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उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडे जी ने एक पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा कुटिया चित्र से शुरू होकर गंज गांगुली होते हुए कंधरावा चौराहा तक पहुंची, जिसकी कुल दूरी 12 किलोमीटर थी। इस पदयात्रा में डीजे बाजे के साथ लाखों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थित लोगों में भाजपा के मंडल अध्यक्ष आशीष तिवारी, अभिलाष चंद्र कौशल, आलोक उपाध्याय, अनुज पांडे, कैलाश शंकर तिवारी (मुन्ना भैया), डॉ. शिव त्रिपाठी, सारा समय के प्रबंधक सूरज शुक्ला, अनुभव सिंह, और कंधरावन ग्राम सभा के प्रधान पवन शामिल थे।
Anubhav Singh
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडे जी ने एक पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा कुटिया चित्र से शुरू होकर गंज गांगुली होते हुए कंधरावा चौराहा तक पहुंची, जिसकी कुल दूरी 12 किलोमीटर थी। इस पदयात्रा में डीजे बाजे के साथ लाखों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थित लोगों में भाजपा के मंडल अध्यक्ष आशीष तिवारी, अभिलाष चंद्र कौशल, आलोक उपाध्याय, अनुज पांडे, कैलाश शंकर तिवारी (मुन्ना भैया), डॉ. शिव त्रिपाठी, सारा समय के प्रबंधक सूरज शुक्ला, अनुभव सिंह, और कंधरावन ग्राम सभा के प्रधान पवन शामिल थे।
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- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने देवरिया के स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया के परिवार से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी है। इस दुख की घड़ी में उन्होंने परिवार को हर संभव साथ का भरोसा भी दिलाया। शिवानंद चौरसिया उन तीन भारतीय नाविकों में शामिल थे जिन्होंने ट्रम्प के आदेश पर हुए अमेरिकी हमले में अपनी जान गंवा दी थी। परिवार की प्रमुख मांगें हैं कि शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए, परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन करे और परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।1
- उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग के एक जवान द्वारा रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा करने की ज़िद को लेकर विवाद पैदा हो गया। यह घटना तब हुई जब जवान सेक्टर-62 से पिलखुआ तक बिना टिकट यात्रा करना चाहता था, जिस पर बस कर्मियों और उसके बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बस का संचालन कुछ समय के लिए रुक गया, जिससे बस में बैठे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जवान मुफ्त यात्रा की अपनी मांग पर अड़ा रहा, जबकि बस कर्मी उसे नियमों का हवाला देते रहे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है, और फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।1
- रायबरेली के टेकारी ग्राम व पोस्ट में लगभग 27 वर्षीय निशा की पंखे से करंट लगने के कारण दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब निशा अपने घर के काम करते हुए एक पंखे को उठाकर दूसरी जगह रख रही थीं। इसी दौरान अचानक पंखे में करंट आ गया और वह उनके सिर पर गिर गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, निशा पूरी तरह से बिजली की चपेट में आ चुकी थीं। घर वालों ने तुरंत निशा को इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। निशा की शादी तीन साल पहले हुई थी और उनका एक छोटा सा डेढ़ साल का बच्चा है, जिसे वह छोड़कर चली गईं। इस त्रासदी को देखकर पूरे क्षेत्रवासियों की आँखों से आँसू रुक नहीं रहे हैं।3
- रायबरेली के डलमऊ स्थित मेलखा साहब गांव की निवासी अमृता देवी ने अपनी भूमि से संबंधित कार्यों में महीनों से हो रही देरी और समाधान न मिलने को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। अमृता देवी का आरोप है कि उनकी जमीन से जुड़े मामले, जैसे कि नाप-जोख और अन्य राजस्व संबंधी कार्रवाई, लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान न होने का दावा किया है। अमृता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे धनराशि लेने के बाद भी उनका काम नहीं किया गया। हालांकि, संबंधित लेखपाल सतीश कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी प्रकार की कोई धनराशि नहीं ली है और लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। अमृता देवी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उनकी भूमि की नाप-जोख सुनिश्चित करने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। ग्रामीणों ने भी इस भूमि विवाद के जल्द समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है, क्योंकि लाख कोशिशों के बाद भी महिला को न्याय नहीं मिल रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ में एक नाली लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसमें पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नाली का निर्माण या मरम्मत क्यों नहीं की जा रही है, जिसके कारण उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी चंदे में गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आ गए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी को खून से चिट्ठी लिखकर CBI जांच की मांग की गई है। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या आस्था के नाम पर भक्तों द्वारा चढ़ाया गया धन सुरक्षित है, या फिर दानपेटियों पर भी भ्रष्टाचार की नजर पड़ चुकी है। राम मंदिर के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर चंदा चोरी के आरोपों ने सियासी और धार्मिक हलकों में भूचाल ला दिया है, और यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर भक्तों का पैसा जा कहां रहा है।1
- रायबरेली के खीरों कस्बे स्थित श्री सतनाम संकट मोचन धाम में 18 जून से भव्य रामकथा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए तैयारियां तेज़ हो गई हैं। विजय शर्मा और गुरुदेव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करें।1
- बाराबंकी के हैदरगढ़ तहसील में एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर पिछले ढाई महीने से चल रहे धरने के बीच बुधवार को एक नया विवाद सामने आया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा और हैदरगढ़ के एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा हुआ। एसडीएम ने आरोप लगाया है कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और उनकी मां को गाली दी। एसडीएम के अनुसार, कई दिनों से किसी न किसी मामले में उन्हें परेशान किया जा रहा था और आज कोर्ट परिसर में एक मामले का निस्तारण करके बाहर आने पर अधिवक्ता अचल मिश्रा ने उनके साथ यह अभद्रता की। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि एसडीएम हैदरगढ़, लेखपाल और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर एडीएम, कई थानों की पुलिस और प्रशासन मौजूद रहा। खबर लिखे जाने तक एडीएम बाराबंकी ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक तहसील परिसर के अंदर रहे, जिनकी सुरक्षा में पुलिस प्रशासन लगातार लगा रहा, जबकि बाहर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और मामले में आगे की कार्रवाई तथा जांच का इंतजार है।4