शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शनिवार के दिन शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान, गया जिले के डोभी प्रखण्ड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रतिभावान शिक्षिका गुड्डी कुमारी को 'राजकीय शिक्षक सम्मान 2026' से नवाजा गया। इस दौरान शिक्षिका ने कार्यक्रम के दौरान शनिवार की दोपहर तीन बजे बताई कि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सौंपकर सम्मानित किया। इस राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी एवं श्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित बिहार के डीजीपी श्री विनय कुमार जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। गुड्डी कुमारी वर्तमान में गया जिले के डोभी प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह में प्रभारी प्रधानाध्यापिका के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्हें यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट नवाचार, आधुनिक एवं सुरुचिपूर्ण शिक्षण शैली, तथा स्कूली बच्चों के सर्वांगीण मानसिक व शारीरिक विकास के लिए लगातार किए जा रहे असाधारण प्रयासों के लिए दिया गया है। पुरस्कार के स्वरूप उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न (मोमेंटो), अंग वस्त्र और ₹30,000 की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। इस विशेष उपलब्धि के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों और विभाग के अधिकारियों ने उनके काम की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। सम्मान प्राप्ति के बाद गुड्डी कुमारी का वक्तव्य राजकीय सम्मान से विभूषित होने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापिका गुड्डी कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:"इस सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार को पाकर मैं बेहद गौरवान्वित और आनंदित महसूस कर रही हूँ। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि इस पुरस्कार को पाने में पूर्ण मार्गदर्शन दे रहे, अलख देव मध्य विद्यालय गुरारू के प्रधानाध्यापक अक्षय कुमार एवं इंटर विद्यालय ऑंती कादिरगंज के शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा साथ ही कृष्ण मुरारी गुप्ता जिला शिक्षा पदाधिकारी गया, अमल किशोर अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डोभी, बृजमोहन ठाकुर प्रखंड डोभी सभी का भरपूर सहयोग मिला। यह सम्मान उन सभी प्यारे बच्चों और सहकर्मियों का है जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। इस पुरस्कार ने मुझमें एक नई ऊर्जा का संचार किया है। अब मैं अपने विद्यालय के विकास और बच्चों के सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए पहले से भी अधिक समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित हुई हूँ।"यह सम्मान न केवल डोभी प्रखंड बल्कि पूरे गया जिले के शिक्षा जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है, जो अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा।
शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शिक्षक दिवस पर डोभी प्रखण्ड के मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका को पटना में राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया शनिवार के दिन शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान, गया जिले के डोभी प्रखण्ड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रतिभावान शिक्षिका गुड्डी कुमारी को 'राजकीय शिक्षक सम्मान 2026' से नवाजा गया। इस दौरान शिक्षिका ने कार्यक्रम के दौरान शनिवार की दोपहर तीन बजे बताई कि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सौंपकर सम्मानित किया। इस राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी एवं श्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित बिहार के डीजीपी श्री विनय कुमार जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। गुड्डी कुमारी वर्तमान में गया जिले के डोभी प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बहेराडीह में प्रभारी प्रधानाध्यापिका के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्हें यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट नवाचार, आधुनिक एवं सुरुचिपूर्ण शिक्षण शैली, तथा स्कूली बच्चों के सर्वांगीण मानसिक व शारीरिक विकास के लिए लगातार किए जा रहे असाधारण प्रयासों के लिए दिया गया है। पुरस्कार के स्वरूप उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न (मोमेंटो), अंग वस्त्र
और ₹30,000 की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। इस विशेष उपलब्धि के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों और विभाग के अधिकारियों ने उनके काम की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। सम्मान प्राप्ति के बाद गुड्डी कुमारी का वक्तव्य राजकीय सम्मान से विभूषित होने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापिका गुड्डी कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:"इस सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार को पाकर मैं बेहद गौरवान्वित और आनंदित महसूस कर रही हूँ। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि इस पुरस्कार को पाने में पूर्ण मार्गदर्शन दे रहे, अलख देव मध्य विद्यालय गुरारू के प्रधानाध्यापक अक्षय कुमार एवं इंटर विद्यालय ऑंती कादिरगंज के शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा साथ ही कृष्ण मुरारी गुप्ता जिला शिक्षा पदाधिकारी गया, अमल किशोर अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डोभी, बृजमोहन ठाकुर प्रखंड डोभी सभी का भरपूर सहयोग मिला। यह सम्मान उन सभी प्यारे बच्चों और सहकर्मियों का है जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। इस पुरस्कार ने मुझमें एक नई ऊर्जा का संचार किया है। अब मैं अपने विद्यालय के विकास और बच्चों के सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए पहले से भी अधिक समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित हुई हूँ।"यह सम्मान न केवल डोभी प्रखंड बल्कि पूरे गया जिले के शिक्षा जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है, जो अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा।
- मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए... मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए...1
- करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय किशोर की मौत, सड़क जाम करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय किशोर की मौत, सड़क जाम कोंची थाना क्षेत्र के बड़गांव में रविवार को खेत में पानी देखने जाने के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। मृतक की पहचान बड़गांव निवासी सुबोध कुमार के पुत्र इंद्रजीत कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि, इंद्रजीत कुमार खेत में पानी देखने के लिए गया था। इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर टिकारी-कुर्था मार्ग को कैलाशपुर के पास जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कराने की मांग की। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। थानाध्यक्ष आलोक रंजन ने मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।1
- रफीगंज में नगर पंचायत ने चलाया शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान रफीगंज नगर पंचायत द्वारा शनिवार को सड़क जाम की समस्या को देखते हुए शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान थाना के समीप से शुरू होकर हॉस्पिटल रोड होते हुए हाजीपुर तक चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। शनिवार रात्रि 8 बजे अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पूर्व 3 सितंबर को नगर पंचायत कार्यालय द्वारा नोटिस जारी की गई थी और 4 सितंबर को माइकिंग के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी गई थी। इस मौके पर नगर पंचायत कनिय अभियंता विजय प्रताप सिंह, कार्यपालक सहायक रोहित रंजन, सफाई पर्यवेक्षक मिथलेश कुमार, अशोक कुमार मेहता, जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे1
- स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर सवाल! क्या कानून सबके लिए बराबर है? दोहरी नीति क्यों?1
- शिक्षक दिवस पर चरकावां निचली डीह में गूंजा सांस्कृतिक रंग, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने किया उद्घाटन रफीगंज गया रोड स्थित चरकावां निचली डीह के साइंटिस्ट इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार दोपहर शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित एवं केक काटकर किया। यह आयोजन महान शिक्षाविद् एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि भोला चौधरी, सरपंच दयानंद प्रसाद दांगी, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार पासवान, विधायक प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा, विनय कुमार सिंह एवं विद्यालय के प्रिंसिपल अमित कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार सिंह का अंगवस्त्र, माला एवं गुलदस्ता भेंटकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक हमारे जीवन के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों को अनुशासन, संस्कार, सभ्यता और जीवन में आगे बढ़ने की सीख भी देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। विधायक ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने औरंगाबाद जिले, बिहार एवं पूरे देश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। विधायक ने छात्राओं को सम्मानित किया।कार्यक्रम में विकास यादव, अशोक मेहता, सुधीर कुमार चंद्रवंशी, शिक्षक अभिषेक कुमार, संजीत कुमार ,राहुल कुमार, नवजीत कुमार ,शिक्षिका कुसुम कुमारी कुमकुम कुमारी, कोमल कुमारी, खुशबू कुमारी, सपना कुमारी सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। हैशटैग: #TeacherDay #TeachersDay2026 #शिक्षकदिवस #सर्वपल्ली_राधाकृष्णन #RafiGanj #रफीगंज #चरकावां #Aurangabad #औरंगाबाद #CulturalProgram #सांस्कृतिक_कार्यक्रम #PramodKumarSingh #विधायक_प्रमोद_कुमार_सिंह #ScientistInternationalSchool #BiharNews #BharatCrimeLiveNews #EducationNews #TeachersDayCelebration1
- औरंगाबाद | 05 सितंबर 2026 सेवा भास्कर न्यूज राहुल गांधी पर SC-ST मामले में हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का विरोध, रमेश चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन औरंगाबाद | 05 सितंबर 2026 सेवा भास्कर न्यूज राहुल गांधी पर SC-ST मामले में हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का विरोध, रमेश चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन औरंगाबाद शहर के रमेश चौक पर शनिवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े SC-ST मामले में हुए केस को लेकर किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। पुतला दहन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए रमेश चौक पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।1
- Utkarsh International school Kujapi Gaya Bihar Nursary Class Activities1
- *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं. *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.1
- दो दिनों बाद SDRF टीम ने खोज निकाला वृद्ध का शव, मचा हड़कंप मदनपुर थाना क्षेत्र के पिपरौरा गांव में शुक्रवार से लापता 65 वर्षीय वृद्ध नरेश प्रसाद सिंह का शव शनिवार को दो दिनों की तलाश के बाद SDRF टीम ने आहर से बरामद कर लिया। शव डोंगरा छठ घाट के समीप मिलने की सूचना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। घटना से पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि नरेश प्रसाद सिंह शुक्रवार को पशुओं को लेकर आहर की ओर गए थे। गांव के अन्य लोग भी पशुओं के साथ वहां पहुंचे थे और सभी लोग शाम तक अपने घर लौट गए, लेकिन नरेश प्रसाद सिंह घर नहीं पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने उन्हें नदी पार करते हुए देखा था। आशंका जताई जा रही है कि तेज धार में पैर फिसलने या बहाव की चपेट में आने से वे पानी में बह गए। घटना की जानकारी पिपरौरा पंचायत के पूर्व मुखिया दयानंद कुशवाहा ने डीएम, एसपी और सीओ मो. अकबर हुसैन को दी। सूचना मिलते ही सीओ मो. अकबर हुसैन SDRF टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने जाल डालकर तथा गोताखोरों की मदद से लगातार तलाश अभियान चलाया। शनिवार को डोंगरा छठ घाट के पास शव बरामद कर लिया गया। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। विधायक ने सरकार से मिलने वाले मुआवजे की राशि दिलाने का आश्वासन भी दिया। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं सीओ मो. अकबर हुसैन ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के राहत कोष से चार लाख रुपये मुआवजे के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा। #Madanpur #Pipraura #SDRF #SDRFRescue #Aurangabad #AurangabadNews #मदनपुर #पिपरौरा #नरेशप्रसादसिंह #आहर #डूबनेकीघटना #RescueOperation #BreakingNews #BiharNews #LocalNews #PramodKumarSingh #विधायकप्रमोदकुमारसिंह #BharatCrimeLiveNews #BiharPolice #HainTaiyarHum1