पक्षी सेवा अभियान भीषन गर्मी की तपन और बढ़ते तापमान को देखते हुए बाविशा ब्राह्मण समाज की महिला बी सी ग्रुप द्वारा एक अनोखा कदम *पक्षी सेवा अभियान भीषण गर्मी की तपन और बढ़ते तापमान को देखते हुए बावीशा ब्राह्मण समाज महिला मंडल बी सी ग्रुप ने बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से एक अत्यंत मानवीय पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान सनावद। मंडल के सदस्यों ने सामूहिक रूप से शहर के में विभिन्न क्षेत्रों में सकोरे मिट्टी के पत्र वितरित किए बढ़ती गर्मी जहां इंसान अपने लिए पानी कर प्रबंध कर लेता है वही बेजुबान पक्षी पानी की तलाश में भटकते रहते हैं इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला मंडल ने निम्नलिखित पारिस्थितिक तंत्र में पक्षियों की भूमिका के प्रति जागरूकता जीव दया प्राणी मात्र दया पर के संस्कार समाज को फैलाना सामुदायिक सहभागिता समाज की महिलाओं में एक मनचलाकर सेवा कार्यों को जोड़ना मंडल की पदाधिकारी ने बताया कि केवल सकोरो बांटना पर्याप्त नहीं बल्कि प्रतिदिन उन्हें साफ करें स्वच्छ पानी भरे बिल्ली या अन्य शिकारी पक्षी उनकी पहुंच तक न पहुंच पाए ऐसी व्यवस्था रखें महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया आयोजन में समाजसेवी मंगल पुजारी ने कहा कि भारत के पारंपरिक खेलों को हमेशा विशेष महत्व द्वारा लेकिन पीढ़ी से उन्हें लगातार दूर होती जा रही दिल्ली डंडा कबड्डी को को जैसे खेल धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं जैसे बच्चों को होना शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल रास्ते और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं जबकि पाश्चात्य खेल आर्थिक रूप से मांगे साबित होते जा रहे उन्होंने यह भी कहा कि जीवन की कठिनाइयों का सामना वही व्यक्ति कर कर सकता है जिसका स्वर्णिम विकास हुआ है खिलाड़ी कभी हार नहीं मानता और हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुए सफलता प्राप्त करें इस दौरान शिक्षा का अंतरिक त्रिवेदी ने बताया कि भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी दाना रखने की अपील की उन्होंने छत बालकनी खिड़की पर मिट्टी के स्कोर को स्वच्छ पानी में रखने तथा प्रतिदिन बदलने की बात कही उन्होंने 25 सांपों में वितरित किए और सभी पक्षियों के लिए दाना पानी व्यवस्था करने का आग्रह किया ग्रहणी लता कानूनगो ने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो देखते देखते हैं इसलिए संस्कारों की शुरुआत घर से ही होती है स्कूल में उनका विकास होता है उन्होंने नैतिक शिक्षा अनुशासन करना और सहयोग जैसे मूल्य जीवाणुओं को अपनी जोड़ दिया साथी बच्चों को रामायण भागवत गीता और महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथो से जोड़ने की बात कही शिक्षण कम होना व्यस्त ने कहा की पुस्तक के केवल कागज नहीं बल्कि ज्ञान और अनुभव का खजाना होती है वह हमें प्रेरित करती है कि हमारे व्यक्तित्व का विकास करती है उन्होंने कहा की पुस्तक हमारे सच्चे मित्र होती है और ज्ञान बांटने और बढ़ने से बढ़ता है इस कार्यक्रम में अन्य गणमान्य महिलाएं मौजूद थी पुष्पा त्रिवेदी मालिनी दुबे सोनू शर्मा ज्योति शर्मा रेखा जोशी संगीता जायसवाल शिवानी कनपुरिया सहित बड़ी संख्या में महिला उपस्थित
पक्षी सेवा अभियान भीषन गर्मी की तपन और बढ़ते तापमान को देखते हुए बाविशा ब्राह्मण समाज की महिला बी सी ग्रुप द्वारा एक अनोखा कदम *पक्षी सेवा अभियान भीषण गर्मी की तपन और बढ़ते तापमान को देखते हुए बावीशा ब्राह्मण समाज महिला मंडल बी सी ग्रुप ने बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से एक अत्यंत मानवीय पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान सनावद। मंडल के सदस्यों ने सामूहिक रूप से शहर के में विभिन्न क्षेत्रों में सकोरे मिट्टी के पत्र वितरित किए बढ़ती गर्मी जहां इंसान अपने लिए पानी कर प्रबंध कर लेता है वही बेजुबान पक्षी पानी की तलाश में भटकते रहते हैं इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला मंडल ने निम्नलिखित पारिस्थितिक तंत्र में पक्षियों की भूमिका के प्रति जागरूकता जीव दया प्राणी मात्र दया पर के संस्कार समाज को फैलाना सामुदायिक सहभागिता समाज की महिलाओं में एक मनचलाकर सेवा कार्यों को जोड़ना मंडल की पदाधिकारी ने बताया कि केवल सकोरो बांटना पर्याप्त नहीं बल्कि प्रतिदिन उन्हें साफ करें स्वच्छ पानी भरे बिल्ली या अन्य शिकारी पक्षी उनकी पहुंच तक न पहुंच पाए ऐसी व्यवस्था रखें महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया आयोजन में समाजसेवी मंगल पुजारी ने कहा कि भारत के पारंपरिक खेलों को हमेशा विशेष महत्व द्वारा लेकिन पीढ़ी से उन्हें लगातार दूर होती जा रही दिल्ली डंडा कबड्डी को को जैसे खेल धीरे-धीरे लुप्त होते
जा रहे हैं जैसे बच्चों को होना शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल रास्ते और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं जबकि पाश्चात्य खेल आर्थिक रूप से मांगे साबित होते जा रहे उन्होंने यह भी कहा कि जीवन की कठिनाइयों का सामना वही व्यक्ति कर कर सकता है जिसका स्वर्णिम विकास हुआ है खिलाड़ी कभी हार नहीं मानता और हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुए सफलता प्राप्त करें इस दौरान शिक्षा का अंतरिक त्रिवेदी ने बताया कि भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी दाना रखने की अपील की उन्होंने छत बालकनी खिड़की पर मिट्टी के स्कोर को स्वच्छ पानी में रखने तथा प्रतिदिन बदलने की बात कही उन्होंने 25 सांपों में वितरित किए और सभी पक्षियों के लिए दाना पानी व्यवस्था करने का आग्रह किया ग्रहणी लता कानूनगो ने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो देखते देखते हैं इसलिए संस्कारों की शुरुआत घर से ही होती है स्कूल में उनका विकास होता है उन्होंने नैतिक शिक्षा अनुशासन करना और सहयोग जैसे मूल्य जीवाणुओं को अपनी जोड़ दिया साथी बच्चों को रामायण भागवत गीता और महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथो से जोड़ने की बात कही शिक्षण कम होना व्यस्त ने कहा की पुस्तक के केवल कागज नहीं बल्कि ज्ञान और अनुभव का खजाना होती है वह हमें प्रेरित करती है कि हमारे व्यक्तित्व का विकास करती है उन्होंने कहा की पुस्तक हमारे सच्चे मित्र होती है और ज्ञान बांटने और बढ़ने से बढ़ता है इस कार्यक्रम में अन्य गणमान्य महिलाएं मौजूद थी पुष्पा त्रिवेदी मालिनी दुबे सोनू शर्मा ज्योति शर्मा रेखा जोशी संगीता जायसवाल शिवानी कनपुरिया सहित बड़ी संख्या में महिला उपस्थित
- *पक्षी सेवा अभियान भीषण गर्मी की तपन और बढ़ते तापमान को देखते हुए बावीशा ब्राह्मण समाज महिला मंडल बी सी ग्रुप ने बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से एक अत्यंत मानवीय पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान सनावद। मंडल के सदस्यों ने सामूहिक रूप से शहर के में विभिन्न क्षेत्रों में सकोरे मिट्टी के पत्र वितरित किए बढ़ती गर्मी जहां इंसान अपने लिए पानी कर प्रबंध कर लेता है वही बेजुबान पक्षी पानी की तलाश में भटकते रहते हैं इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला मंडल ने निम्नलिखित पारिस्थितिक तंत्र में पक्षियों की भूमिका के प्रति जागरूकता जीव दया प्राणी मात्र दया पर के संस्कार समाज को फैलाना सामुदायिक सहभागिता समाज की महिलाओं में एक मनचलाकर सेवा कार्यों को जोड़ना मंडल की पदाधिकारी ने बताया कि केवल सकोरो बांटना पर्याप्त नहीं बल्कि प्रतिदिन उन्हें साफ करें स्वच्छ पानी भरे बिल्ली या अन्य शिकारी पक्षी उनकी पहुंच तक न पहुंच पाए ऐसी व्यवस्था रखें महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया आयोजन में समाजसेवी मंगल पुजारी ने कहा कि भारत के पारंपरिक खेलों को हमेशा विशेष महत्व द्वारा लेकिन पीढ़ी से उन्हें लगातार दूर होती जा रही दिल्ली डंडा कबड्डी को को जैसे खेल धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं जैसे बच्चों को होना शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल रास्ते और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं जबकि पाश्चात्य खेल आर्थिक रूप से मांगे साबित होते जा रहे उन्होंने यह भी कहा कि जीवन की कठिनाइयों का सामना वही व्यक्ति कर कर सकता है जिसका स्वर्णिम विकास हुआ है खिलाड़ी कभी हार नहीं मानता और हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुए सफलता प्राप्त करें इस दौरान शिक्षा का अंतरिक त्रिवेदी ने बताया कि भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी दाना रखने की अपील की उन्होंने छत बालकनी खिड़की पर मिट्टी के स्कोर को स्वच्छ पानी में रखने तथा प्रतिदिन बदलने की बात कही उन्होंने 25 सांपों में वितरित किए और सभी पक्षियों के लिए दाना पानी व्यवस्था करने का आग्रह किया ग्रहणी लता कानूनगो ने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो देखते देखते हैं इसलिए संस्कारों की शुरुआत घर से ही होती है स्कूल में उनका विकास होता है उन्होंने नैतिक शिक्षा अनुशासन करना और सहयोग जैसे मूल्य जीवाणुओं को अपनी जोड़ दिया साथी बच्चों को रामायण भागवत गीता और महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथो से जोड़ने की बात कही शिक्षण कम होना व्यस्त ने कहा की पुस्तक के केवल कागज नहीं बल्कि ज्ञान और अनुभव का खजाना होती है वह हमें प्रेरित करती है कि हमारे व्यक्तित्व का विकास करती है उन्होंने कहा की पुस्तक हमारे सच्चे मित्र होती है और ज्ञान बांटने और बढ़ने से बढ़ता है इस कार्यक्रम में अन्य गणमान्य महिलाएं मौजूद थी पुष्पा त्रिवेदी मालिनी दुबे सोनू शर्मा ज्योति शर्मा रेखा जोशी संगीता जायसवाल शिवानी कनपुरिया सहित बड़ी संख्या में महिला उपस्थित2
- Post by प्रभु रंसोरे1
- Post by Masood Javed Qadri1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि *सद्भावना मंच के आमने-सामने कार्यक्रम में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता खिलाड़ी* खंडवा। अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर माली कुआं स्थित सदभावना मंच कार्यालय पर कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुमारी माधुरी पटेल, मेघना, पारुल, मंच के "आमने-सामने" कार्यक्रम में पहुंचे। यह जानकारी देते हुए मंच प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस विकास और शांति के लिए मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने में खेलों की शक्ति को मान्यता देता है। इस मौके पर कुमारी माधुरी पटेल, चैतन गोहर, ब्लाक कोडिनेटर आशीष जैसवाल, शैख अमिन का मंच सदस्यों व्दारा शाल श्री फल भेटकर सम्मान किया गया। संस्थापक प्रमोद जैन नेे कहा कि मैं यह बात कहते हुए गर्व महसूस कर रहा हूँ कि यह खंडवा नगर के लिए सौभाग्य की बात है कि आज जिले की बेटियां राष्ट्रीय स्तर ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खंडवा जिले का नाम रोशन कर रहीं हैं। इस मौके पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, एनके दवे, त्रिलोक चौधरी, देवैंद्र जैन, गणेश भावसार, चैतन गोहर, ब्लाक कोडिनेटर आशीष जैसवाल, शैख अमिन, अनूप शर्मा, ओम पिल्ले, निर्मल मंगवानी, डा. एमएम कुरैशी, कमल नागपाल, आकांक्षा सिसोदिया, रवि हिंडोंन, राधेश्याम शाक्य, कैलाश पटेल, सुभाष मीणा आदि सहित बड़ी संख्या में उपस्थित मंच सदस्यों ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए अपने प्रश्नों से जिज्ञासा शांत की।1
- बड़वानी। शहर के पाटी नाका स्थित चौराहे का नाम “श्री परशुराम चौराहा” रखने की मांग को लेकर सर्व ब्राह्मण समाज बड़वानी द्वारा नगरपालिका परिषद को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में क्षेत्रीय समाजजनों की भावनाओं का उल्लेख करते हुए चौराहे का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर करने की मांग की गई। सर्व ब्राह्मण समाज के नेतृत्व में यह आवेदन नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान को दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि रानीपुरा क्षेत्र ब्राह्मण समाज बाहुल्य क्षेत्र है और पाटी नाका चौराहा इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस चौराहे का नाम “श्री परशुराम चौराहा” रखा जाना उचित होगा। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मांग लंबे समय से समाज की बैठकों में उठाई जा रही है और अब इसे लेकर सभी संगठनों ने एकजुट होकर पहल की है। ज्ञापन में चौराहे पर नाम का बोर्ड लगाने की अनुमति भी मांगी गई है। इस दौरान सर्व ब्राह्मण समाज, श्री जम्बू ब्राह्मण समाज पंचायती ट्रस्ट, श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज, महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण समाज, परशुराम कल्याण बोर्ड और उत्तर भारतीय ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समाजजनों ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेकर समाज की भावना के अनुरूप चौराहे का नामकरण करने की मांग की है।1
- Post by Danish Raza Khan1
- महू अनाज मंडी किसानों का आक्रोश दिखाई दिया गेहूं का कम भाव मिलन से किसान नाराज दिखाई दिए2
- Post by Masood Javed Qadri1