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भटकी वृद्ध महिला को भेजा घर बबीना थाने की महिला कांस्टेबल अंजलि विश्वकर्मा ने रास्ता भटकी वृद्ध महिला को पहले स्वल्पाहार कराया फिर उसके घर पर पहुंचा कर मानवता की मिशाल पेश की महिला का नाम लीला वाल्मीकि पत्नी मनीराम 76 साल निवासी आरामशीन चौका भेल की बताई जा रही है
Abhishek Jain
भटकी वृद्ध महिला को भेजा घर बबीना थाने की महिला कांस्टेबल अंजलि विश्वकर्मा ने रास्ता भटकी वृद्ध महिला को पहले स्वल्पाहार कराया फिर उसके घर पर पहुंचा कर मानवता की मिशाल पेश की महिला का नाम लीला वाल्मीकि पत्नी मनीराम 76 साल निवासी आरामशीन चौका भेल की बताई जा रही है
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- बबीना (झाँसी): संत शिरोमणि 108 आचार्य विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस के अवसर पर उनके परम प्रभावक शिष्य 108 मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से 18 फरवरी को बबीना में घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु विशेष सेवा केंद्रों का शुभारम्भ किया जाएगा। यह आयोजन दया भावना फाउण्डेशन, दिगम्बर जैन पंचायत समिति एवं दिगम्बर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत गौ उपचार सेवा केन्द्र, आचार्य श्री विद्यासागर गौ अस्पताल तथा भगवान श्रीराम पक्षी अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। इन केंद्रों का उद्देश्य दुर्घटनाग्रस्त, घायल एवं बीमार पशु-पक्षियों को समय पर आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में लगभग 65 लाख गांवों में 30 करोड़ से अधिक गौवंश एवं असंख्य पशु-पक्षी निवास करते हैं, लेकिन समय पर अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं की कमी के कारण निर्दोष जीवों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ती है। इसी उद्देश्य से दया भावना फाउण्डेशन द्वारा देश के प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पर 108 गौ अस्पताल स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था के माध्यम से ललितपुर, अशोकनगर, झाँसी, सोनागिरि, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, बाजना फोर लाइन हाईवे एवं वनगांव सहित कई स्थानों पर गौ अस्पताल निर्माण कार्य प्रगति पर है। अब तक संस्था द्वारा 7 हजार से अधिक दुर्घटनाग्रस्त गायों का उपचार किया जा चुका है तथा 12 हजार से अधिक गौवंशों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हेतु रेडियम बेल्ट पहनाई गई हैं। संस्था द्वारा घायल एवं बीमार पशुओं को विशेष वाहनों और हाइड्रोलिक एम्बुलेंस की सहायता से उपचार केंद्र तक लाकर पूर्ण स्वस्थ होने तक उनका इलाज किया जाता है। इस सेवा कार्य में आशिष जैन, कल्लन, सोनू जैन (मधुवन), अनुराग जैन, आकाश जैन, तिलक जैन, महावीर जैन, विज्ञप्त जैन, विनोद बरया, पंकज जैन, अमन जैन, अभिषेक जैन, अपूर्व जैन एवं अनुपम सहित समाज के अनेक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।1
- आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड झांसी ने जेईई मेन 2026 में लहराया परचम • 9 छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन; आरव वर्मा बने टॉप स्कोरर, 99.96 पर्सेंटाइल हासिल झांसी: आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के झांसी स्थित केंद्र के 9 छात्रों ने जेईई मेन 2026 (सेशन 1) में एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने क्षेत्र में संस्थान के मजबूत शैक्षणिक परिणामों को साबित किया है। 16 फरवरी को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी परिणामों के अनुसार, आकाश इंस्टीट्यूट झांसी शाखा के 9 छात्रों ने प्रभावशाली प्रदर्शन दर्ज किया। छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए धनंजय कुमार मिश्रा, रीजनल डायरेक्टर, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने कहा झांसी के हमारे छात्रों के शानदार परिणाम उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण हैं। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उनकी सफलता पर उन्हें बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। आरव वर्मा ने 99.96 पर्सेंटाइल के साथ टॉप स्कोरर का स्थान प्राप्त किया। इसके बाद सक्षम त्यागी ने 99.89 पर्सेंटाइल हासिल किए। भाव्यांक जैन ने 98.17 पर्सेंटाइल और नौमान बेग ने 98.12 पर्सेंटाइल प्राप्त किए। हेमांग जैन ने 97.65 पर्सेंटाइल, जबकि आरजव जैन ने 96.92 पर्सेंटाइल हासिल किए। अनिमेष गुप्ता ने 96.24 पर्सेंटाइल और अभिनव सूर्यवंशी ने 95.92 पर्सेंटाइल प्राप्त किए। एशिका अग्रवाल ने 95.09 पर्सेंटाइल हासिल कर जेईई मेन 2026 में झांसी शाखा के समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाया। कई छात्रों ने बताया कि आत्म-अनुशासन, नियमित अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और निरंतर मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संरचित पाठ्यक्रम, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों के माध्यम से वे अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रहे, कमियों को समय रहते पहचाना और निरंतर अपने प्रदर्शन में सुधार किया। जेईई मेन परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है, जिससे छात्रों को अपने परिणाम सुधारने का अवसर मिलता है। इसी परीक्षा के माध्यम से छात्रों को नेशनल इंस्टीटूट्स ऑफ़ टेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी तथा अन्य सरकारी संस्थानों में प्रवेश मिलता है। साथ ही, यह इंडियन इंस्टीटूट्स ऑफ़ टेक्नोलॉजी में प्रवेश के लिए आयोजित जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल होने की पात्रता भी प्रदान करती है।1
- बबीना(झाँसी): संत शिरोमणि 108 आचार्य विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर उनके परम प्रभावक शिष्य 108 मुनिश्री अविचल सागरजी महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से उनके सानिध्य में दया भावना फाउण्डेशन, दिगम्बर जैन पंचायत समिति व दिगम्बर जैन समाज द्वारा 18 फरवरी को घायल पशु पक्षियों के उपचार हेतु गौ उपचार सेवा केन्द्र, आचार्य श्री विद्यासागर गौ अस्पताल व भगवान श्रीराम पक्षी अस्पताल का शुभारम्भ होगा। मुनिश्री 108 अविचल सागर जी महाराज ने क्या कहा सुने--------------------------1
- बबीना (झांसी), थाना बबीना क्षेत्र में घर से बिना बताए निकली एक वृद्ध महिला को पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सोमवार प्रातः लगभग 9 बजे 76 वर्षीय श्रीमती लीला पत्नी स्वर्गीय मनीराम, निवासी आरामशीन चौका भेल, थाना बबीना, जिला झांसी, घर से बिना किसी को बताए कहीं चली गई थीं। भटकते-भटकते वह रात में ग्राम खजराहा खुर्द पहुंच गईं। ग्राम खजराहा खुर्द के प्रधान प्रबल प्रताप सिंह ने वृद्धा को देख मानवता का परिचय देते हुए पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना बबीना की मिशन शक्ति टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना बबीना स्थित मिशन शक्ति केंद्र ले आई। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम श्रीमती लीला पत्नी स्वर्गीय मनीराम, उम्र 76 वर्ष बताया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक थाना बबीना विनय कुमार साहू एवं महिला आरक्षी अंजली विश्वकर्मा मौजूद रहीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला के पुत्र सोनू बाल्मीकि पुत्र स्वर्गीय मनीराम, निवासी आरामशीन, थाना बबीना को सूचना देकर थाने पर बुलाया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद वृद्धा को सकुशल उनके पुत्र के सुपुर्द कर दिया गया। माता को सुरक्षित पाकर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।1
- Post by News24harkhabar1
- झांसी के बबीना पहली वार अंन्तर राष्ट्रीय दंगल का आयोजन ब्लमिक जी की नगरी बबीना मैं होने जा रहा है बुन्देलखण्ड की ऐतिहासिक भूमी ब्लमिकी नगरी बबीना में खेल प्रेमियों के लिए एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। दिनांक 22 फरवरी 2028, रविवार को प्रातः 10 बजे से पहली बार अंतर्राष्ट्रीय विराट दंगल का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में देश-विदेश के नामी पहलवान अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन करेंगे, जिससे क्षेत्र में खेल एवं पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा भारतीय पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को आगे बढ़ाना है। दंगल के माध्यम से क्षेत्रीय प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों के पहुंचने की संभावना है।इस विराट दंगल का निवेदन समस्त गणेश व्यायामशाला, बबीना द्वारा किया जा रहा है, जबकि आयोजक वीरेन्द्र प्रताप सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य द्वारा दंगल आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने व कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।1
- झाँसी। जनपद के सराय जमा मस्जिद क्षेत्र निवासी शिवानी छत्रसाल के विवाह अवसर पर सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों की भावुक मिसाल देखने को मिली। स्वर्गीय नरेश छत्रसाल की सुपुत्री शिवानी का विवाह 21 फरवरी को प्रस्तावित है। पिता के साये के बिना बेटी की जिम्मेदारी संभाल रहीं उनकी माता पुष्पा देवी के लिए यह अवसर भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण है। ऐसे समय में शहर के सामाजिक संगठनों ने आगे आकर न केवल सहयोग प्रदान किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि समाज बेटियों के सम्मान में सदैव साथ खड़ा है। संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण रहा। उपस्थित जनों ने शिवानी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने अलमारी, सोफा सेट, ट्रॉली बैग, किचन सेट, मिक्सी, प्रेस सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री भेंट कर विवाह की तैयारियों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। उपहार भेंट के दौरान माहौल भावुक हो उठा। डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि “बेटियों का सम्मान ही समाज की असली पहचान है। समाज की सच्ची प्रगति तभी संभव है, जब हम बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। हमारा सहयोग केवल वस्तुओं का नहीं, बल्कि विश्वास और आत्मसम्मान का प्रतीक है।” उन्होंने भविष्य में भी जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में मणिकर्णिका वूमेंस क्लब की चार्टर्ड प्रेसीडेंट सपना सरावगी, प्रेसीडेंट ओमनी राय, वाइस प्रेसिडेंट नूपुर अग्रवाल, सेक्रेटरी संयुक्ता शर्मा, ट्रेजरार तमन्ना राय सहित सीनियर मेंबर्स नेहा तिवारी, अंजलि अग्रवाल, मोना राय, प्रेरणा सहवानी, दीप्ति सोनी एवं राखी शर्मा उपस्थित रहीं। सनशाइन क्लब से अमित गुप्ता ने भी सहभागिता की। संघर्ष सेवा समिति के संदीप नामदेव, वसंत गुप्ता, राजू सेन, ऐश्वर्या सरावगी, सुशांत गुप्ता, अनुज प्रताप सिंह, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, शुभांशु वर्मा, नीतू राय, प्रदीप राय, रवि राय, नवीन गुप्ता, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता एवं मीना मसीह सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। यह आयोजन सामाजिक एकता, करुणा और बेटियों के प्रति सम्मान का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।1
- *19 फरवरी से प्रारंभ होंगी माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाएँ, मंडल में 3,038 परीक्षार्थी होंगे सम्मिलित* झाँसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा घोषित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार वर्ष 2026 की परीक्षाएँ दिनांक 19 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। निर्धारित कार्यक्रमानुसार पूर्व मध्यमा द्वितीय एवं उत्तर मध्यमा प्रथम की परीक्षाएं प्रथम पाली में और उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाएँ द्वितीय पाली में आयोजित की जाएँगी। उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं डॉ. योगेश कुमार ज्ञानी ने बताया कि झाँसी/चित्रकूट धाम मंडल में परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली गई हैं। झाँसी मंडल (झाँसी, जालौन, ललितपुर) में कुल 685 परीक्षार्थी परीक्षा में . सम्मिलित होंगे, जिनके लिए 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। झाँसी जनपद में संस्कृत विद्यापीठ उ.मा.वि., बमनुवा (टहरौली) तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज, झाँसी सहित अन्य निर्धारित केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। चित्रकूट धाम मंडल (बांदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट) में कुल 2,353 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनके लिए 12 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार दोनों मंडलों में कुल 3,038 छात्र-छात्राएँ परिषद परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्ट्रांग रूम सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता तथा प्रशासनिक पर्यवेक्षण की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार समयबद्ध संचालन, अनुशासन एवं गोपनीयता का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। मंडलीय स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखते हुए परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा परीक्षाएँ शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएँगी।1