शिक्षक दिवस पर चरकावां निचली डीह में गूंजा सांस्कृतिक रंग, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने किया उद्घाटन रफीगंज गया रोड स्थित चरकावां निचली डीह के साइंटिस्ट इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार दोपहर शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित एवं केक काटकर किया। यह आयोजन महान शिक्षाविद् एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि भोला चौधरी, सरपंच दयानंद प्रसाद दांगी, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार पासवान, विधायक प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा, विनय कुमार सिंह एवं विद्यालय के प्रिंसिपल अमित कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह का अंगवस्त्र, माला एवं गुलदस्ता भेंटकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक हमारे जीवन के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों को अनुशासन, संस्कार, सभ्यता और जीवन में आगे बढ़ने की सीख भी देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। विधायक ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने औरंगाबाद जिले, बिहार एवं पूरे देश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। विधायक ने छात्राओं को सम्मानित किया।कार्यक्रम में विकास यादव, अशोक मेहता, सुधीर कुमार चंद्रवंशी, शिक्षक अभिषेक कुमार, संजीत कुमार ,राहुल कुमार, नवजीत कुमार ,शिक्षिका कुसुम कुमारी कुमकुम कुमारी, कोमल कुमारी, खुशबू कुमारी, सपना कुमारी सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। हैशटैग: #TeacherDay #TeachersDay2026 #शिक्षकदिवस #सर्वपल्ली_राधाकृष्णन #RafiGanj #रफीगंज #चरकावां #Aurangabad #औरंगाबाद #CulturalProgram #सांस्कृतिक_कार्यक्रम #PramodKumarSingh #विधायक_प्रमोद_कुमार_सिंह #ScientistInternationalSchool #BiharNews #BharatCrimeLiveNews #EducationNews #TeachersDayCelebration
शिक्षक दिवस पर चरकावां निचली डीह में गूंजा सांस्कृतिक रंग, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने किया उद्घाटन रफीगंज गया रोड स्थित चरकावां निचली डीह के साइंटिस्ट इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार दोपहर शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित एवं केक काटकर किया। यह आयोजन महान शिक्षाविद् एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि भोला चौधरी, सरपंच दयानंद प्रसाद दांगी, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार पासवान, विधायक प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा, विनय कुमार सिंह एवं विद्यालय के प्रिंसिपल अमित कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह का अंगवस्त्र, माला एवं गुलदस्ता भेंटकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक हमारे जीवन के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों को अनुशासन, संस्कार, सभ्यता और जीवन में आगे बढ़ने की सीख भी देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। विधायक ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने औरंगाबाद जिले, बिहार एवं पूरे देश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। विधायक ने छात्राओं को सम्मानित किया।कार्यक्रम में विकास यादव, अशोक मेहता, सुधीर कुमार चंद्रवंशी, शिक्षक अभिषेक कुमार, संजीत कुमार ,राहुल कुमार, नवजीत कुमार ,शिक्षिका कुसुम कुमारी कुमकुम कुमारी, कोमल कुमारी, खुशबू कुमारी, सपना कुमारी सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। हैशटैग: #TeacherDay #TeachersDay2026 #शिक्षकदिवस #सर्वपल्ली_राधाकृष्णन #RafiGanj #रफीगंज #चरकावां #Aurangabad #औरंगाबाद #CulturalProgram #सांस्कृतिक_कार्यक्रम #PramodKumarSingh #विधायक_प्रमोद_कुमार_सिंह #ScientistInternationalSchool #BiharNews #BharatCrimeLiveNews #EducationNews #TeachersDayCelebration
- शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शनिवार के दिन शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान, गया जिले के डोभी प्रखण्ड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रतिभावान शिक्षिका गुड्डी कुमारी को 'राजकीय शिक्षक सम्मान 2026' से नवाजा गया। इस दौरान शिक्षिका ने कार्यक्रम के दौरान शनिवार की दोपहर तीन बजे बताई कि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सौंपकर सम्मानित किया। इस राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी एवं श्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित बिहार के डीजीपी श्री विनय कुमार जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। गुड्डी कुमारी वर्तमान में गया जिले के डोभी प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह में प्रभारी प्रधानाध्यापिका के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्हें यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट नवाचार, आधुनिक एवं सुरुचिपूर्ण शिक्षण शैली, तथा स्कूली बच्चों के सर्वांगीण मानसिक व शारीरिक विकास के लिए लगातार किए जा रहे असाधारण प्रयासों के लिए दिया गया है। पुरस्कार के स्वरूप उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न (मोमेंटो), अंग वस्त्र और ₹30,000 की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। इस विशेष उपलब्धि के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों और विभाग के अधिकारियों ने उनके काम की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। सम्मान प्राप्ति के बाद गुड्डी कुमारी का वक्तव्य राजकीय सम्मान से विभूषित होने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापिका गुड्डी कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:"इस सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार को पाकर मैं बेहद गौरवान्वित और आनंदित महसूस कर रही हूँ। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि इस पुरस्कार को पाने में पूर्ण मार्गदर्शन दे रहे, अलख देव मध्य विद्यालय गुरारू के प्रधानाध्यापक अक्षय कुमार एवं इंटर विद्यालय ऑंती कादिरगंज के शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा साथ ही कृष्ण मुरारी गुप्ता जिला शिक्षा पदाधिकारी गया, अमल किशोर अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डोभी, बृजमोहन ठाकुर प्रखंड डोभी सभी का भरपूर सहयोग मिला। यह सम्मान उन सभी प्यारे बच्चों और सहकर्मियों का है जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। इस पुरस्कार ने मुझमें एक नई ऊर्जा का संचार किया है। अब मैं अपने विद्यालय के विकास और बच्चों के सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए पहले से भी अधिक समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित हुई हूँ।"यह सम्मान न केवल डोभी प्रखंड बल्कि पूरे गया जिले के शिक्षा जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है, जो अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा।2
- किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी कोंच। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार रमण की प्रतिनियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार का आमरण अनशन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार तीन दिनों से अनशन पर रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें दो बोतल पानी चढ़ाया, इसके बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात समर्थकों ने कही। शनिवार को अनशन स्थल पर पहुंचे विधायक अजय कुमार दांगी ने किशोर कुमार के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर किशोर कुमार का आमरण अनशन नहीं तुड़ाया गया तो वह स्वयं प्रखंड कार्यालय कोंच में आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विधायक ने डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में प्रतिनियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकारी में प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान उनके बैठक से चले जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है। विधायक ने आरोप लगाया कि अपर मुख्य सचिव के पत्र के आलोक में पर्यवेक्षकों को बीईओ बनाने की प्रक्रिया के बावजूद डॉ. रमण को कोंच का बीईओ बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें कोंच का बीईओ क्यों बनाया गया। विधायक ने कहा कि 24 घंटे के भीतर बीईओ को नहीं हटाया गया तो जनांदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के आगे अधिकारियों के लिए स्थिति संभालना मुश्किल होगा। इधर, ग्राम अचुकी निवासी राम नरेश दास ने भी शनिवार से किशोर कुमार के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की। राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव ने चेतावनी दी कि यदि किशोर कुमार का अनशन नहीं तोड़ा गया तो प्रखंड में तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा। मालूम हो कि पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में कथित नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति और अन्य मामलों को लेकर दस सूत्री मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में प्रतिनियुक्ति रद्द करने, निलंबन तथा अन्य मामलों की जांच शामिल है। कार्यक्रम में पूर्व जिला पार्षद सह अतिपिछड़ा विकास संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र आजाद, राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव, विनोद शर्मा, शिवकुमार चौहान, कृष्णा यादव, पंचायत समिति सदस्य जयंत यादव, महादेव यादव, द्वारिका प्रसाद, दिलीप कुमार दिलेर, मो. सरफराज समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।1
- हसपुरा औरंगाबाद, निल कोठी गांव निवासी सुरेंद्र यादव के 15 वर्षीय पुत्र का नदी में डूबने से हुई मौत हसपुरा थाना क्षेत्र के डिंडीर गांव टोले निल कोठी गांव निवासी सुरेंद्र यादव के 15 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार की मौत नदी में डूबने से हो गई।जिसकी शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया1
- ASHA Worker के बैग को चाकू से फाड़कर पर्स निकाला, पुलिस से सुरक्षा की मांग कलेर, अरवल में एक ASHA Worker के बैग को चाकू से फाड़कर उसमें रखा पर्स निकाल लिया गया। इस घटना से ASHA Worker काफी दुखी हैं। ASHA Worker को अपने काम के सिलसिले में रोजाना आना-जाना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। पुलिस से अनुरोध है कि क्षेत्र में गश्ती और निगरानी टाइट की जाए, ताकि आगे ऐसी घटना न हो।1
- महात्मा गणिनाथ जयंती जयंती समारोह गयाजी में आए आइसक्रीम विक्रेता का ठेला रुक्मिणी सरोवर में पलटा। स्थानीय लोगों के मदद से निकाला गया ठेला।1
- मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए... मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए...1
- शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, विद्यालय परिसर में हुआ पौधारोपण शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, विद्यालय परिसर में हुआ पौधारोपण कोंच। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को आदर्श कन्या मध्य विद्यालय, कोंचडीह में शिक्षक सम्मान समारोह एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा और समाज निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रवण शांडिल्य ने की। इस दौरान विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बीडीओ चंदन कुमार ने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों को सम्मानित किया। शिक्षक दिवस पर गुरु के प्रति विद्यार्थियों के सम्मान और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मनीष कुमार प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर, मनोज कुमार गांधी उच्च विद्यालय कोंच, बिमलेश कुमार मध्य विद्यालय कोंच, संतोष मिश्रा प्राथमिक विद्यालय ब्लॉक कॉलोनी कोंच, मोहम्मद इमरान प्राथमिक विद्यालय कावर उर्दू, कृष्ण कुमार प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर, देवदत्त तिवारी मध्य विद्यालय अदई, नागेंद्र कुमार राही मध्य विद्यालय चतुरी बीघा,अमित कुमार प्राथमिक विद्यालय सिंघड़ा, मुक्ति नारायण शांडिल्य मध्य विद्यालय कोंच, राजीव कुमार उत्क्रमित हाई स्कूल तुतुरखी, अशोक पासवान मध्य विद्यालय तुतुरखी, मोहम्मद राशिद, इमाम खां एवं माधवेन्द्र कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।1
- *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं. *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.1
- घुवारा का बढ़ा मान, प्राचार्य बी. एल. प्रजापति को मिला राज्य स्तरीय श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान घुवारा का बढ़ा मान, प्राचार्य बी. एल. प्रजापति को मिला राज्य स्तरीय श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान1