कोटा शहर की दादाबाड़ी थाना पुलिस ने एटीएम से छेड़छाड़ कर नकदी चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी हरियाणा के पलवल के रहने वाले हैं और इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद तैयार की गई एक चिपनुमा डिवाइस बनाई थी, जिसे पुराने एटीएम की कैश डिस्पेंसर स्लॉट में इस तरह फिट कर देते थे कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती थी। जब कोई ग्राहक एटीएम से पैसे निकालने आता, तो ट्रांजैक्शन सफल हो जाता लेकिन नकदी बाहर नहीं निकलती। ग्राहक मशीन खराब समझकर वहां से चला जाता और बाद में आरोपी डिवाइस हटाकर वही रकम निकाल लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रांजेक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रभारी महेश शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई। गणेश तालाब बसंत विहार और बालाकुंड स्थित एसबीआई एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी पहले एटीएम से छेड़छाड़ करता और बाद में पेचकश की मदद से मशीन खोलकर नकदी निकालता दिखाई दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए दादाबाड़ी थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर की सूचना के आधार पर भितरिया कुंड के पास से दोनों आरोपियों मुनफेद और समीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एटीएम से छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाला पेचकश, पट्टीनुमा औजार, चिपनुमा डिवाइस और चोरी की गई ₹9,300 की नकदी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने कोटा में 5 से 7 वारदातों को अंजाम दिया है। गुमानपुरा क्षेत्र की एक घटना भी उन्होंने कबूल की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने करीब ₹1.5 लाख की ठगी करना स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल के अंदर ही उन्होंने इस चिपनुमा डिवाइस को बनाना सीखा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कोटा के अलावा किन-किन शहरों में सक्रिय रहे, कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। साथ ही दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों की भी गहन जांच की जा रही है।
कोटा शहर की दादाबाड़ी थाना पुलिस ने एटीएम से छेड़छाड़ कर नकदी चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी हरियाणा के पलवल के रहने वाले हैं और इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद तैयार की गई एक चिपनुमा डिवाइस बनाई थी, जिसे पुराने एटीएम की कैश डिस्पेंसर स्लॉट में इस तरह फिट कर देते थे कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती थी। जब कोई ग्राहक एटीएम से पैसे निकालने आता, तो ट्रांजैक्शन सफल हो जाता लेकिन नकदी बाहर नहीं निकलती। ग्राहक मशीन खराब समझकर वहां से चला जाता और बाद में आरोपी डिवाइस हटाकर वही रकम निकाल लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रांजेक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रभारी महेश शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई। गणेश तालाब बसंत विहार और बालाकुंड स्थित एसबीआई एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी पहले एटीएम से छेड़छाड़ करता और बाद में पेचकश की मदद से मशीन खोलकर नकदी निकालता दिखाई दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए दादाबाड़ी थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर की सूचना के आधार पर भितरिया कुंड के पास से दोनों आरोपियों मुनफेद और समीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एटीएम से छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाला पेचकश, पट्टीनुमा औजार, चिपनुमा डिवाइस और चोरी की गई ₹9,300 की नकदी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने कोटा में 5 से 7 वारदातों को अंजाम दिया है। गुमानपुरा क्षेत्र की एक घटना भी उन्होंने कबूल की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने करीब ₹1.5 लाख की ठगी करना स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल के अंदर ही उन्होंने इस चिपनुमा डिवाइस को बनाना सीखा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कोटा के अलावा किन-किन शहरों में सक्रिय रहे, कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। साथ ही दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों की भी गहन जांच की जा रही है।
- जयपुर-जोधपुर के बाद अब कोटा में बनेगा तीसरा बड़ा स्टेडियम, 135 करोड़ रुपए होंगे खर्च, रणजी से लेकर IPL मैचों की होगी मेजबानी राजस्थान में क्रिकेट सुविधाओं का विस्तार करते हुए जयपुर और जोधपुर के बाद अब कोटा में तीसरे बड़े स्टेडियम का निर्माण होगा। करीब 135 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह आधुनिक स्टेडियम रणजी ट्रॉफी समेत भविष्य में आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए तैयार किया जाएगा।1
- आजम खान की वजह से सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही यूपी: रामपुर: आजम खान की वजह से सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है: अजय राय जौहर यूनिवर्सिटी पर होने वाली बुलडोजर कार्यवाही पर फिलहाल रोक: कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच कर धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी...1
- कोटा ग्रामीण पुलिस के ऑपरेशन क्रिमीनल डस्टिंग के तहत साइबर सेल और रामगंजमंडी थाना पुलिस ने जानलेवा हमले के मामले में फरार ₹15 हजार के इनामी हार्डकोर अपराधी प्रभाकर उर्फ जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और कई जिलों में ठिकाने बदल रहा था। तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रायपुर (झालावाड़ रोड) से उसे दबोच लिया। प्रभाकर उर्फ जितेंद्र पर जानलेवा हमले का आरोप था और वह काफी समय से फरार चल रहा था। वह कई जिलों में अपना ठिकाना बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी मुश्किल हो रही थी। कोटा ग्रामीण पुलिस की साइबर सेल और रामगंजमंडी थाना पुलिस ने मिलकर तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे रायपुर (झालावाड़ रोड) से गिरफ्तार किया।1
- कोटा विकास प्राधिकरण की सातवीं मीटिंग संपन्न हो गई है। इस मीटिंग में सेल परमिशन को लेकर चर्चा की गई। मीटिंग में लिए गए निर्णयों और चर्चाओं का विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- कोटा, राजस्थान में समाजसेवी हिम्मत सिंह ने रविवार को कोटा कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पिछले 525 दिनों से न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे जेके अराफात फैक्ट्री के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आंदोलनरत कर्मचारियों, विशेषकर बुजुर्ग साथियों की पीड़ा को गंभीर बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी नागरिक को न्याय के लिए इतने लंबे समय तक संघर्ष करने के लिए मजबूर होना चिंता का विषय है। हिम्मत सिंह ने कहा कि ये कर्मचारी किसी प्रकार का एहसान नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों और मेहनतकश लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है। आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी आवाज़ को दबने नहीं दिया जाएगा और न्याय मिलने तक उनके संघर्ष के साथ खड़े रहेंगे। हिम्मत सिंह ने जिला प्रशासन, संबंधित पक्षों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि मामले को संवेदनशीलता एवं निष्पक्षता के साथ देखते हुए शीघ्र समाधान निकाला जाए, ताकि प्रभावित कर्मचारियों को न्याय मिल सके। उन्होंने कोटा की जनता से भी इस आंदोलन के प्रति संवेदनशील रहने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक फैक्ट्री या कुछ कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था की परीक्षा है। जब बुजुर्ग न्याय की उम्मीद में सड़कों पर बैठे हों, तब समाज का मौन भी कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से न्याय, सम्मान और इंसानियत की इस लड़ाई में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि जब जनता जागती है, तब व्यवस्था को भी सुनना पड़ता है। अंत में उन्होंने कहा, 'मेरी आवाज़, इन बुजुर्ग साथियों की आवाज़ है। उनका संघर्ष, हम सबका संघर्ष है। आइए, न्याय की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों।'1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में घोषणा की कि स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए बधाई दी जानी चाहिए। बिरला ने बताया कि सुश्री मीराबाई चानू ने वेट-लिफ्टिंग की 48 किलो ग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। इसी प्रतियोगिता में श्री ऋषिकांत सिंह चनम-बम और श्री राजा मुथु-पान्डी ने रजत पदक हासिल किया है। इसके अलावा, पैरा पॉवर लिफ्टर श्री झंडु कुमार ने कांस्य पदक जीतकर देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। sदन की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों, उनके कोच और टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।1
- कोटा शहर की दादाबाड़ी थाना पुलिस ने एटीएम से छेड़छाड़ कर नकदी चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी हरियाणा के पलवल के रहने वाले हैं और इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद तैयार की गई एक चिपनुमा डिवाइस बनाई थी, जिसे पुराने एटीएम की कैश डिस्पेंसर स्लॉट में इस तरह फिट कर देते थे कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती थी। जब कोई ग्राहक एटीएम से पैसे निकालने आता, तो ट्रांजैक्शन सफल हो जाता लेकिन नकदी बाहर नहीं निकलती। ग्राहक मशीन खराब समझकर वहां से चला जाता और बाद में आरोपी डिवाइस हटाकर वही रकम निकाल लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रांजेक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रभारी महेश शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई। गणेश तालाब बसंत विहार और बालाकुंड स्थित एसबीआई एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी पहले एटीएम से छेड़छाड़ करता और बाद में पेचकश की मदद से मशीन खोलकर नकदी निकालता दिखाई दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए दादाबाड़ी थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर की सूचना के आधार पर भितरिया कुंड के पास से दोनों आरोपियों मुनफेद और समीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एटीएम से छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाला पेचकश, पट्टीनुमा औजार, चिपनुमा डिवाइस और चोरी की गई ₹9,300 की नकदी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने कोटा में 5 से 7 वारदातों को अंजाम दिया है। गुमानपुरा क्षेत्र की एक घटना भी उन्होंने कबूल की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने करीब ₹1.5 लाख की ठगी करना स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल के अंदर ही उन्होंने इस चिपनुमा डिवाइस को बनाना सीखा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कोटा के अलावा किन-किन शहरों में सक्रिय रहे, कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। साथ ही दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों की भी गहन जांच की जा रही है।1
- असम में भयंकर बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ का प्रभाव इतना खतरनाक रूप ले चुका है कि वहां आम लोगों के रहने और सामान्य जीवन जीने पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इस तबाही में इंसानों के साथ-साथ वन्य जीव, पशु और पक्षी भी प्रभावित हुए हैं। संकट के इस समय में असम के लिए प्रार्थना करने की अपील की जा रही है, ताकि प्रकृति वहां के लोगों पर और ज्यादा कहर न बरसाए।1