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मध्यप्रदेश के कालापीपल में पार्वती नदी में अवैध रेत खनन की शिकायत पर जांच करने पहुँची खनिज विभाग की टीम पर कथित रेत माफियाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान माफियाओं ने टीम पर पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह घटना प्रशासन के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि क्या अवैध खनन के खिलाफ और अधिक सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
Anil Sharma
मध्यप्रदेश के कालापीपल में पार्वती नदी में अवैध रेत खनन की शिकायत पर जांच करने पहुँची खनिज विभाग की टीम पर कथित रेत माफियाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान माफियाओं ने टीम पर पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह घटना प्रशासन के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि क्या अवैध खनन के खिलाफ और अधिक सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भोपाल टाकीज़ पर लगने वाले रविवार बाज़ार पर नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम अमले के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। बताया गया है कि यह बाज़ार काफी समय से लगता आ रहा था, जहाँ गरीब ठेले वाले, फल विक्रेता और पुराने कपड़े का कारोबार करने वाले दुकानदार अपना व्यवसाय करते थे। कार्रवाई के दौरान इन दुकानदारों का सामान भी जब्त कर लिया गया।3
- वाटर पार्क में नहाने के दौरान गोता लगाते समय भैंसवा के एक युवक के सिर में गंभीर चोट लग गई। उसे तुरंत इलाज के लिए इंदौर ले जाया गया, लेकिन दुखद रूप से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि वे कहीं भी जाते समय सावधानी बरतें और सार्थक रहें।1
- भोपाल में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम को बदलने के मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इस खबर की रिपोर्ट एम न्यूज एक्सप्रेस के रिपोर्टर फैसल खान ने भोपाल से दी है।1
- बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में आए दिन पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या पर न तो दरोगा और न ही सफाई कर्मचारी विशेष ध्यान देते हैं। शिकायत करने पर ये लोग अकड़ कर बात करते हैं और कहते हैं कि पहले शिकायत कर लो, उसके बाद ही सफाई की जाएगी। बताया गया है कि यह पानी पीछे एक नाले में जाता है, जो आगे चलकर कैची से मिलता है, लेकिन प्रॉपर सफाई न होने के कारण गली में लगातार जलभराव बना रहता है। इसके अतिरिक्त, नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में झुग्गी लाइन वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण से भी यह परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोग इस साफ-सफाई की समस्या का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।1
- भोपाल स्थित नाबार्ड में एक विशाल आम महौत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आम प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।4
- भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विधायकों के साथ चर्चा करेंगे। भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है।1
- मंडला जिले के बम्हनी बंजर थाना क्षेत्र के जहरमऊ गांव में बिजली के एक पोल में करंट लगने से एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि उन्होंने गांव के कई बिजली के पोलों में करंट आने की शिकायतें पहले भी की थीं, लेकिन बिजली विभाग ने इन चेतावनियों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ। ग्रामीणों ने इस लापरवाही के जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।1
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैंसर के संबंध में एक बयान दिया है। इस बयान में उन्होंने क्या कहा, इसकी पूरी जानकारी देखने का आग्रह किया गया है।1
- शनिवार को भोपाल में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में जिंसी चौकी, जहांगीराबाद से लिली टॉकीज़ तक एक पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों की पहचान और उनकी विरासत से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि नाम बदलने की राजनीति बंद की जाए और इसके बजाय सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की शिक्षा, रोजगार के अवसरों और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर सामी मसूद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रदेश की कई यूनिवर्सिटियों में ऐसे व्यक्तियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया है, जो छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय नाम बदलने की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों का मूल उद्देश्य बेहतर शिक्षा और शोध को प्रोत्साहन देना है, लेकिन मौजूदा स्थिति में पढ़ाई-लिखाई से संबंधित आवश्यक मुद्दों की उपेक्षा की जा रही है। मार्च में शामिल सभी लोगों ने सामूहिक रूप से मांग की कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखा जाए। साथ ही, उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भी अपील की।1