए, केवल गोमाता के दूध का लाभ ही नहीं, बल्कि उनकी सेवा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। गोसेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी से सार्थक होगी। गोमाता की सेवा करें, पशुपालन अपनाएं और गोवंश संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी कि ख़ास रिपोर्ट गाय का दूध सबको चाहिए, लेकिन सेवा करने की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? सड़कों और हाट-बाजारों में भटकती गोमाता की दुर्दशा पर उठे सवाल, दिलीप सिंह कर रहे गोसेवा की अनूठी पहल मंदसौर।सोहनगढ़ (मोलाखेड़ी)। आज देशभर में गोमाता की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सड़कों, चौराहों और हाट-बाजारों में गोमाता बेसहारा भटकती दिखाई देती हैं। जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, उसी देश में आज अनेक गायों को चारे और आश्रय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विडंबना देखिए कि हर घर में गाय का दूध तो चाहिए, लेकिन गाय की सेवा, पालन-पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी उठाने के लिए बहुत कम लोग आगे आते हैं। आखिर गोमाता की सेवा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? इस गंभीर विषय पर एक विचार सामने आता है कि सरकार को ऐसी ठोस नीति बनानी चाहिए, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले राशन कार्डधारक परिवारों को उनकी आर्थिक स्थिति और क्षमता के अनुसार गाय पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए सरकार चारा, पशु चिकित्सा और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराए, ताकि गोसेवा के साथ परिवारों की आय का साधन भी विकसित हो सके। गोसेवा के साथ पशुपालन को बढ़ावा इसी दिशा में हमारे क्षेत्र के सोहनगढ़ (मिलाखेड़ी) निवासी श्री दिलीप सिंह जी गोमाता की सेवा और पशुपालन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनके फार्म पर अलग-अलग नस्लों की गाय उपलब्ध हैं। यहां लगभग 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 50 हजार रुपये तक की गाय खरीदी जा सकती हैं। खास बात यह है कि गाय खरीदने आने वाले पशुपालकों को मौके पर ही दूध निकालकर दिखाया जाता है, ताकि ग्राहक स्वयं दूध की मात्रा देखकर संतुष्ट हो सकें और उसके बाद ही गाय का सौदा कर सकें।आइए, केवल गोमाता के दूध का लाभ ही नहीं, बल्कि उनकी सेवा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। गोसेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी से सार्थक होगी। गोमाता की सेवा करें, पशुपालन अपनाएं और गोवंश संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी कि ख़ास रिपोर्ट1
- चाइनीज दीपकों के बीच कायम है मिट्टी के दीयों की पहचान, श्यामलाल परिवार _*दीपावली स्पेशल - हजारों दीये बनाने वाले श्यामलाल की कहानी, चाइनीज लाइटों के बीच भी चमक रहे मिट्टी के दीये*_ _*भानपुरा - चाइनीज दीपकों के बीच कायम है मिट्टी के दीयों की पहचान, श्यामलाल परिवार 6 महीने से कर रहा तैयारी*_ _*चाइनीज दीपकों को टक्कर दे रहे मिट्टी के दीये, परंपरा आज भी जिंदा*_ _1
- लालूखेड़ी के पास बाइक और टाटा मैजिक में जोरदार भिड़ंत, मासूम बच्ची गंभीर घायल प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए आगर सिविल अस्पताल किया रेफर नलखेड़ा। नलखेड़ा-आगर मालवा मार्ग पर लालूखेड़ी के समीप बाइक और टाटा मैजिक टेंपो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक पर सवार एक छोटी बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद घायल बच्ची को तत्काल नलखेड़ा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया , जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए आगर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे की खबर से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। फिलहाल बच्ची का उपचार जारी है। पत्रकार मनोज कुमार माली, जिला आगर मालवा (मध्य प्रदेश)1
- यदि इंसान दान पुण्य धाम परोपकार का कार्य करना चाहता है तो उसको दीन दुःखी दरिद्र विकलांग लोगों की सेवा में धन समर्पित करना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश न्यूज - हमारे हिंदू त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर की तुलना में क्यों आगे पीछे हो जाते हैं, इसका कारण इस वीडियो से समझे और अच्छा लगे, तो आगे अग्रसारित भी करें। आर के गोयल सर्राफ। हमारे हिंदू त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर की तुलना में क्यों आगे पीछे हो जाते हैं, इसका कारण इस वीडियो से समझे और अच्छा लगे, तो आगे अग्रसारित भी करें। आर के गोयल सर्राफ।1
- ग्राम कचोली में चला प्रशासन का बुलडोजर, कॉलेज का अतिक्रमण ध्वस्त नीमच। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर क्षेत्र के ग्राम कचोली में ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है। यहाँ आरबीएस कॉलेज प्रबंधन द्वारा आम रास्ते पर की गई अवैध तार फेंसिंग को प्रशासन ने जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया है। दरअसल, कॉलेज प्रबंधन ने गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही थी। लगातार शिकायतों के बाद आज जीरन तहसीलदार, पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुलडोजर चलाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन ने आरबीएस कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है कि शासकीय जमीन पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा, और दोबारा ऐसा करने पर इससे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- भानपुरा नगर के हृदय स्थल पर विराजित अति प्राचीन भगवान कुबेर की दिव्य प्रतिमा जिला ब्यौरो-विजय रेटूदिया लोकेशन- भानपुरा एंकर मध्यप्रदेश के भानपुरा नगर के बीचों-बीच विराजित भगवान कुबेर की जानकारी दी भानपुरा नगर के हृदय स्थल पर विराजित अति प्राचीन भगवान कुबेर की दिव्य प्रतिमा जिला ब्यौरो-विजय रेटूदिया लोकेशन- भानपुरा एंकर मध्यप्रदेश के भानपुरा नगर के बीचों-बीच विराजित भगवान कुबेर की अति प्राचीन प्रतिमा श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान कुबेर के दर्शन करने पहुंचते हैं तथा पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि भगवान कुबेर धन, वैभव और समृद्धि के देवता हैं। मंदिर में गूंजती आरती और भक्तिमय वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और भक्ति से जोड़ता है। भानपुरा नगर की यह प्राचीन धार्मिक धरोहर आज भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बनी हुई है।3
- भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*धनतेरस स्पेशल - भानपुरा में कुबेर महाआरती, सैकड़ो श्रद्धालु हुए शामिल*_ _*अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर की दिव्य प्रतिमा,अति प्राचीन नर-वाहन कुबेर प्रतिमा पर धनतेरस पर महाआरती, महाप्रसाद का वितरण*_ _1