मुरैना जिले के पोरसा में स्थित शासकीय महाविद्यालय अपनी स्थापना के चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के भारी अभाव से जूझ रहा है। वर्ष 1984 में स्थापित इस संस्थान में आज तक स्नातकोत्तर स्तर पर एमए और एमएससी की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय विद्यार्थियों को दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बोझ बढ़ता है और कई छात्र-छात्राओं की शिक्षा बीच में ही बाधित हो रही है। कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति भी काफी बदहाल है। वर्ष 2005 में ग्राम धनेटा में स्थानांतरित हुए इस महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्का मार्ग उपलब्ध नहीं है। मुख्य मार्ग से कॉलेज तक जाने के लिए छात्र और स्टाफ बम्बा के किनारे बने कच्चे रास्ते का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो जगह-जगह गहरे गड्ढों में बदल चुका है। बरसात के दौरान कीचड़ और जलभराव के कारण यह रास्ता आवागमन के लिए बेहद जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से चली आ रही इस उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए शासन और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रों और नागरिकों का कहना है कि बम्बा के किनारे पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए और महाविद्यालय में एमए एवं एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि युवाओं को अपने ही नगर में उच्च शिक्षा के सुलभ अवसर मिल सकें।
मुरैना जिले के पोरसा में स्थित शासकीय महाविद्यालय अपनी स्थापना के चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के भारी अभाव से जूझ रहा है। वर्ष 1984 में स्थापित इस संस्थान में आज तक स्नातकोत्तर स्तर पर एमए और एमएससी की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय विद्यार्थियों को
दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बोझ बढ़ता है और कई छात्र-छात्राओं की शिक्षा बीच में ही बाधित हो रही है। कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति भी काफी बदहाल है। वर्ष 2005 में ग्राम धनेटा में स्थानांतरित हुए इस महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्का मार्ग उपलब्ध नहीं
है। मुख्य मार्ग से कॉलेज तक जाने के लिए छात्र और स्टाफ बम्बा के किनारे बने कच्चे रास्ते का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो जगह-जगह गहरे गड्ढों में बदल चुका है। बरसात के दौरान कीचड़ और जलभराव के कारण यह रास्ता आवागमन के लिए बेहद जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से चली
आ रही इस उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए शासन और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रों और नागरिकों का कहना है कि बम्बा के किनारे पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए और महाविद्यालय में एमए एवं एमएससी की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि युवाओं को अपने ही नगर में उच्च शिक्षा के सुलभ अवसर मिल सकें।
- मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।1
- मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।4
- आगरा के बाह (पिनाहट) क्षेत्र में बासौनी पुलिस पर एक चोर को पकड़ने के बाद रिश्वत लेकर छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। थाना बासौनी क्षेत्र के उमरैठा भराय निवासी पीड़ित ने थाने में तैनात दरोगा विनीत कुमार पर मोटी रकम लेकर चोर को छोड़ने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले की शुरुआत 1 जुलाई को हुई थी, जब पीड़ित के घर से पीतल की परात और अन्य सामान चोरी हो गया था। पीड़ित ने इस संबंध में बासौनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी और बाद में खुद ही आरोपी चोर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके बाद पकड़े गए चोर की निशानदेही पर पिनाहट में नदगवां रोड स्थित चिलर के पास एक कबाड़े की दुकान से चोरी की गई पीतल की परात भी बरामद कर ली गई थी। पीड़ित का आरोप है कि इतनी बरामदगी के बावजूद दरोगा विनीत कुमार ने मोटी रकम लेकर मुख्य चोर और उसके साथ पकड़े गए अन्य चोरों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया। जब पीड़ित ने इस बारे में पूछताछ की, तो दरोगा ने उन्हें गुमराह करते हुए दावा किया कि चोर थाने से भाग गया है। बासौनी पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नाराज पीड़ित अब इस मामले की शिकायत डीसीपी पूर्वी से करने की तैयारी कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बाह में सड़क की कोई सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद ही एक बड़ा फैसला लिया है। सड़क को लेकर कोई सुनवाई न होने से परेशान होकर ग्रामवासियों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और खुद ही इस सड़क को चलने लायक बना दिया।1
- आगरा के फतेहाबाद स्थित एकता गार्डन में बुधवार को समाजवादी पार्टी का एक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में आपसी एकजुटता को बढ़ाना था। इस कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा ने फतेहाबाद नगर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारियों को उनके मनोनयन पत्र सौंपे। नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए जिला अध्यक्ष ने उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने और जनता से सीधा संवाद करने की सलाह दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना ही हमारा मुख्य संकल्प है। इसके लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और घर-घर जाकर अखिलेश यादव के विकास कार्यों व पार्टी की नीतियों को पहुंचाने की अपील की। इस अवसर पर संतोष पाल, मनोज यादव, राजेश शर्मा, महेश सिसोदिया, रूपाली दीक्षित, हेमंत यादव, महेश गुप्ता, मेहताब सिंह गुर्जर, असलम खान, वेद प्रकाश गुप्ता, आशीष शर्मा, सौरभ शर्मा, नीरज चक, विवेक शर्मा, सुनील शर्मा और सुनील नीलम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में वर्ष 2027 में सपा सरकार बनाने का अपना संकल्प दोहराया।1
- आगरा में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने सरकार के खिलाफ "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" का नारा देते हुए कड़ा रुख अपनाया। राम मंदिर चोरी प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस पूरे मामले में की जा रही एसआईटी (SIT) की जांच बेहद नाकाफी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। प्राथमिकी (FIR) में मुख्य लोगों का नाम शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल छोटी मछलियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। पायलट ने उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि जनता के इन तमाम तीखे सवालों का जवाब देने के लिए सरकार को खुद आगे आना चाहिए।1
- आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी बेटे ने अपनी पत्नी के लिए अपनी ही मां की जान लेने की कोशिश की। इस बेरहम बेटे ने अपनी मां को सब्जी में जहर देकर उनकी हत्या करने का प्रयास किया। इस जानलेवा वारदात के बाद पीड़ित मां की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1