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*लखीमपुर खीरी में तेंदुए का आतंक घर से उठा ले गया महिला को खेत में मिला शव* *निघासन क्षेत्र के सहिजना गांव में दर्दनाक हादसा चारपाई पर बैठी महिला पर तेंदुए का हमला* *आदमखोर तेंदुए का खौफ इस घटना से दहशत में ग्रामीण* *घर के अंदर घात लगाए बैठा तेंदुआ महिला को बना डाला शिकार* *लखीमपुर खीरी में फिर मौत का तांडव तेंदुए के हमले से महिला की गई जान* *महिला को घर से घसीट ले गया तेंदुआ खेत में मिला क्षत विक्षत शव* *लगातार हमलों से सहमा इलाका वन विभाग पर उठे सवाल* *जबकि की दिन रात रेंजर भूपेंद्र चौधरी एसडीओ मनोज तिवारी की सक्रिय टीमो के बावजूद भी नहीं रुक रहे हमले ग्रामीणों में आक्रोश* *सहिजना गांव में तेंदुए का खौफ गांव में पसरा सन्नाटा लोग घरों में कैद* *रेंजर और SDO की टीम मौके पर लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कब थमेगा तेंदुए का आतंक*
Sanjay Kumar
*लखीमपुर खीरी में तेंदुए का आतंक घर से उठा ले गया महिला को खेत में मिला शव* *निघासन क्षेत्र के सहिजना गांव में दर्दनाक हादसा चारपाई पर बैठी महिला पर तेंदुए का हमला* *आदमखोर तेंदुए का खौफ इस घटना से दहशत में ग्रामीण* *घर के अंदर घात लगाए बैठा तेंदुआ महिला को बना डाला शिकार* *लखीमपुर खीरी में फिर मौत का तांडव तेंदुए के हमले से महिला की गई जान* *महिला को घर से घसीट ले गया तेंदुआ खेत में मिला क्षत विक्षत शव* *लगातार हमलों से सहमा इलाका वन विभाग पर उठे सवाल* *जबकि की दिन रात रेंजर भूपेंद्र चौधरी एसडीओ मनोज तिवारी की सक्रिय टीमो के बावजूद भी नहीं रुक रहे हमले ग्रामीणों में आक्रोश* *सहिजना गांव में तेंदुए का खौफ गांव में पसरा सन्नाटा लोग घरों में कैद* *रेंजर और SDO की टीम मौके पर लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कब थमेगा तेंदुए का आतंक*
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- *निघासन क्षेत्र के सहिजना गांव में दर्दनाक हादसा चारपाई पर बैठी महिला पर तेंदुए का हमला* *आदमखोर तेंदुए का खौफ इस घटना से दहशत में ग्रामीण* *घर के अंदर घात लगाए बैठा तेंदुआ महिला को बना डाला शिकार* *लखीमपुर खीरी में फिर मौत का तांडव तेंदुए के हमले से महिला की गई जान* *महिला को घर से घसीट ले गया तेंदुआ खेत में मिला क्षत विक्षत शव* *लगातार हमलों से सहमा इलाका वन विभाग पर उठे सवाल* *जबकि की दिन रात रेंजर भूपेंद्र चौधरी एसडीओ मनोज तिवारी की सक्रिय टीमो के बावजूद भी नहीं रुक रहे हमले ग्रामीणों में आक्रोश* *सहिजना गांव में तेंदुए का खौफ गांव में पसरा सन्नाटा लोग घरों में कैद* *रेंजर और SDO की टीम मौके पर लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कब थमेगा तेंदुए का आतंक*1
- Post by Mandeep Singh1
- Post by साइना2
- गौरीफंटा-खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बाजारों की रौनक अब पूरी तरह गायब हो चुकी है और व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नेपाल सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए सख्त सीमा शुल्क नियमों का असर जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से कोतवाली गौरीफंटा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनगंवा बाजार में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस बाजार में पहले सुबह से शाम तक नेपाली ग्राहकों की भारी भीड़ रहती थी और पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी, वहां अब सड़कें और दुकानें सूनी नजर आ रही हैं।इस बदलाव की मुख्य वजह नेपाल सरकार का वह नया फैसला है,जिसके तहत अब भारतीय बाजार से महज 100 रुपये से अधिक का सामान नेपाल ले जाने पर सीमा शुल्क यानी भंसार देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद से नेपाली ग्राहकों ने भारतीय बाजारों में आना लगभग बंद कर दिया है, क्योंकि छोटे-मोटे घरेलू सामान की खरीदारी पर भी उन्हें अब भारी टैक्स चुकाना पड़ रहा है और घंटों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। बनगंवा बाजार की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि यहां के व्यापार का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से नेपाल से आने वाले ग्राहकों पर ही निर्भर था। बाजार के दुकानदारों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे पूरे दिन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं और बोहनी तक के लाले पड़ रहे हैं।व्यापारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि बिक्री ठप होने के कारण अब दुकान का किराया, बिजली का बिल और दैनिक खर्च निकालना भी नामुमकिन होता जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहले उनकी दुकानों पर दिन भर ग्राहकों का तांता लगा रहता था, जिससे न केवल उनका घर चलता था बल्कि बाजार में अच्छी-खासी चहल-पहल रहती थी। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर नेपाल सरकार ने अपना यह फैसला वापस नहीं लिया या इसमें ढील नहीं दी, तो उन्हें मजबूर होकर व्यापार बंद करना पड़ेगा और पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। बनगंवा के साथ-साथ सीमा से सटे अन्य छोटे-बड़े बाजारों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अब दोनों देशों की सरकारों से इस गंभीर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकें और लोगों की रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके।3
- पंचायती राज दिवस पर ऐप्जा के बैनर तले एकत्र हुए सैकड़ों पत्रकार [ ब्यूरों रिपोर्ट... राजीव खत्री ] *पत्रकार हितों को लेकर ऐप्जा चीफ कोआर्डिनेटर अनुराग सारथी ने भरी हुंकार* *कई पंचायत के जनप्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित* लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सभागार में ऐप्जा (ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन) द्वारा आयोजित भव्य संगोष्ठी और सम्मान समारोह में पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद की गई। इस अवसर पर संगठन का विस्तार करते हुए जिला मीडिया प्रभारी अजय शुक्ला (मटौली) को जोनल कोआर्डिनेटर, तहसील उपाध्यक्ष गोला कृष्णमोहन मिश्रा को जिला मीडिया प्रभारी और सूर्य प्रकाश मिश्रा को सर्वसम्मति से गोला तहसील का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस दौरान ऐप्जा चीफ कोआर्डिनेटर अनुराग सारथी ने मीडिया निर्वाचन क्षेत्र सहित जनहित के लिए गारण्टेड अधिकार आयोग के गठन की मांग पर जोर दिया। श्री सारथी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक सशक्त आयोग का गठन होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा की ऐप्जा से जुड़े पत्रकार के मान-सम्मान के साथ कोई खिलवाड़ नही किया जाएगा। स्टेट कोआर्डिनेटर विनोद शुक्ला ने पत्रकार हितों को लेकर ऐप्जा के संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया और सभी पत्रकारों से संगठन से जुड़कर एकजुट रजनी को कहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद ब्लॉक प्रमुख फूलबेहड़ विश्वनाथ सिंह ने लोकतंत्र में पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान की बात कही। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है। विशिष्ट अतिथि अरनीखाना सहकारी समिति के अध्यक्ष अशोक अवस्थी ने कहा कि एक पत्रकार समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक और शासन की योजनाओं को जनता तक बिना वेतन के पहुंचाता है। ऐप्जा जिला अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि संगठन का एक मात्र लक्ष्य जनपद के हर पत्रकार का मान-सम्मान सुरक्षित करना है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी पत्रकारों से एकजुट रहने की अपील की। कार्यक्रम में कई पंचायत प्रतिनिधियों (प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों) का माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संगठन के जिला प्रवक्ता डॉ. पीयूष शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में नव मनोनीत जोनल कोआर्डिनेटर अजय शुक्ला (मटौली), बरेली मंडल अध्यक्ष अनुज सक्सेना, जोनल सचिव अखिलेश शुक्ला, जिला मुख्य महासचिव सुरजीत सिंह चानी, जिला संरक्षक रविसुत शुक्ला, हाजी हसीब खान, जिला अध्यक्ष पीलीभीत अभिषेक पांडेय, जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, शेरअली खान, ओम नारायण शुक्ला, दिनेश सिंह सोमवंशी, जिला संगठन मंत्री डीपी आर्या, लोक सारथी बोर्ड जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी कृष्णमोहन मिश्रा, प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष सुमित तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष बांकेगंज हरजिंदर सिंह, महामंत्री आसिफ अंसारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष खीरी नीरज सिंह, तहसील अध्यक्ष मितौली विष्णु प्रताप सिंह, नवमनोनीत तहसील अध्यक्ष गोला सूर्य प्रकाश मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष फूलबेहड़ सिरताज अली, ब्लॉक अध्यक्ष ईसानगर फारुख अख्तर, महामंत्री सलमान खान, उपाध्यक्ष अमित तिवारी, संगठन मंत्री पंकज शर्मा, पत्रकार पूर्णानन्द बाजपेई, आशीष तिवारी, राजेश कश्यप, मोहम्मदी तहसील महामंत्री गोपाल तिवारी, उपाध्यक्ष महेश श्रीवास्तव, रवि त्रिपाठी, रिजवान सिद्दीकी, मतीन अहमद, बरकत अली अंसारी, नागेंद्र प्रताप शुक्ला, बृज किशोर गौतम, अशफाक, मो0 सईद, शिखा अवस्थी, अनूप शुक्ला, बलराम पांडेय, आशीष पांडेय, पप्पू भाई, आशीष गुप्ता व नितिन गुप्ता सहित सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।3
- सुबह होते ही चार चार घंटे तपती धूप में खड़े होकर पेट्रोल पंप पर डीजल पेट्रोल लेने जाते हैं जब नंबर आता है तो पेट्रोल पंप वाले कहते हैं खत्म हो गया।1
- Post by FH.NEWS1
- Post by Mandeep Singh1
- पालिया-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में पड़ रही भीषण गर्मी से इन दिनों वन्य जीव भी काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। प्यास बुझाने और शरीर को ठंडा रखने के लिए जंगल के जानवर जलाशयों और वाटर होल की तलाश में भटक रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर दुधवा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें जंगल के दो सबसे ताकतवर जीवों का आमना-सामना होते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो करीब तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हाथियों का एक झुंड गर्मी से राहत पाने के लिए जंगल में बने एक वाटर होल में नहा रहा था। इसी दौरान एक टाइगर भी घूमता हुआ वहां पहुंच गया, लेकिन हाथियों ने उसे वहां टिकने नहीं दिया और खदेड़ दिया। दरअसल, गाइड राजू अपने ड्राइवर साथी के साथ पर्यटकों को लेकर जंगल सफारी पर निकले थे। सफारी के दौरान जब वे वाटर होल के पास पहुंचे, तो पर्यटकों को यह अद्भुत नजारा देखने को मिला। हाथियों का झुंड पानी में अठखेलियां कर रहा था, तभी वहां अचानक टाइगर के आ जाने से माहौल रोमांचक हो गया। जैसे ही टाइगर हाथियों के करीब आने लगा, एक हाथी ने उसे वहां से खदेड़ दिया ।हाथियों का कड़ा रुख देखकर टाइगर वहां से चुपचाप पीछे हट गया। पर्यटकों के लिए यह दृश्य किसी रोमांच से कम नहीं था, जिसे उन्होंने अपने कैमरों में कैद कर लिया। गर्मी के इस मौसम में वन्य जीवों की ऐसी गतिविधियों ने पर्यटकों को काफी रोमांचित किया है।1