मौसम की पहली बारिश किसानों के चेहरों पर खुशी का माहौल लोगों में जमी आगामी फसल की उम्मीद सीजन की पहली बारिश बामनवास में सीजन की पहली तेज चालू क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर आई खुशी बारिश होने के बाद किसानों को जागी फसल की उम्मीद अच्छी फसल होने का लगाया गया अनुमान बारिश के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में वाहनों, घरों, खेतों और झाड़ियों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जनहित में अपील: बारिश के मौसम में वाहन चलाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें। खेतों, बगीचों, झाड़ियों और पानी भरे स्थानों पर जाते समय सतर्क रहें। बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी सर्प के पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। आवश्यकता पड़ने पर वन विभाग या सर्प विशेषज्ञ की सहायता लें। पुराने मकान के आसपास ना जाय सतर्कता से सावधानी से रहे आज सुबह से ही रिमझिम कभी तेज बारिश हो रही है मौसम खुशनुमा है सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
मौसम की पहली बारिश किसानों के चेहरों पर खुशी का माहौल लोगों में जमी आगामी फसल की उम्मीद सीजन की पहली बारिश बामनवास में सीजन की पहली तेज चालू क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर आई खुशी बारिश होने के बाद किसानों को जागी फसल की उम्मीद अच्छी फसल होने का लगाया गया अनुमान बारिश के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में वाहनों, घरों, खेतों और झाड़ियों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जनहित में अपील: बारिश के मौसम में वाहन चलाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें। खेतों, बगीचों, झाड़ियों और पानी भरे स्थानों पर जाते समय सतर्क रहें। बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी सर्प के पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। आवश्यकता पड़ने पर वन विभाग या सर्प विशेषज्ञ की सहायता लें। पुराने मकान के आसपास ना जाय सतर्कता से सावधानी से रहे आज सुबह से ही रिमझिम कभी तेज बारिश हो रही है मौसम खुशनुमा है सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।
- मौसम की पहली बारिश किसानों के चेहरों पर खुशी का माहौल लोगों में जमी आगामी फसल की उम्मीद सीजन की पहली बारिश बामनवास में सीजन की पहली तेज चालू क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर आई खुशी बारिश होने के बाद किसानों को जागी फसल की उम्मीद अच्छी फसल होने का लगाया गया अनुमान बारिश के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में वाहनों, घरों, खेतों और झाड़ियों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जनहित में अपील: बारिश के मौसम में वाहन चलाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें। खेतों, बगीचों, झाड़ियों और पानी भरे स्थानों पर जाते समय सतर्क रहें। बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी सर्प के पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें। आवश्यकता पड़ने पर वन विभाग या सर्प विशेषज्ञ की सहायता लें। पुराने मकान के आसपास ना जाय सतर्कता से सावधानी से रहे आज सुबह से ही रिमझिम कभी तेज बारिश हो रही है मौसम खुशनुमा है सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।1
- हिंडौन सिटी में झमाझम बारिश से शहर हुआ तरबतर फसलों को मिला नया जीवन किसानों के खिले चेहरे1
- आज हमारे गांव में कितनी सारी बारिश है देखो और देखो कितनी भयंकर फैटरही है आज हमारे गांव में काफी तेज बारिश हो रही है और देखो आज तो सारा तालाब भरने वाला है इतनी भयंकर बारिश हो रही है कुंजेला गांव में1
- अवैध खनन से छलनी हो रही अरावली की छाती: बिनोरी बालाजी और नाउन क्षेत्र में वन व खनिज विभाग साधे बैठे हैं मौन दौसा/सवाई माधोपुर: दौसा और सवाई माधोपुर जिले की सीमा पर फैली हरी-भरी अरावली पर्वत श्रृंखलाएं इन दिनों अवैध खनन माफिया के चंगुल में फंसकर अपने अस्तित्व की अंतिम सांसें गिन रही हैं। बिनोरी बालाजी से लेकर लिवाली जाने वाले मार्ग पर नाउन के समीप और आसपास के पहाड़ी इलाकों में दिन-रात बेधड़क पत्थरों और मोरम का अवैध उत्खनन जारी है। घाव की तरह दिख रही हैं उजाड़ होती पहाड़ियां वर्षों से लगातार हो रहे इस अवैध खनन ने पर्वतों की बनावट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। प्रकृति के सीने पर बने ये गहरे और भयावह खड्ड किसी न मिटने वाले घाव की भांति साफ दिखाई देते हैं। अवैध खननकर्ताओं द्वारा जेसीबी और भारी मशीनों से मोरम व पत्थर निकाले जाने से क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बुरी तरह बिगड़ने लगा है। प्रशासनिक अनदेखी: विभागों की ढिलाई यह पूरा पहाड़ी क्षेत्र लालसोट (दौसा) और बामनवास (सवाई माधोपुर) तहसील की सीमाओं के अंतर्गत आता है। हालांकि मुख्य वन क्षेत्र होने के कारण इसे सुरक्षित रखने का प्राथमिक दायित्व वन विभाग का है, वहीं खनन गतिविधियों पर नियंत्रण रखना खनिज विभाग की जिम्मेदारी है। परंतु दोनों ही विभाग अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े बैठे हैं। वृक्षारोपण में विफलता: वन विभाग नए पौधे लगाने में तो असफल साबित हो ही रहा है, बल्कि जो प्राकृतिक पेड़-पौधे सदियों से खड़े हैं, उनकी रक्षा करने में भी पूरी तरह नाकाम दिख रहा है। निरीक्षण का अभाव: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वन विभाग और खनिज विभाग के उच्च अधिकारी कभी इन दुर्गम क्षेत्रों का दौरा तक नहीं करते, जिससे खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो अरावली पर्वत श्रृंखला का यह हरा-भरा और मनोरम हिस्सा हमेशा के लिए नक्शे से गायब हो जाएगा। पर्यावरण प्रेमियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बिनोरी बालाजी और नाउन क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई कर अरावली के अस्तित्व को बचाया जाए।1
- मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना स्टेशन क्षेत्र में गुरुवार सुबह 9:00 बजे से 2:30 बजे तक पहली बार 5 घंटे जमकर बरसीं बारिश किसने की जगी उम्मीद खिले चेहरे मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना स्टेशन क्षेत्र में गुरुवार सुबह 9:00 बजे से 2:30 बजे तक पहली बार 5 घंटे जमकर बरसीं बारिश किसने की जगी उम्मीद खिले चेहरे मलारना स्टेशन क्षेत्र के दर्जनों गांव में आज गुरुवार सुबह 9:00 बजे से ही ढाई बजे तक लगातार 5 घंटे जमकर बरसी बारिश जिससे किसानों की उम्मीद एक बार फिर जागी है क्षेत्र में कई दिनों पहले हुई हल्की-फुल्की बारिश में ही किसानों ने अपनी फसल की बुवाई कर दी थी लेकिन उसके बाद बारिश नहीं होने के कारण किसान उदास दिखा और लगातार लोग किसान अपनी अपनी फसलों को हुआ ट्यूबवेल और मोटरों से पानी पिलाने का काम कर रही थे ऐसे में बुधवार शाम को भी लगातार एक डेढ़ घंटे जमकर बारिश के बाद आज गुरुवार को सुबह 9:00 बजे से ही लगातार बारिश का दौर जारी रहा जिससे किसानों के द्वारा बुवाई की गई ज्वार बाजरा मूंग मक्का उड़द की फसलों को पानी मिला और किसने की उम्मीद एक बार फिर जागी लोगों के चेहरे मिलते हुए नजर आए1
- सवाई माधोपुर चौथ का बरवाड़ा में अवैध बजरी पर पुलिस का बड़ा शिकंजा पांच ट्रैक्टर ट्रालिया जव्त पांच मामले दर्ज1
- **सवाई माधोपुर: बजटीय स्वीकृति और जमीन आवंटन के बाद भी नहीं बना श्मशान घाट, बारिश के बीच चद्दर तानकर अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण** # **सवाई माधोपुर: बजटीय स्वीकृति और जमीन आवंटन के बाद भी नहीं बना श्मशान घाट, बारिश के बीच चद्दर तानकर अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण** **सवाई माधोपुर / (खेड़ा वाढ रामगढ़):** प्रशासनिक उपेक्षा और स्थानीय प्रतिनिधियों की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला सवाई माधोपुर की तहसील पिलौदा क्षेत्र के **गांव जैतपुर ढाणी (तालवृक्ष, प्रजापति मोहल्ला)** में श्मशान घाट की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में गांव में एक बुजुर्ग (बाबा) का निधन हो गया, लेकिन गांव में श्मशान घाट पर कोई टीन शेड या पक्की व्यवस्था न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को तेज बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश से चिता को बचाने के लिए ग्रामीणों को अस्थायी रूप से सीमेंट/टीन की चद्दरें तानकर किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। ### **₹4.60 लाख का बजट स्वीकृत, फिर भी कार्य अधर में** ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण के लिए 10 बिघा/अंक भूमि का आवंटन (वर्ष 2022) हो चुका है और इसके निर्माण के लिए **₹4,60,000 की राशि का बजट भी स्वीकृत** हो चुका है। पटवारी द्वारा जमीन की तीन बार नपाई (पैमाइश) भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। ### **कर्मचारियों और प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार का आरोप** आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच, सचिव और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी बार-बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत बजट का दुरुपयोग किया गया है और संबंधित कर्मचारियों व प्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य को दबा दिया गया है। ### **प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग** ग्रामीणों ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि: 1. श्मशान घाट के स्वीकृत बजट और अब तक हुए कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. श्मशान घाट की **चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) और टीन शेड (Tinshed)** का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से पूरा कराया जाए ताकि बारिश के मौसम में आगे किसी परिवार को इस तरह अपमानजनक और कष्टदायक स्थिति का सामना न करना पड़े।1