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बिहार के दरभंगा जिले में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के पाँच जवान घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एक बस की चपेट में आने से ये जवान चोटिल हो गए।
Darpan24 News
बिहार के दरभंगा जिले में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के पाँच जवान घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एक बस की चपेट में आने से ये जवान चोटिल हो गए।
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- यह एक विचारणीय प्रश्न उठाया गया है कि क्या अभिभावक के रूप में हम अनजाने में ही अपने बच्चों के आत्मबल और प्रेरणा को चोट पहुँचा रहे हैं। यह सवाल सकारात्मक अभिभावकत्व, बच्चों के सही विकास, और उनकी मानसिक प्रेरणा को बनाए रखने के महत्व पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करता है, ताकि हम उन्हें उचित देखभाल और प्यार दे सकें और उनका समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।1
- मुजफ्फरपुर जिले के गैघाट स्थित जरंग मलह टोली में एक सड़क पिछले एक साल से बदहाल स्थिति में है। शिकायत के अनुसार, प्रशासन ने कभी इस सड़क की मरम्मत नहीं करवाई है। इसे देखते हुए संबंधित सड़क को जल्द से जल्द बनवाने की अपील की गई है।2
- खान सर ने हाल ही में 'पूरा सच' क्या है, इस विषय पर अपनी बात रखी है। ईलमासनगर टुडे पर साझा किया गया उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विशेष रूप से, 'युद्ध' और प्रेरणा से संबंधित रीलों में यह सामग्री काफी चर्चा में है, जिसे एक ट्रेंडिंग वीडियो के तौर पर देखा जा रहा है।1
- ऐपवा की जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि बिहार में बेटियां लगातार असुरक्षित महसूस कर रही हैं, और महिलाओं तथा छात्राओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं बेहद alarming हैं। उन्होंने मांग की कि मृत छात्रा के मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उन्हें कठोर सजा दी जाए। सिंह ने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 2 जून को समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड के भगीरथपुर में एक 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके अगले ही दिन, 3 जून को आदर्शनगर की एक छात्रा का शव पंखे से लटका हुआ मिला। ऐपवा का कहना है कि ऐसी घटनाएं राज्य में बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ी करती हैं। ऐपवा नेत्री प्रीति राय पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि ऐपवा संगठन पीड़ित बेटियों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करेगा।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, जिला गंगा समिति नमामि गंगे और वन विभाग, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में मधुबनी के गुड्डीगाछी, अम्बेडकर नगर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए "पर्यावरण एवं जल संरक्षण में आपकी भूमिका" विषय पर चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष बिन्दु गुलाब यादव, विशिष्ट अतिथि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार और डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष बिन्दु गुलाब यादव ने पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बताया और बच्चों में जागरूकता विकसित करने को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम कहा। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रमों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वनों के क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार ने पृथ्वी को हरा-भरा रखने के लिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण को भी आवश्यक बताया, जबकि डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को पूरक बताते हुए बच्चों और युवाओं की भागीदारी से स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यवहार अपनाने का आग्रह भी किया। प्रतियोगिताओं के परिणामों में, निबंध लेखन में हरेकृष्ण कुमार ने प्रथम, अजयप्रकाश कुमार ने द्वितीय, सचिदानंद ने तृतीय और तुलसी कुमारी ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में अनुज कुमार प्रथम, विशाल कुमार द्वितीय, मुस्कान कुमारी तृतीय और मैरी प्रिंस कला चतुर्थ स्थान पर रहीं। सभी सफल प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि सभी भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इसी क्रम में, पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मंटू कुमार, पवन कुमार सिंह, अमित कुमार चौधरी, ललित कुमार और सन्नी कुमार को 'पर्यावरण मित्र सम्मान' से नवाजा गया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह द्वारा किया गया, जिसमें परिसर पदाधिकारी अनूप कुमार, वनरक्षी विवेक कुमार, मनीष रंजन दस, कुणाल कुमार और दीपक कुमार सहित कई अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व पर्यावरण दिवस का यह आयोजन जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का उत्सव बन गया, जहां छात्रों की रचनात्मक प्रतिभा और पर्यावरण प्रेमी दोनों को सम्मानित किया गया और चित्रकला व निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।4
- मधुबनी जिले के बिस्फी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े एक मामले में, पांच बच्चों की दुखद मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। इस हृदय विदारक घटना के बावजूद, बिस्फी के विधायक आसिफ पर बेदर्द होने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों में विधायक के प्रति रोष है क्योंकि इस गंभीर स्थिति में भी उन्होंने अभी तक पीड़ित परिवारों से कोई बातचीत नहीं की है, जिससे उनके प्रति नकारात्मक भावनाएँ उमड़ रही हैं।1
- छात्र नेता दिलीप कुमार ने खान सर की तत्काल गिरफ्तारी और रौशन आनंद सर की रिहाई की मांग की है। इसी संदर्भ में उन्होंने पेपर लीक मामले की भी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मधुबनी में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुमन प्रसाद साह ने वन विभाग द्वारा तैयार पर्यावरण जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ का मुख्य उद्देश्य आमजन को पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर डीडीसी सुमन प्रसाद साह ने जोर देते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते जल स्रोतों के मौजूदा हालात में पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डीडीसी ने बताया कि यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा। वनों के क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार ने भी पुष्टि की कि रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों में पर्यावरण संरक्षण, जल जीवन हरियाली, स्वच्छता एवं जैव विविधता संरक्षण से संबंधित संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। डीआरडीए निदेशक सैय्यद सरफराजुद्दीन ने इस पहल को नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों से जोड़ते हुए कहा कि इसका लक्ष्य केवल नदियों की स्वच्छता नहीं, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। वहीं, डीपीओ आनंद अंकित ने लोगों से जल की एक-एक बूंद के संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण के संकल्प को अपनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। इस कार्यक्रम में वनों डीपीओ मनरेगा अशोक कुमार राय, वन विभाग के परिसर पदाधिकारी अनूप कुमार, वनरक्षी विवेक कुमार, नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन, जल जीवन हरियाली के रिशु कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।2
- मोर्चा के नेताओं ने समस्तीपुर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्थानों के वर्षों से बंद पड़े होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इन संस्थानों के बंद होने से जिले के आर्थिक और औद्योगिक विकास पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नेताओं ने स्पष्ट रूप से बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल को तत्काल फिर से चालू करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी मुक्तापुर रामेश्वर जूट मिल को भी चालू करने, उसके विकास और विस्तार की गारंटी देने की अपील की है। इसी क्रम में, दूधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार कर उसे पुनः चालू करने की मांग को भी दोहराया गया है। इन सभी मांगों को लेकर, मोर्चा के नेताओं ने समस्तीपुर के निवासियों से आगामी 15 जून को जिलाधिकारी के समक्ष आयोजित होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने की पुरजोर अपील की है।1