मंडला में 15 जून सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां अल सुबह से ही नर्मदा तटों और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। इस दिन सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ उपवास रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह से ही महिलाओं में पूजा-पाठ को लेकर खासा उत्साह नजर आया। अलग-अलग समूहों में एकत्रित होकर महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और भाव के साथ आराधना की। पूजन के दौरान, महिलाओं ने धूप, दीप, रोली, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। विशेष रूप से, उन्होंने सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए आंवला, तुलसी तथा अन्य पवित्र वृक्षों की 108 बार परिक्रमा की और उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर विधि-विधान से पूजा और परिक्रमा करने से जीवन की सभी अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार में सुख-शांति का वास होता है, धन-धान्य की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। इन्हीं कारणों से सुबह से ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा स्थलों पर महिला उपासकों का लगातार तांता लगा रहा।
मंडला में 15 जून सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां अल सुबह से ही नर्मदा तटों और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। इस दिन सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ उपवास रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह से ही महिलाओं में पूजा-पाठ को लेकर खासा उत्साह नजर आया। अलग-अलग समूहों में एकत्रित होकर महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और भाव के साथ आराधना की। पूजन के दौरान, महिलाओं ने धूप, दीप, रोली, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। विशेष रूप से, उन्होंने सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए आंवला, तुलसी तथा अन्य पवित्र वृक्षों की 108 बार परिक्रमा की और उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर विधि-विधान से पूजा और परिक्रमा करने से जीवन की सभी अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार में सुख-शांति का वास होता है, धन-धान्य की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। इन्हीं कारणों से सुबह से ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा स्थलों पर महिला उपासकों का लगातार तांता लगा रहा।
- मंडला में 15 जून सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां अल सुबह से ही नर्मदा तटों और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। इस दिन सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ उपवास रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह से ही महिलाओं में पूजा-पाठ को लेकर खासा उत्साह नजर आया। अलग-अलग समूहों में एकत्रित होकर महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और भाव के साथ आराधना की। पूजन के दौरान, महिलाओं ने धूप, दीप, रोली, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। विशेष रूप से, उन्होंने सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए आंवला, तुलसी तथा अन्य पवित्र वृक्षों की 108 बार परिक्रमा की और उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर विधि-विधान से पूजा और परिक्रमा करने से जीवन की सभी अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार में सुख-शांति का वास होता है, धन-धान्य की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। इन्हीं कारणों से सुबह से ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा स्थलों पर महिला उपासकों का लगातार तांता लगा रहा।1
- मंडला जिले के मालीमोहगांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए हैं। अपनी इस स्थिति के मद्देनजर, बेघर हुए परिवारों ने अब कलेक्टर से मदद और राहत की गुहार लगाई है।1
- कान्हा में जंगल की रक्षा करते हुए एक वन प्रहरी की जान चली गई। बाघ के हमले में वन प्रहरी की जिंदगी थम गई।1
- विश्व विख्यात कान्हा टाइगर रिजर्व में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक बाघ ने एक श्रमिक की जान ले ली है। श्रमिक लखन सिंह बाघ के सामने संघर्ष करते हुए अपनी ज़िंदगी की जंग हार गए। यह घटना इस सवाल को जन्म देती है कि जिसकी सुरक्षा में लखन सिंह लगे थे, आखिर उसी बाघ ने उनकी जान कैसे ले ली?1
- कान्हा टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान हुए बाघ के हमले में एक वनकर्मी की मौत हो गई। वनकर्मी लखन सिंह ने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी शहादत दी, जिससे पूरे कान्हा प्रबंधन में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- घंसौर नगर के बड़ी पुलिया क्षेत्र स्थित रेस्ट हाउस के पीछे, रविवार 14 जून 2026 को राजू यादव के घर में एक जहरीला कोबरा सांप निकलने से हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी कई बार वन विभाग को दी गई, लेकिन उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, लोगों ने तत्काल सर्प मित्र बल्लू नामदेव को सूचना दी। सूचना मिलते ही बल्लू नामदेव तुरंत मौके पर पहुंचे और बेहद सावधानी के साथ कोबरा का सफल रेस्क्यू किया, उसे सुरक्षित पकड़ लिया। सर्प मित्र ने बताया कि पकड़े गए सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा जाएगा। बल्लू नामदेव की इस तत्परता और कुशल कार्यप्रणाली से एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।1
- जबलपुर जिले की ग्राम पंचायत कालादेही में सड़क और नाली निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा बेहद घटिया गुणवत्ता की सड़क बनाई गई है। इसके साथ ही नाली का निर्माण भी खराब तरीके से किया गया है। आरोप लगाया गया है कि इन विकास कार्यों के लिए आवंटित पूरा पैसा कथित तौर पर हड़प लिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप काम की गुणवत्ता बेहद खराब रही है।2
- मध्य प्रदेश के मुरैना में एक दर्दनाक रेल दुर्घटना में चार यात्रियों की मौत हो गई। इन चार मृतकों में तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैली, जिससे घबराकर यात्री चलती ट्रेन से कूद गए। दुर्भाग्यवश, कूदने के बाद वे एक दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी जान चली गई।1