राजस्थान के उदयपुर स्थित जिला परिषद सभागार में आबकारी विभाग की राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने समस्त अधिकारियों को आपसी समन्वय और कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है, इसलिए सर्कलवार और दुकानवार नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। आयुक्त ने समीक्षा में पाया कि कई जिलों में राजस्व लक्ष्य अर्जन और वांछित वृद्धि में अपेक्षित प्रगति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि मदिरा उठाव, नियमित रिव्यू और टीमवर्क से कार्य न करने वाले तथा कोताही बरतने वाले जिला अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। राजस्व अर्जन और बाकियात वसूली में पिछड़े जिलों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत समस्त अतिरिक्त आयुक्त जोन को सर्कलवार और जिला आबकारी अधिकारियों को दुकानवार समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मदिरा उठाव को 120 प्रतिशत करने और कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में बकायादारों की संपत्ति अटैच व कुर्की की कार्रवाई करने को कहा गया है। निरोधात्मक कार्रवाई के प्रति उदासीन जिलों को अवैध मदिरा पर सख्त कार्रवाई करने, गिरफ्तारी व जब्ती बढ़ाने तथा होटल्स, रिसॉर्ट्स और लग्जरी विला में नियमित जांच के निर्देश दिए गए ताकि अन्य राज्यों से तस्करी रोककर राजस्व लीकेज कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त मुखबिर योजना के लंबित प्रकरणों, 12 माह से अधिक अवधि के पेंडिंग मामलों के निस्तारण, राजस्थान संपर्क पोर्टल के प्रकरणों और जब्त वाहनों की नीलामी आगामी 15 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-ग्रास के स्थान पर आरएमएस (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम) लागू करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी के जरिए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि वित्तीय सलाहकार सुनिता विजय सहित प्रदेश भर के जोन, निरोधक दल और ज़िला स्तर के आबकारी अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्थान के उदयपुर स्थित जिला परिषद सभागार में आबकारी विभाग की राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने समस्त अधिकारियों को आपसी समन्वय और कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है, इसलिए सर्कलवार और दुकानवार नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। आयुक्त ने समीक्षा में पाया कि कई जिलों में राजस्व लक्ष्य अर्जन और वांछित वृद्धि में अपेक्षित प्रगति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि मदिरा उठाव, नियमित रिव्यू और टीमवर्क से कार्य न करने वाले तथा कोताही बरतने वाले जिला अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। राजस्व अर्जन और बाकियात वसूली में पिछड़े जिलों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत समस्त अतिरिक्त आयुक्त जोन को सर्कलवार और जिला आबकारी अधिकारियों को दुकानवार समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मदिरा उठाव को 120 प्रतिशत करने और कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में बकायादारों की संपत्ति अटैच व कुर्की की कार्रवाई करने को कहा गया है। निरोधात्मक कार्रवाई के प्रति उदासीन जिलों को अवैध मदिरा पर सख्त कार्रवाई करने, गिरफ्तारी व जब्ती बढ़ाने तथा होटल्स, रिसॉर्ट्स और लग्जरी विला में नियमित जांच के निर्देश दिए गए ताकि अन्य राज्यों से तस्करी रोककर राजस्व लीकेज कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त मुखबिर योजना के लंबित प्रकरणों, 12 माह से अधिक अवधि के पेंडिंग मामलों के निस्तारण, राजस्थान संपर्क पोर्टल के प्रकरणों और जब्त वाहनों की नीलामी आगामी 15 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-ग्रास के स्थान पर आरएमएस (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम) लागू करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी के जरिए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि वित्तीय सलाहकार सुनिता विजय सहित प्रदेश भर के जोन, निरोधक दल और ज़िला स्तर के आबकारी अधिकारी मौजूद रहे।
- राजस्थान के उदयपुर स्थित जिला परिषद सभागार में आबकारी विभाग की राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने समस्त अधिकारियों को आपसी समन्वय और कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है, इसलिए सर्कलवार और दुकानवार नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। आयुक्त ने समीक्षा में पाया कि कई जिलों में राजस्व लक्ष्य अर्जन और वांछित वृद्धि में अपेक्षित प्रगति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि मदिरा उठाव, नियमित रिव्यू और टीमवर्क से कार्य न करने वाले तथा कोताही बरतने वाले जिला अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। राजस्व अर्जन और बाकियात वसूली में पिछड़े जिलों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत समस्त अतिरिक्त आयुक्त जोन को सर्कलवार और जिला आबकारी अधिकारियों को दुकानवार समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मदिरा उठाव को 120 प्रतिशत करने और कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में बकायादारों की संपत्ति अटैच व कुर्की की कार्रवाई करने को कहा गया है। निरोधात्मक कार्रवाई के प्रति उदासीन जिलों को अवैध मदिरा पर सख्त कार्रवाई करने, गिरफ्तारी व जब्ती बढ़ाने तथा होटल्स, रिसॉर्ट्स और लग्जरी विला में नियमित जांच के निर्देश दिए गए ताकि अन्य राज्यों से तस्करी रोककर राजस्व लीकेज कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त मुखबिर योजना के लंबित प्रकरणों, 12 माह से अधिक अवधि के पेंडिंग मामलों के निस्तारण, राजस्थान संपर्क पोर्टल के प्रकरणों और जब्त वाहनों की नीलामी आगामी 15 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-ग्रास के स्थान पर आरएमएस (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम) लागू करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी के जरिए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि वित्तीय सलाहकार सुनिता विजय सहित प्रदेश भर के जोन, निरोधक दल और ज़िला स्तर के आबकारी अधिकारी मौजूद रहे।1
- उदयपुर जिले के विठोली गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सरकारी स्कूल के पिछले गेट की दीवार पर पैंथर बैठा हुआ दिखाई दिया। शुक्रवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीण प्रदीप पालीवाल रात में अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान स्कूल के पिछले गेट की दीवार पर अचानक उन्हें पैंथर बैठा नजर आया। पैंथर को इतने करीब देखकर वह सहम गए और उन्होंने अपनी गाड़ी वहीं रोक ली। पैंथर काफी देर तक दीवार पर जमा रहा, लेकिन गाड़ी की तेज आवाज सुनकर वह जंगल की तरफ भाग निकला, जिसके बाद ग्रामीण ने राहत की सांस ली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पैंथर पिछले कुछ दिनों से आसपास के इलाकों में लगातार सक्रिय है और कई मवेशियों व पालतू पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। आबादी क्षेत्र और स्कूल परिसर के आसपास पैंथर की इस चहलकदमी से बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता पैदा हो गई है। पैंथर की मौजूदगी से फैले खौफ को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।1
- Post by Pratik Audichya1
- राजस्थान के झाड़ोल क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद आवरडा नदी पर पहली बार पानी की झलक देखने को मिली है। नदी में बहते पानी का मनमोहक दृश्य स्थानीय लोगों के लिए बड़ी खुशी लेकर आया है। बरसात के इस खूबसूरत नज़ारे को देखने और इसका आनंद लेने के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में पुल पर पहुंचे। क्षेत्र में हुई इस अच्छी बारिश से किसानों में नई उम्मीद जगी है। जलस्रोतों में पानी की आवक शुरू होने से आने वाले दिनों में खेती और पेयजल व्यवस्था दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- राजसमंद जिले में पिछले दो दिनों से हुई अच्छी बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। अधिकांश किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई पहले ही कर दी थी, लेकिन बारिश न होने से फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। अब समय पर हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है और फसलों की अच्छी बढ़वार की उम्मीद है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य का 84 प्रतिशत यानी 80,075 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जिसमें सबसे अधिक 55,900 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का बोया गया है। हाल की बारिश के बाद कई किसान अब बुवाई शुरू करेंगे। जिले में मंगलवार रात से मानसून की प्रभावी शुरुआत हुई है, जिसके बाद सभी ब्लॉकों में औसतन 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। आमेट में सबसे अधिक 65 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रेलमगरा, भीम, कुंवारिया और सरदारगढ़ क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रहती है, तो मक्का सहित अन्य खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा। जिला कंट्रोल रूम के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में औसतन 160 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में फिलहाल कम है, लेकिन मानसून का अधिकांश समय शेष है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर कृषि के साथ-साथ जिले के जल स्रोतों की स्थिति में भी सुधार होने की संभावना जताई जा रही है।1
- राजसमंद में मानसून की पहली बारिश के बाद खेतों की रौनक फिर से लौट आई है। क्षेत्र में बीते तीन दिनों से लगातार रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। इस बारिश से पूर्व में बोई गई फसलों को नया जीवनदान मिला है, जबकि कुछ इलाकों के खेतों में अब नया बीज डाल दिया गया है। तीन दिनों की इस बारिश के बाद राजसमंद के खेतों में एक बार फिर रौनक लौट आई है।1
- न्यूज़।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।,।।।।।।।।।।।1
- उदयपुर जिले के विठोली गांव के घने आबादी वाले इलाके में पैंथर की दस्तक से ग्रामीणों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है। बीती रात कैलाश चंद्र पिता माधव लाल पालीवाल के बाड़े में बंधी गाय पर पैंथर ने अचानक हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। यह घटना गांव के बीचों-बीच घनी बस्ती में हुई, जिससे सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रिहाइशी इलाके में पैंथर के इस हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।1