बगीचे में विराजमान होकर राजाधिराज ने भक्तों संग खेली होली मथुरा टेसू के रंगों और रसिया गायन से सराबोर हुआ मंदिर द्वारकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज दोपहर ठाकुर जी ने अपने भक्तों के साथ मंदिर के जगमोहन में बने भव्य बगीचे में होली खेली। इस अवसर पर ठाकुर जी की छटा अत्यंत मनमोहक लग रही थी। देश-विदेश से आए श्रद्धालु ठाकुर जी के प्रसादी अबीर-गुलाल, चोवा, चंदन और टेसू के शुद्ध फूलों से बनी केसरिया होली का आनंद ले रहे थे। मंदिर के मुखिया जी के माध्यम से पिचकारियों से भक्तों पर रंग वर्षा की गई। उत्सव के दौरान ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के गायकों द्वारा निरंतर डेढ़ घंटे तक ठाकुर जी को 'सुप्रसिध्द रसिया सुनाए गए। इसमें "ऐसी होरी में लग जाए आग री" और "कैसो चटक रंग डारो" जैसे पारंपरिक रसिया गायन ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। विशेष होली के उपरांत मंदिर में सेवा कार्य चलता रहा। सायंकाल 4:30 से 5:00 बजे तक शयन के दर्शन हुए, जिसके पश्चात शाम 5:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। कल प्रातःकाल के सभी दर्शन नियमानुसार होंगे। साथ ही, कल भी प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक ठाकुर जी मंदिर में भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
बगीचे में विराजमान होकर राजाधिराज ने भक्तों संग खेली होली मथुरा टेसू के रंगों और रसिया गायन से सराबोर हुआ मंदिर द्वारकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज दोपहर ठाकुर जी ने अपने भक्तों के साथ मंदिर के जगमोहन में बने भव्य बगीचे में होली खेली। इस अवसर पर ठाकुर जी की छटा अत्यंत मनमोहक लग रही थी। देश-विदेश से आए श्रद्धालु ठाकुर जी
के प्रसादी अबीर-गुलाल, चोवा, चंदन और टेसू के शुद्ध फूलों से बनी केसरिया होली का आनंद ले रहे थे। मंदिर के मुखिया जी के माध्यम से पिचकारियों से भक्तों पर रंग वर्षा की गई। उत्सव के दौरान ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के गायकों द्वारा निरंतर डेढ़ घंटे तक ठाकुर जी को 'सुप्रसिध्द रसिया सुनाए गए। इसमें "ऐसी होरी में लग जाए आग री" और "कैसो चटक रंग डारो"
जैसे पारंपरिक रसिया गायन ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। विशेष होली के उपरांत मंदिर में सेवा कार्य चलता रहा। सायंकाल 4:30 से 5:00 बजे तक शयन के दर्शन हुए, जिसके पश्चात शाम 5:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। कल प्रातःकाल के सभी दर्शन नियमानुसार होंगे। साथ ही, कल भी प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक ठाकुर जी मंदिर में भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
- मथुरा टेसू के रंगों और रसिया गायन से सराबोर हुआ मंदिर द्वारकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज दोपहर ठाकुर जी ने अपने भक्तों के साथ मंदिर के जगमोहन में बने भव्य बगीचे में होली खेली। इस अवसर पर ठाकुर जी की छटा अत्यंत मनमोहक लग रही थी। देश-विदेश से आए श्रद्धालु ठाकुर जी के प्रसादी अबीर-गुलाल, चोवा, चंदन और टेसू के शुद्ध फूलों से बनी केसरिया होली का आनंद ले रहे थे। मंदिर के मुखिया जी के माध्यम से पिचकारियों से भक्तों पर रंग वर्षा की गई। उत्सव के दौरान ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के गायकों द्वारा निरंतर डेढ़ घंटे तक ठाकुर जी को 'सुप्रसिध्द रसिया सुनाए गए। इसमें "ऐसी होरी में लग जाए आग री" और "कैसो चटक रंग डारो" जैसे पारंपरिक रसिया गायन ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। विशेष होली के उपरांत मंदिर में सेवा कार्य चलता रहा। सायंकाल 4:30 से 5:00 बजे तक शयन के दर्शन हुए, जिसके पश्चात शाम 5:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। कल प्रातःकाल के सभी दर्शन नियमानुसार होंगे। साथ ही, कल भी प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक ठाकुर जी मंदिर में भक्तों के साथ होली खेलेंगे।3
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- Post by INDIA CIRCLE NEWS1
- Post by राहुल गौड़ पत्रकार2
- ब्रज नगरी में करने वाले होली महोत्सव के तहत गोकुल की छड़ी मार होली का अपना विशेष महत्व है जिसको देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा का उत्साह के साथ बाल स्वरूप श्री कृष्ण के साथ आनंद लेते हैं छड़ी मार होली का1
- Post by Vinay_creator1121
- Post by Subhash Chand3
- खाना माखन स्कूल के मालिक द्वारा बोला गया है कि बच्चे मरे नहीं है इस तरह की जानकारी सूत्र के हिसाब से मिली है1